पीएमइंडिया
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज एक संस्कृत सुभाषितम् को साझा किया। इस सुभाषितम में एक सच्चे बुद्धिमान व्यक्ति के विवेक, संयम, दूरदर्शिता और गंभीरता जैसे श्रेष्ठ गुणों का उल्लेख किया गया है।
प्रधानमंत्री ने एक्स पोस्ट में लिखा-
“यस्य कृत्यं न जानन्ति मन्त्रं वा मन्त्रितं परे।
कृतमेवास्य जानन्ति स वै पण्डित उच्यते॥”
जिस व्यक्ति के कार्यों, योजनाओं, गोपनीय विचारों और रणनीतियिों का ज्ञान दूसरों को तब तक नहीं होता, जब तक कि वे सफलतापूर्वक पूर्ण न हो जाएं, ऐसे संयमी, विवेकी और गंभीर व्यक्ति को ही वास्तव में बुद्धिमान कहा जाता है।
यस्य कृत्यं न जानन्ति मन्त्रं वा मन्त्रितं परे।
कृतमेवास्य जानन्ति स वै पण्डित उच्यते॥ pic.twitter.com/rpM8ZG5DKG
— Narendra Modi (@narendramodi) September 1, 2026
********
पीके/केसी/एसएस/एसके
यस्य कृत्यं न जानन्ति मन्त्रं वा मन्त्रितं परे।
— Narendra Modi (@narendramodi) September 1, 2026
कृतमेवास्य जानन्ति स वै पण्डित उच्यते॥ pic.twitter.com/rpM8ZG5DKG