पीएमइंडिया
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज एक उच्चस्तरीय बैठक में मानसून की प्रगति की समीक्षा की। इन बैठक में गृह, वित्त, कृषि, खाद्य तथा उपभोक्ता मामलों तथा जल संसाधन मंत्री के अलावा कैबिनेट सचिव, प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव और प्रधानमंत्री के अपर प्रधान सचिव उपस्थित थे।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अधिकारियों ने प्रधानमंत्री को मानसून की स्थिति से अवगत कराया। अधिकारियों ने कहा कि मानसून में देरी हुई है लेकिन जुलाई-अगस्त के महीनों में वर्षा की स्थिति में सुधार होगा।
प्रधानमंत्री ने जलाशयों की स्थिति तथा चारे की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने वर्तमान जलाशयों के अधिकतम उपयोग और वर्षा जल संग्रहण के बेहतर से बेहतर उपाए करने के निर्देश दिए।
कृषि मंत्रालय ने देश के 500 से अधिक जिलों के लिए आकस्मिक योजना तैयार की है। श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि मानसून के लिए अग्रिम कार्य योजना पर केन्द्र और राज्यों को सक्रिय और समन्वित प्रयास करने चाहिए। उन्होंने कहा कि जोर राज्यों की जगह जिलों पर होना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने कृषि क्षेत्र के लिए बिजली की पर्याप्त आपूर्ति तथा बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर ग्रामीण रोजगार सृजन के लिए एनआरईजीए का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
श्री मोदी ने मंहगाई पर अंकुश लागने संबंधी उपायों की भी समीक्षा की। बैठक में यह पाया गया कि उठाए गए कदमों का सकारात्मक प्रभाव हो रहा है और चावल का पर्याप्त भंडार बाजार में पहुंच रहा है। दिल्ली में प्यास के स्टॉक की कोई कमी नहीं है। प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्य जमाखोरों तथा काला बाजारियों के खिलाफ मामलों की जल्द सुनवाई के लिए विशेष अदालत जल्द गठित करें।
