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प्रधानमंत्री ने लाल किले की प्राचीर से 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान दिए गए अपने भाषण की झलकियां साझा कीं

प्रधानमंत्री ने लाल किले की प्राचीर से 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान दिए गए अपने भाषण की झलकियां साझा कीं


प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान लाल किले की प्राचीर से दिए अपने भाषण की कुछ झलकियाँ साझा कीं, जिसमें उन्होंने 2047 तक भारत को विकसित भारत बनाने की दिशा में भारत की यात्रा पर प्रकाश डाला। राष्ट्र की अभूतपूर्व प्रगति, वैश्विक संकटों के दौरान लचीलेपन और आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण पर विचार करते हुए, उन्होंने प्रमुख विकास स्तंभों, युवा सशक्तिकरण, महिला नेतृत्व वाले विकास और विकसित भारत के निर्माण के लिए आवश्यक सामूहिक संकल्प पर बल दिया। राष्ट्र के बहुआयामी विकास पर जोर देते हुए, उन्होंने कहा कि सप्तधारा के शक्तिशाली ढांचे के माध्यम से देश को नई गति प्राप्त होगी और वह नई ऊंचाइयों को छुएगा।

एक्‍स पर कई पोस्टों की एक श्रृंखला में, प्रधानमंत्री ने साझा किया:

लाल किले पर अविस्मरणीय स्वतंत्रता दिवस! यह दिन हमें उन लोगों के साहस और बलिदान की याद दिलाता है जिन्होंने हमें आजादी दिलाई। साथ ही, यह एक विकसित भारत के निर्माण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को नवीकृत करने का दिन है। तिरंगा हमें हर चुनौती से ऊपर उठने, एकता के बंधन को मजबूत करने और राष्ट्र के प्रति स्वयं को समर्पित करने के लिए प्रेरित करता रहे।

स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान लाल किले की प्राचीरों से ली गई कुछ और झलकियाँ यहाँ प्रस्तुत हैं।

“हमारा लक्ष्य निर्धारित है…2047 तक विकसित भारत बनना। पिछले 12 वर्षों में भारत की प्रगति की गति और पैमाना अभूतपूर्व रहा है। आज भारत नए आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। दुनिया भी भारत की इस प्रगति की साक्षी है।”

“एक विकसित भारत को आत्मनिर्भर भारत भी होना चाहिए। स्थायी शक्ति अपनी क्षमताओं के निर्माण से आती है। ‘मेक इन इंडिया’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ के पीछे यही दृढ़ विश्वास है। यह परिवर्तन पहले से ही दिखाई दे रहा है। भारत एक संपूर्ण सेमीकंडक्टर विनिर्माण प्रणाली विकसित कर रहा है। सेमीकंडक्टर संयंत्र शुरू हो चुके हैं, चिप्स का निर्यात शुरू हो गया है और आने वाले वर्षों में और अधिक संयंत्रों में उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है। हम महत्वपूर्ण खनिजों में भी अपनी क्षमताओं को मजबूत कर रहे हैं।”

“‘असंभव’ से ‘आगे बढ़ो’ तक…”

“हथियारी नक्सल तो गए, लेकिन दिमागी नक्सल समाज को गलत राह पर घसीटने के लिए भांति-भांति के दांव आजमा रहे हैं। इन्हें पहचानकर आइसोलेट करने के साथ ही देश की युवा पीढ़ी को विकसित राष्ट्र बनाने की मुख्यधारा से जोड़ना होगा।”

“गरीब और मिडिल क्लास परिवारों पर कोचिंग क्लासेज का आर्थिक बोझ ना आए, इसलिए हमने युवाओं के लिए विभिन्न परीक्षाओं की फ्री ऑनलाइन कोचिंग का निर्णय लिया है। इस दिशा में हम एक मजबूत नेटवर्क भी खड़ा करने वाले हैं।”

“2036 के ओलंपिक को देखते हुए देश के गांवों से लेकर शहरों तक टैलेंट हंट का एक बड़ा अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत 5 से 15 साल के बच्चों की खेल प्रतिभा को स्पेशल ट्रेनिंग से निखारा जाएगा।”

“संकट के समय में ही भारत की असली ताकत की परीक्षा हुई है। कोविड-19 महामारी से लेकर यूक्रेन और पश्चिम एशिया की स्थिति तक, भारत को लेकर कई आशंकाएं थीं। लेकिन, पिछले एक दशक में भारत द्वारा विकसित क्षमताओं ने इन सभी आशंकाओं को गलत साबित करने में हमारी मदद की। हमने हमेशा गरीब परिवारों और किसानों को हर तरह के दबाव के पूरे प्रभाव से बचाने के लिए काम किया है। हमारी तैयारियों ने अनिश्चित दुनिया का सामना करने की हमारी क्षमता को मजबूत किया है।”

“आज भारत के पास स्थिर राजनीतिक जनादेश, स्थिर सरकार, वाइब्रेंट लोकतंत्र, मजबूत न्याय तंत्र और हम सबको दिशा देने वाला संविधान है। इसीलिए दुनियाभर में आज भारत का सम्मान तेजी से बढ़ रहा है।”

“देश को शक्ति की इस सप्तधारा से नई गति और नई ऊंचाई मिलने वाली है:

  1. मैन्युफैक्चरिंग पावर
  2. कृषि और फूड प्रोसेसिंग
  3. टेक्नोलॉजी और इनोवेशन
  4. गतिशक्ति
  5. रक्षा शक्ति
  6. ग्रीन इकोनॉमी और ब्लू इकोनॉमी
  7. सॉफ्ट पावर”

“देश की मातृशक्ति को नमन करते हुए सभी राजनीतिक दलों से मैं एक बार फिर आग्रह करता हूं कि वे महिला आरक्षण को जल्द से जल्द लागू कराने के लिए आगे आएं।”

“देश की पहली डिजिटल जनगणना को लेकर सभी देशवासियों, विशेषकर युवा साथियों से मेरा यह विनम्र आग्रह…”

“समय हमारा है, अवसर हमारा है, संकल्प हमारा है… आओ, मिलकर विकसित भारत बनाएं।”

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पीके/केसी/केएल/एमबी