पीएमइंडिया
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भारत की माननीया राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु द्वारा लिखित एक लेख साझा किया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि माननीया राष्ट्रपति ने लिखा है कि शिक्षक ज्ञान, कौशल, मूल्यों और प्रेरणा प्रदान करके विद्यार्थियों के भविष्य का निर्माण करते हैं। उन्होंने आगे कहा कि लेख में शिक्षण को मानवता को आकार देने वाला, स्वतंत्र सोच और जिज्ञासा को प्रोत्साहित करने वाला पवित्र कार्य बताया गया है। साथ ही, शिक्षकों से आह्वान किया गया है कि वे विद्यार्थियों को अच्छे इंसान बनने के लिए उनका मार्गदर्शन करें। ये विद्यार्थी सांस्कृतिक विरासत, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, अंत्योदय के आदर्श, पर्यावरण संरक्षण और “राष्ट्र सर्वोपरि” के मूल्यों को बनाए रखें।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक्स पर पोस्ट किया:
‘‘माननीया राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी ने लिखा है कि शिक्षक ज्ञान, कौशल, मूल्यों और प्रेरणा प्रदान करके विद्यार्थियों के भविष्य का निर्माण करते हैं।
उन्होंने शिक्षण को मानवता को आकार देने वाला, स्वतंत्र सोच और जिज्ञासा को प्रोत्साहित करने वाला पवित्र कार्य बताया है।
उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया है कि वे विद्यार्थियों को अच्छे इंसान बनने के लिए उनका मार्गदर्शन करें। ये विद्यार्थी सांस्कृतिक विरासत, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, अंत्योदय के आदर्श, पर्यावरण संरक्षण और “राष्ट्र सर्वोपरि” के मूल्यों को बनाए रखें।’’
Hon’ble President Smt. Droupadi Murmu Ji writes that teachers shape destinies by instilling knowledge, skills, values and motivation.
She highlights teaching as the sacred task of shaping humanity, encouraging independent thinking and curiosity.
She calls on teachers to guide… https://t.co/dYXYRZYtAr
— PMO India (@PMOIndia) September 5, 2026
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पीके/केसी/पीपी/आर
Hon'ble President Smt. Droupadi Murmu Ji writes that teachers shape destinies by instilling knowledge, skills, values and motivation.
— PMO India (@PMOIndia) September 5, 2026
She highlights teaching as the sacred task of shaping humanity, encouraging independent thinking and curiosity.
She calls on teachers to guide… https://t.co/dYXYRZYtAr