पीएमइंडिया
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को प्रमुख बुनियादी ढांचा क्षेत्र के प्रदर्शन की समीक्षा की जिसमें पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस, बिजली, अक्षय ऊर्जा और आवास शामिल है। अप्रैल की आखिरी सप्ताह में आयोजित कनेक्टिविटी से संबंधित बुनियादी ढांचा क्षेत्रों की समीक्षा के तुरंत बाद हुई समीक्षा बैठक लगभग तीन घंटे तक चली और इसमें प्रधानमंत्री कार्यालय, नीति आयोग और भारत सरकार के सभी बुनियादी ढांचा मंत्रालयों के आला अफसरों ने हिस्सा लिया।
नीति आयोग के सीईओ द्वारा प्रस्तुत प्रस्तुति के दौरान यह पाया गया है कि ऊर्जा के उत्पादन किफायती और ग्रामीण आवास, एलईडी बल्ब आदि सहित कई क्षेत्रों में हुई उल्लेखनीय प्रगति हुई है ।
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से अब तक 1.98 करोड़ बीपीएल परिवारों को लाभ हुआ है। प्राथमिक ऊर्जा मिश्रण में गैस का योगदान बढ़कर 8% हो गया है। सिटी गैस वितरण नेटवर्क के अंतर्गत 81 शहरों को कवर किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने इथेनॉल मिश्रण पर अधिक जोर दिया और तंत्र के विकास के लिए कहा ताकि किसान इस प्रक्रिया से सबसे अधिक लाभान्वित हो सकें। उन्होंने कहा कि इस प्रयोजन के लिए कृषि अवशेषों का उपयोग करने के लिए दूसरी पीढ़ी के जैव-एथानोल रिफाइनरियों की स्थापना शीघ्र ही की जानी चाहिए।
ग्रामीण विद्युतीकरण कार्यक्रम तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसके तहत कुल 18,452 में से 13,000 से अधिक गांवों में विद्युतीकरण किया गया है और 1000 दिनों के भीतर इस लक्ष्य को हासिल करने का काम प्रगति पर है। 2016-17 में 22 लाख से अधिक ग्रामीण बीपीएल परिवारों को विद्युतीकृत किया गया और इसी अवधि में 40 करोड़ से अधिक एलईडी बल्ब वितरित किए गए। 41 गीगाहैट्स संचरण क्षमता के साथ कुल अंतर-क्षेत्रीय ट्रांसमिशन क्षमता को काफी बढ़ाया गया है। इस काम को मई 2014 से अप्रैल 2017 के दौरान अंजाम दिया गया।
कुल नवीकरणीय उत्पादन क्षमता ने पिछले वर्ष 24.5% की वृद्धि के साथ 57 गीगावाट को पार कर लिया है। वित्त वर्ष 2017 में सौर ऊर्जा में क्षमता में वृद्धि 81% सबसे ज्यादा थी। प्रति किलोवाट-घंटा के हिसाब से 4 रुपये से कम दरों के साथ सौर और वायु टैरिफ ने अब ग्रिड समानता हासिल कर ली है। प्रधानमंत्री ने कुछ मॉडल सौर शहरों की स्थापना के लिए कहा, जहां बिजली की जरूरत पूरी तरह से सौर ऊर्जा से पूरी हो सके। उन्होंने कहा कि कुछ इलाकों को केरोसिन मुक्त बनाने के लिए प्रयास किया जा सकता है।
प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि सौर उपकरणों के निर्माण को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। रोजगार सृजन करने के लिए और अक्षय ऊर्जा अभियान से अधिकतम लाभ प्राप्त किया जाना चाहिए।
प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। इस योजना की प्रगति पर नजर रखने के लिए आईटी और अंतरिक्ष-आधारित अनुप्रयोग बड़े पैमाने पर उपयोग किए जा रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2010 में ग्रामीण क्षेत्रों में 32 लाख से अधिक घरों का निर्माण पूरा किया जा चुका है। प्रधानमंत्री ने ग्रामीणों को दी जा रही प्रशिक्षण और कौशल के बारे में भी जानकारी ली जिसमें वह शामिल हैं।
विभिन्न योजनाओं जैसे कि विद्युतीकरण, आईटी नेटवर्क और आवास के लिए एक समेकित दृष्टिकोण की मांग करते हुए प्रधानमंत्री ने प्रत्येक मामले में 100 सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले जिलों पर केंद्रित दृष्टिकोण की मांग की। उन्होंने निर्देश दिया कि भविष्य की समीक्षाओं को जिलास्तरीय पर समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए ताकि खराब प्रदर्शन करने वाले जिलों की प्रगति की बेहतर निगरानी की जा सके।
Reviewed progress of key infra sectors including petroleum and natural gas, power, renewable energy and housing. https://t.co/YM5Rkj0QzK
— Narendra Modi (@narendramodi) May 9, 2017
Progress in sectors including renewable energy, rural housing, LED bulbs is gladdening. Over 2 crore people benefited from Ujjwala Yojana.
— Narendra Modi (@narendramodi) May 9, 2017
Called for greater emphasis on ethanol blending & expediting the setting up of 2nd generation bio ethanol refineries.
— Narendra Modi (@narendramodi) May 9, 2017
You would be happy to know that capacity addition in solar energy in FY17 stands at the highest-ever, at 81%.
— Narendra Modi (@narendramodi) May 9, 2017
Our focus is on boosting solar equipment manufacturing. The energy sector will gain & employment opportunities will also increase.
— Narendra Modi (@narendramodi) May 9, 2017
We also decided that in future review meetings, apart from sectoral progress we will also review district wise progress in key areas.
— Narendra Modi (@narendramodi) May 9, 2017