पीएमइंडिया

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 25 सितंबर 2019 को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक से अलग न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री महामहिम सुश्री जैसिंडा अर्डर्न से मुलाकात की।
दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की और राजनीतिक, आर्थिक, रक्षा, सुरक्षा और दोनों देशों की जनता के आपसी संबंधों को बढ़ाने के उपायों पर चर्चा की। दोनों नेताओं ने नवंबर 2017 में मनीला में हुई अपनी बैठक की याद दिलाते हुए कहा कि अक्टूबर 2016 में न्यूजीलैंड के पूर्व प्रधानमंत्री की भारत यात्रा के बाद नई संस्थागत व्यवस्थाएं की गईं, जिससे द्विपक्षीय संबंधों में काफी वृद्धि हुई है। प्रधानमंत्री मोदी ने 24 सितंबर 2019 को संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक से अलग आयोजित “समकालीन समय में गांधी की प्रासंगिकता” विषय पर आयोजित समारोह में भाग लेने के लिए आमंत्रण स्वीकार करने पर प्रधानमंत्री अर्डर्नको धन्यवाद दिया।
न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री श्री मोदी को अपने नये महत्वपूर्ण पत्र ‘इंडिया 2022- इन्वेस्टिंग इन रिलेशनशिप’ के बारे में बताया जो न्यूजीलैंड इंक इंडिया स्ट्रैटिजी 2011 का ही विस्तार है। प्रधानमंत्री सुश्री अर्डर्न ने बताया कि भारतवंशी और न्यूजीलैंड में पढ़ने वाले भारतीय छात्र दोनों देशों के बीच में महत्वपूर्ण पुल हैं और उनकी मैत्री में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
दोनों नेताओं ने अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद के मामले सहित आपसी हित के वैश्विक और क्षेत्रीय मामलों पर भी चर्चा की और इस बारे में दोनों देशों के बीच वैचारिक समानता की सराहना की। दोनों देशों पुलवामा और क्राइस्ट चर्च आतंकवादी हमलों की कड़ी निंदा की थी और इन घटनाओं के बाद एक दूसरे को समर्थन दिया था। भारत ने क्राइस्ट चर्च कॉल ऑफ ऐक्शन पर न्यूजीलैंड और फ्रांस की पहल को भी समर्थन दिया था।
Prime Ministers @narendramodi and @jacindaardern held talks in New York. Both leaders discussed key sectors of India-New Zealand cooperation, particularly ways to boost business ties. pic.twitter.com/fJVwbXwoY1
— PMO India (@PMOIndia) September 26, 2019
Had an excellent meeting with PM @jacindaardern. Her presence at the event hosted by India at the @UN was a great gesture too.
— Narendra Modi (@narendramodi) September 26, 2019
During our talks today we reviewed the full range of ties between India and New Zealand, which would benefit our citizens. pic.twitter.com/zCcSYCTund