पीएमइंडिया
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज जन-प्रतिनिधि के सच्चे संकल्प को रेखांकित करते हुए एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के सजग नागरिक होने के रूप में हमारा कर्तव्य है कि हम लोकतंत्र को और अधिक सशक्त बनाने के लिए रिकॉर्ड मतदान सुनिश्चित करें।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा:
“देश के एक सजग नागरिक के रूप में हमारा कर्तव्य है कि हम लोकतंत्र को और अधिक सशक्त बनाने के लिए रिकॉर्ड मतदान सुनिश्चित करें। इस तरह हम न केवल भारतवर्ष के नवनिर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभा सकते हैं, बल्कि एक समर्थ और समृद्ध राष्ट्र की नींव को और मजबूत कर सकते हैं।
राज्ञो हि व्रतमुत्थानं यज्ञः कार्यानुशासनम्।
दक्षिणा वृत्तिसाम्यं च दीक्षितस्याभिषेचनम्॥”
जन-कल्याण के दृष्टिकोण से, लोगों के निरंतर उत्थान के लिए कार्य करना, कर्तव्यों का पवित्र दायित्व के रूप में निष्ठापूर्वक निर्वहन करना, निष्पक्ष न्याय सुनिश्चित करना, उदारतापूर्वक दान देना, सभी के साथ समान व्यवहार करना तथा स्वयं को पवित्र, अनुशासित और समर्पित भाव से युक्त रखना—यही एक जन-प्रतिनिधि का सच्चा संकल्प है।
देश के एक सजग नागरिक के रूप में हमारा कर्तव्य है कि हम लोकतंत्र को और अधिक सशक्त बनाने के लिए रिकॉर्ड मतदान सुनिश्चित करें। इस तरह हम न केवल भारतवर्ष के नवनिर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभा सकते हैं, बल्कि एक समर्थ और समृद्ध राष्ट्र की नींव को और मजबूत कर सकते हैं।
राज्ञो… pic.twitter.com/IXCeeJLaBJ
— Narendra Modi (@narendramodi) April 29, 2026
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पीके/केसी/पीके
देश के एक सजग नागरिक के रूप में हमारा कर्तव्य है कि हम लोकतंत्र को और अधिक सशक्त बनाने के लिए रिकॉर्ड मतदान सुनिश्चित करें। इस तरह हम न केवल भारतवर्ष के नवनिर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभा सकते हैं, बल्कि एक समर्थ और समृद्ध राष्ट्र की नींव को और मजबूत कर सकते हैं।
— Narendra Modi (@narendramodi) April 29, 2026
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