पीएमइंडिया
एकता संकल्प लिया और एकता दिवस परेड में सहभागिता की
भारत अपनी संप्रभुता और अस्मिता की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयारः प्रधानमंत्री
एक मजबूत आत्म निर्भर भारत के लिए 130 करोड़ भारतीय कार्यरतः प्रधानमंत्री
देश की सुरक्षा और सुरक्षा बलों के मनोबल को बढ़ाने के लिए राजनीतिक पार्टियों से आतंकवाद का समर्थन नहीं करने का आग्रह किया
आतंकवाद के बढ़ते खतरे के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से एकजुट होने का आह्वान
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के केवड़िया में लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर आयोजित एकता समारोह में हिस्सा लिया है। उन्होंने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर जाकर पुष्पांजलि अर्पित की और एकता का संकल्प लेते हुए इस मौके पर आयोजित एकता दिवस परेड में भी हिस्सा लिया।
India pays homage to Sardar Patel. Watch from Kevadia. https://t.co/nU3CKUHygg
— Narendra Modi (@narendramodi) October 31, 2020
इस मौके पर प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि केवड़िया के समन्वित विकास के लिए विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया है, जो इस क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने में मददगार साबित होंगे। उन्होंने कहा कि अब पर्यटकों के पास सरदार साहब के दर्शन करने और स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को देखने के लिए समुद्री विमान का विकल्प है।
महर्षि वाल्मीकि द्वारा सांस्कृतिक एकता
प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ सदियों पहले आदिकवि महर्षि वाल्मीकि ने भारत को अधिक प्रगतिशील, ऊर्जावान और सांस्कृतिक रूप से एकीकृत करने के लिए काफी प्रयास किए थे। उन्होंने इस बात पर खुशी जाहिर की कि वाल्मीकि जयंती और एकता दिवस दोनों एक ही दिन हैं और जिस प्रकार देश ने कोरोना महामारी से निपटने के लिए अपनी सामूहिक शक्ति को साबित किया है, वह काफी अभूतपूर्व है।
एकता के नए आयाम
प्रधानमंत्री ने कहा कि अब कश्मीर विकास के नए रास्ते की ओर बढ़ चुका है और उसके विकास में जो बाधाएं आ रही थीं, वह पीछे रह गई है। उन्होंने कहा कि आज देश में एकता के नये आयाम स्थापित किए जा रहे हैं और पूर्वोत्तर राज्यों में शांति की स्थापना के लिए अनेक कदम उठाए गए हैं तथा इस क्षेत्र के विकास के लिए अनेक पहल भी की गई है। उन्होंने कहा कि माननीय उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण देश की सांस्कृतिक प्रतिष्ठा को बनाए रखने का एक प्रयास है और सरदार पटेल ने भी यही सपना देखा था।
आत्म निर्भर भारत
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज 130 करोड़ देशवासी एक साथ मिलकर एक ऐसे राष्ट्र का निर्माण कर रहे हैं, जो बहुत ही मजबूत और सक्षम है और जहां सभी के लिए समानता होनी चाहिए तथा सभी के लिए अवसर भी हैं। एक आत्म निर्भर देश ही अपनी प्रगति और सुरक्षा को लेकर आश्वस्त हो सकता है और रक्षा तथा अनेक क्षेत्रों में देश आत्म निर्भर बनने की राह पर चल रहा है।
सीमावर्ती क्षेत्रों का विकास और भारत की संप्रभुता तथा अस्मिता की सुरक्षा
प्रधानमंत्री ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों के प्रति भारत के दृष्टिकोण और सोच में बदलाव आ चुका है। उन्होंने पड़ोसी देशों की आलोचना करते हुए कहा कि ऐसे देश जो भारत की भूमि पर नजर रख रहे हैं, उन्हें करारा जवाब दिया जा रहा है। सीमावर्ती क्षेत्रों में देश सैकड़ों किलोमीटर सड़कें, दर्जनों पुलों और अनेक सुरंगों का निर्माण कर रहा है, उन्होंने कहा कि आज का भारत अपनी संप्रभुता और अस्मिता की रक्षा करने में पूरी तरह तैयार है।
आतंकवाद के खिलाफ एकता
प्रधानमंत्री ने कहा कि इन प्रयासों के अलावा भारत और विश्व के समक्ष अनेक चुनौतियां हैं, जिनका वे सामना कर रहे हैं। श्री मोदी ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ जिस प्रकार कुछ लोग सामने आए हैं, वह वैश्विक चिंता का विषय है और सभी देशों, सभी सरकारों, सभी धर्मों को आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि शांति, बंधुत्व और एक-दूसरे का सम्मान करने की प्रवृति ही मानवता की वास्तविक पहचान है। प्रधानमंत्री ने कहा कि आतंकवाद-हिंसा से किसी का भी कल्याण नहीं हो सकता है और हमारी विविधता ही हमारा अस्तित्व है और हम इसी वजह से इतने असाधारण हैं। उन्होंने स्मरण दिलाया कि भारत की यही एकता वह शक्ति है, जो दूसरे देशों को झुकाती है और ऐसे देश ही हमारे विविधता को हमारी कमजोरी बनाना चाहते हैं। इसलिए ऐसी ताकतों की पहचान किए जाने की जरूरत है और इनसे सावधान रहना है।
पुलवामा हमला
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज जब वह अर्धसैनिक बलों की परेड देख रहे थे, तो उन्हें पुलवामा हमले की घटना का स्मरण हुआ। देश इस घटना को कभी नहीं भूल सकता है और जिन बहादुर बेटों ने अपनी शहादत दी, उनके प्रति राष्ट्र दुखी है। श्री मोदी ने कहा कि उस घटना को लेकर जिस तरह के बयान दिए गए उन्हें देश कभी नहीं भूलेगा और पड़ोसी देश की संसद में हाल ही में जिस प्रकार के बयान दिए गए हैं वह सच्चाई को सामने ला रहे हैं। उन्होंने देश में द्वेषपूर्ण राजनीति पर खेद व्यक्त किया, जो स्वार्थ और घमंड पर आधारित है। उन्होंने कहा कि पुलवामा हमले के बाद जिस प्रकार की राजनीति की गई, वह इस बात का सबसे बड़ा उदाहरण है कि लोग अपने राजनीतिक हितों के लिए किस सीमा तक जा सकते हैं। उन्होंने ऐसे राजनीतिक दलों से देश की सुरक्षा के हितों के लिए काम करने और सुरक्षा बलों के मनोबल को बढ़ाने की दिशा में काम करने का आग्रह किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जानते हुए या ना जानते हुए आप अपने स्वार्थ के लिए राष्ट्र विरोधी ताकतों के हाथों में खेल रहे हैं और ऐसा करके आप न तो देश के हित में और न ही अपनी पार्टी के हित में काम करने में सक्षम होंगे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि देश के हित ही हम सभी के सर्वोपरि हित होने चाहिए और जब हम प्रत्येक व्यक्तियों के हितों के बारे में सोचेंगे, तभी प्रगति कर सकेंगे।
इससे पहले प्रधानमंत्री ने गुजरात पुलिस, केन्द्रीय आरक्षित सशस्त्र बल, सीमा सुरक्षा बल, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस, केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल और राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड के जवानों की रंगारंग परेड को देखा। इस परेड में सीआरपीएफ की महिला अधिकारियों की राइफल ड्रिल भी शामिल थीं। इस मौके पर भारतीय वायुसेना के जगुआर विमानों ने फ्लाईपास्ट किया। राष्ट्रीय एकता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री ने देश की आदिवासी धरोहर का प्रदर्शन करने वाले एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया।
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एमजी/एएम/जेके/एमएस–
आज सरदार सरोवर से साबरमती रिवर फ्रंट तक सी-प्लेन सेवा का भी शुभारंभ होने जा रहा है।
— PMO India (@PMOIndia) October 31, 2020
सरदार साहब के दर्शन के लिए, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को देखने के लिए देशवासियों को अब सी-प्लेन सर्विस का भी विकल्प मिलेगा।
ये सारे प्रयास इस क्षेत्र में पर्यटन को भी बहुत ज्यादा बढ़ाने वाले हैं: PM
ये भी अद्भुत संयोग है कि आज ही वाल्मीकि जयंती भी है।
— PMO India (@PMOIndia) October 31, 2020
आज हम भारत की जिस सांस्कृतिक एकता का दर्शन करते हैं,
जिस भारत को अनुभव करते हैं,
उसे और जीवंत और ऊर्जावान बनाने का काम सदियों पहले आदिकवि महर्षि वाल्मीकि ने ही किया था: PM
ये आपदा अचानक आयी। इसने पूरे विश्व में मानव जीवन को प्रभावित किया है, हमारी गति को प्रभावित किया।
— PMO India (@PMOIndia) October 31, 2020
लेकिन इस महामारी के सामने देश ने जिस तरह अपने सामूहिक सामर्थ्य को, अपनी सामूहिक इच्छाशक्ति को साबित किया वो अभूतपूर्व है: PM
कश्मीर के विकास में जो बाधायें आ रही थीं, उन्हें पीछे छोडकर अब कश्मीर विकास के नए मार्ग पर बढ़ चुका है।
— PMO India (@PMOIndia) October 31, 2020
चाहे नॉर्थईस्ट में शांति की बहाली हो, या नॉर्थईस्ट के विकास के लिए उठाए जा रहे कदम, आज देश एकता के नए आयाम स्थापित कर रहा है: PM#RashtriyaEktaDiwas
सोमनाथ के पुनर्निर्माण से सरदार पटेल ने भारत के सांस्कृतिक गौरव को लौटाने का जो यज्ञ शुरू किया था, उसका विस्तार देश ने अयोध्या में भी देखा है।
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आज देश राममंदिर पर सुप्रीमकोर्ट के फैसले का साक्षी बना है, और भव्य राममंदिर को बनते भी देख रहा है।#RashtriyaEktaDiwas
आज हम 130 करोड़ देशवासी मिलकर एक ऐसे राष्ट्र का निर्माण कर रहे हैं जो सशक्त भी हो और सक्षम भी हो।
— PMO India (@PMOIndia) October 31, 2020
जिसमें समानता भी हो, और संभावनाएं भी हों: PM#RashtriyaEktaDiwas
आत्मनिर्भर देश ही अपनी प्रगति के साथ साथ अपनी सुरक्षा के लिए भी आश्वस्त रह सकता है।
— PMO India (@PMOIndia) October 31, 2020
इसलिए, आज देश रक्षा के क्षेत्र में भी आत्मनिर्भर बनने की ओर बढ़ रहा है।
इतना ही नहीं, सीमाओं पर भी भारत की नज़र और नज़रिया अब बदल गए हैं: PM
आज भारत की भूमि पर नज़र गड़ाने वालों को मुंहतोड़ जवाब मिल रहा है।
— PMO India (@PMOIndia) October 31, 2020
आज का भारत सीमाओं पर सैकड़ों किलोमीटर लंबी सड़कें बना रहा है, दर्जनों ब्रिज, अनेक सुरंगें बना रहा है।
अपनी संप्रभुता और सम्मान की रक्षा के लिए आज का भारत पूरी तरह तैयार है: PM
प्रगति के इन प्रयासों के बीच, कई ऐसी चुनौतियां भी हैं जिसका सामना आज भारत, और पूरा विश्व कर रहा है।
— PMO India (@PMOIndia) October 31, 2020
बीते कुछ समय से दुनिया के अनेक देशों में जो हालात बने हैं,
जिस तरह कुछ लोग आतंकवाद के समर्थन में खुलकर सामने आ गए हैं,
वो आज वैश्विक चिंता का विषय है: PM
आज के माहौल में,
— PMO India (@PMOIndia) October 31, 2020
दुनिया के सभी देशों को,
सभी सरकारों को,
सभी पंथों को,
आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने की बहुत ज्यादा जरूरत है।
शांति-भाईचारा और परस्पर आदर का भाव ही मानवता की सच्ची पहचान है।
आतंकवाद-हिंसा से कभी भी, किसी का कल्याण नहीं हो सकता: PM
हमारी विविधता ही हमारा अस्तित्व है।
— PMO India (@PMOIndia) October 31, 2020
हम एक हैं तो असाधारण हैं।
लेकिन साथियों, हमें ये भी याद रखना है कि भारत की ये एकता, ये ताकत दूसरों को खटकती भी रहती है।
हमारी इस विविधता को ही वो हमारी कमजोरी बनाना चाहते हैं।
ऐसी ताकतों को पहचानना जरूरी है, सतर्क रहने की जरूरत है: PM
आज यहां जब मैं अर्धसैनिक बलों की परेड देख रहा था, तो मन में एक और तस्वीर थी।
— PMO India (@PMOIndia) October 31, 2020
ये तस्वीर थी पुलवामा हमले की।
देश कभी भूल नहीं सकता कि जब अपने वीर बेटों के जाने से पूरा देश दुखी था, तब कुछ लोग उस दुख में शामिल नहीं थे,
वो पुलवामा हमले में अपना राजनीतिक स्वार्थ देख रहे थे: PM
देश भूल नहीं सकता कि तब कैसी-कैसी बातें कहीं गईं, कैसे-कैसे बयान दिए गए।
— PMO India (@PMOIndia) October 31, 2020
देश भूल नहीं सकता कि जब देश पर इतना बड़ा घाव लगा था, तब स्वार्थ और अहंकार से भरी भद्दी राजनीति कितने चरम पर थी: PM
पिछले दिनों पड़ोसी देश से जो खबरें आईं हैं,
— PMO India (@PMOIndia) October 31, 2020
जिस प्रकार वहां की संसद में सत्य स्वीकारा गया है,
उसने इन लोगों के असली चेहरों को देश के सामने ला दिया है।
अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए, ये लोग किस हद तक जा सकते हैं,
पुलवामा हमले के बाद की गई राजनीति, इसका बड़ा उदाहरण है: PM
मैं ऐसे राजनीतिक दलों से आग्रह करूंगा कि,
— PMO India (@PMOIndia) October 31, 2020
देश की सुरक्षा के हित में, हमारे सुरक्षाबलों के मनोबल के लिए, कृपा करके ऐसी राजनीति न करें, ऐसी चीजों से बचें।
अपने स्वार्थ के लिए, जाने-अनजाने आप देशविरोधी ताकतों की हाथों में खेलकर, न आप देश का हित कर पाएंगे और न ही अपने दल का: PM
हमें ये हमेशा याद रखना है कि हम सभी के लिए सर्वोच्च हित- देशहित है।
— PMO India (@PMOIndia) October 31, 2020
जब हम सबका हित सोचेंगे, तभी हमारी भी प्रगति होगी, उन्नति होगी: PM
महाकवि और स्वतंत्रता सेनानी सुब्रह्मण्यम भारती ने भारत की विविधता के बारे में जो लिखा, उस अद्भुत भावना को मां नर्मदा के किनारे सरदार साहब की प्रतिमा की छांव में और करीब से महसूस कर सकते हैं। pic.twitter.com/cJ8MhG9bek
— Narendra Modi (@narendramodi) October 31, 2020
विपदाओं और चुनौतियों के बीच भी देश ने कई ऐसे काम किए हैं, जो कभी असंभव मान लिए गए थे। pic.twitter.com/7Rv11B8cow
— Narendra Modi (@narendramodi) October 31, 2020
आज हम 130 करोड़ देशवासी मिलकर एक ऐसे राष्ट्र का निर्माण कर रहे हैं, जो सशक्त भी हो और सक्षम भी हो, जिसमें समानता भी हो और संभावनाएं भी हों।
— Narendra Modi (@narendramodi) October 31, 2020
आत्मनिर्भर देश ही अपनी प्रगति के साथ-साथ अपनी सुरक्षा के लिए भी आश्वस्त रह सकता है। pic.twitter.com/U9nVCNzPVd
हमें यह हमेशा याद रखना है कि हम सभी के लिए सर्वोच्च हित- देशहित है।
— Narendra Modi (@narendramodi) October 31, 2020
जब हम सबका हित सोचेंगे, तभी हमारी प्रगति भी होगी, उन्नति भी होगी। pic.twitter.com/EvXLTf8v3H