पीएमइंडिया
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प्रधानमंत्री ने टीम इंडिया से कहा:
आइए सहकारिता, प्रतिस्पर्द्धी संघवाद का मॉडल तैयार करें, प्रगति और समृद्धि के लिए सामान्य रूपरेखा तैयार करें।
हमारी सबसे बड़ी चुनौती अब भी यही है कि गरीबी कैसे दूर की जाए। आइए वृद्धि की प्रक्रिया तेज करें।
अपने सभी मतभेदों को भूलकर, आइए निवेश, वृद्धि, रोजगार सृजन और समृद्धि के चक्र पर ध्यान दें।
सबके लिए एक ही आकार की योजनाओं से छुटकारा पाएंगे, योजनाओं और राज्यों की जरूरतों के बीच बेहतर तालमेल करें
नीति आयोग के तहत क्षेत्रीय परिषदें सदस्य राज्यों में संयुक्त परियोजनाओं के लिए उत्प्रेरक बन सकती हैं
राज्यों को साझा राष्ट्रीय उद्देश्यों को प्रोत्साहन देने में अपनी भूमिका निभानी चाहिए
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों प्रतिस्पर्द्धी संघवाद का मॉडल तैयार करने के लिए केंद्र के साथ मिलकर काम करने का अनुरोध किया जहां केंद्र और राज्य (टीम इंडिया) मतभेदों को दूर करने के लिए साथ आ सकें और प्रगति एवं समृद्धि की साझी रूपरेखा तैयार कर सकें।
नीति आयोग की शासकीय परिषद की पहली बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रधानमंत्री ने इस बैठक का वर्णन ऐसी बैठक के रूप में किया जिसमें ऐतिहासिक बदलाव लाने की क्षमता है। उन्होंने कहा कि नीति आयोग की शासकीय परिषद राष्ट्रीय हित को आगे बढ़ाने में मदद करेगी जिसे हम संयुक्त रूप से परिभाषित करेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि सभी राज्यों की तरक्की के बिना भारत को कोई भी आगे नहीं बढ़ा सकता। उन्होंने कहा कि वे सबका साथ, सबका विकास के लिए सभी राज्यों को एक साथ लाना चाहते हैं। उन्होंने सहकारी, प्रतिस्पर्द्धी संघवाद की भावना में शासन के प्रयासों को प्रोत्साहन देने में एक दूसरे के साथ स्पर्द्धा करने वाले विभिन्न राज्यों की परिकल्पना की।
श्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि दुनिया ने भारत की तरफ अलग तरह से देखना शुरू कर दिया है लेकिन हमारी सबसे बड़ी चुनौती अब भी यही है कि गरीबी कैसे दूर की जाए। उन्होंने कहा कि वृद्धि के बिना रोजगार पैदा नहीं किए जा सकते और गरीबी दूर नहीं की जा सकती। इसलिए सबसे पहले हमारा लक्ष्य उच्च वृद्धि दर होना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने कहा कि समय पर निर्णय नहीं होने के कारण परियोजनाएं अकसर अटक जाती हैं और परियोजनाएं किसी भी मंच में किसी भी समय अटक सकती हैं। उन्होंने कहा कि इससे लोग परियोजनाओं का लाभ प्राप्त करने से वंचित हो जाते हैं और इससे लागत भी बढ़ती है। उन्होंने मुख्यमंत्रियों से अनुरोध किया कि वे ऐसे कारकों पर व्यक्तिगत रूप से ध्यान दें जिनसे परियोजनाओं की रफ्तार सुस्त होती हो। प्रधानमंत्री ने सभी मुख्यमंत्रियों से अनुरोध किया कि वे निवेश, वृद्धि, रोजगार सृजन और समृद्धि के चक्र पर ध्यान दें। उन्होंने सुझाव दिया कि राज्य सरकार में एक अधिकारी की पहचान की जाए जो लंबित मुद्दों के सुगम समाधान और परियोजना की निगरानी कर सके। इससे परियोजना का कार्यान्वयन तेज होगा।
प्रधानमंत्री ने इस बात पर बल दिया कि केंद्र राज्यों को फाइनान्स के साथ ज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से सशक्त बनाना चाहता है ताकि वे बेहतर ढंग से योजना बनाने और उसे बेहतर ढंग से निष्पादित करने में सक्षम हों।
श्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि नीति आयोग की स्थापना करने के लिए मंत्रिमंडल का प्रस्ताव विशेष समय अवधियों के लिए विशेष जनादेश के साथ क्षेत्रीय परिषदों की नियुक्ति का प्रावधान करता है। उन्होंने आशा प्रकट की कि ये परिषद समान समस्याओं का सामना कर रहे दो या अधिक राज्यों के बीच सहयोग बढ़ाने और प्रगति में देरी कर रहे विवाद दूर करने में मदद करेंगी। उन्होंने कहा कि ये परिषद सदस्य राज्यों में यात्रा, परिवहन और पर्यटन से जुड़ी संयुक्त परियोजनाओं के लिए प्रेरणा बन सकती हैं।
प्रधानमंत्री ने आशा प्रकट की कि नीति आयोग के जरिए भारत सबके लिए एक ही तरह की योजनाओं से आगे बढ़ेगा और योजनाओं एवं राज्यों की जरूरतों के बीच बेहतर तालमेल बनेगा। उन्होंने कहा कि संघवाद के लिए अच्छी तरह से काम करने के उद्देश्य से राज्यों को साझा राष्ट्रीय उद्देश्य पूरे करने के संदर्भ में अपने चुने हुए पथ के लिए प्रतिबद्ध होना चाहिए तथा उसे प्रतिबद्धता को पूरा करना चाहिए।
विचार-मंच (थिंक-टैंक) के रूप में नीति आयोग की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें राज्यों के एक दूसरे से सीखने, आपस में तथा केंद्र से मिलकर काम करने की असीम संभावनाएं नजर आती हैं। उन्होंने कहा कि राज्य बेहतरीन परिपाटियों को साझा कर सकते हैं और एसा पोर्टल बनाया जाएगा जिस पर राज्यों में काम करने वाले अपने अनुभव बांट सकेंगे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले ढ़ाई दशकों में, भारतीय अर्थव्यवस्था नियोजित से बाजार अर्थव्यवस्था का रूप ले चुकी है। उन्होंने इस बात पर चर्चा करने का आह्वान किया कि नियोजन प्रक्रिया को कैसे नया रूप दिया जाए।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सुशासन पर हमारा ध्यान समय की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हम जो भी करें वह अच्छी तरह सोच समझ कर करना चाहिए, वह अच्छी तरह निष्पादित किया जाना चाहिए तथा उसके इच्छित परिणाम हासिल होने चाहिए।
वित्त मंत्री श्री अरुण जेटली ने इस विचार-विमर्श का समन्वय किया और नीति आयोग के उपाध्यक्ष श्री अरविंद पनगढ़िया ने बैठक में आरंभिक भाषण दिया।
PM @narendramodi chairing the 1st meeting of the Governing Council, NITI Aayog. pic.twitter.com/kovUeAJUWV
— PMO India (@PMOIndia) February 8, 2015
State CMs gave many insightful views during the meeting. This spirit of cooperative federalism will enhance India’s progress & prosperity. — NarendraModi(@narendramodi) February 8, 2015
Emphasised on the need to expedite growth, investment, job creation, elimination of poverty & moving away from ‘one size fits all’ approach.
— NarendraModi(@narendramodi) February 8, 2015
Our focus is good governance through well thought out polices combined with proper execution for desired outcomes. http://t.co/pEiKYRR2br — NarendraModi(@narendramodi) February 8, 2015
Before the @NITIAayog meeting, I had a very good meeting with CMs of Northeasternstates. pic.twitter.com/dkjA9ZZ4x3
— NarendraModi(@narendramodi) February 8, 2015