Search

पीएमइंडियापीएमइंडिया

न्यूज अपडेट्स

प्रधानमंत्री ने ‘विकसित भारत’ के लक्ष्यों की दिशा में ग्रामीण विकास, कृषि, सामाजिक कल्याण और संबंधित क्षेत्रों में हुई प्रगति की समीक्षा के लिए सचिवों की एक उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की


प्रधानमंत्री ने आज विकसित भारतके लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में ग्रामीण विकास, कृषि, सामाजिक कल्याण और उससे जुड़े क्षेत्रों में हुई प्रगति की समीक्षा करने के लिए अपने आवास, 7 लोक कल्याण मार्ग पर सचिवों के साथ एक उच्च-स्तरीय बैठक की।

प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि सभी सुधारों के केंद्र में नागरिकों का कल्याण होना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखकर किए जाने वाले सुधारों को सही गति मिलनी चाहिए और उनसे सार्थक बदलाव आना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि सुधारों का उद्देश्य सिर्फ सरकार के कामकाज को बेहतर बनाना नहीं, बल्कि भारत के विकसित राष्ट्र बनने के सफर को तेज़ करना है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि शासन व्यवस्था में तेजी से बदलाव हो रहे हैं और बदलते माहौल की जरूरतों को प्रभावी ढंग से पूरा करने के लिए शासन (गवर्नेंस) की प्रक्रियाओं को अपनाने और मजबूत करने की अहमियत बताई। उन्होंने अलग-अलग मंत्रालयों और विभागों में उभरती जरूरतों की व्यापक पहचान करने का सुझाव दिया।

प्रधानमंत्री ने देश के विकास लक्ष्यों को हासिल करने के लिए समग्र सरकारवाले नजरिए की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने आगे कहा कि विकसित भारतबनाने का सपना एक जन आंदोलनबनना चाहिए और भारत के युवा इस विजन की नींव बनने चाहिए।

प्रधानमंत्री ने युवाओं में नशीले पदार्थों के दुरुपयोग की गंभीर समस्या से निपटने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि विभागों के बीच अलग-थलग काम करने की व्यवस्था को खत्म करने और युवाओं से जुड़ी पहलों में विभागों के बीच बेहतर तालमेल और सहयोग बढ़ाने के लिए एक संस्थागत व्यवस्था विकसित करने के प्रयास किए जाने चाहिए।

प्रधानमंत्री ने खेलों के विकास के लिए एक एकीकृत दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि खेल पर्यटन के एक प्रमुख क्षेत्र के रूप में उभरने के साथ, भारत को खुद को एक वैश्विक खेल केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी करने का लक्ष्य रखना चाहिए। उन्होंने खेल क्षेत्र में स्टार्टअप्स के माध्यम से तकनीक को बढ़ावा देने और नवाचार को प्रोत्साहित करने के महत्व पर जोर दिया।

प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि किसानों द्वारा पीएम कुसुम योजना जैसी पहलों को बड़े पैमाने पर अपनाने से कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव आ सकते हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय अवसरों और भविष्य की जरूरतों के साथ बेहतर तालमेल सुनिश्चित करने के लिए कौशल की जरूरतों की वैश्विक पहचान की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

सचिवों ने अपने-अपने क्षेत्रों में अलग-अलग पहलों और चुनौतियों पर अपने अनुभव और विचार साझा किए। प्रधानमंत्री ने भविष्य की कार्ययोजना के लिए अपने सुझाव और विजन साझा किए। बैठक में सभी क्षेत्रों में व्यापक और सार्थक चर्चा हुई, जिसमें प्रभावी कार्यान्वयन, बेहतर तालमेल और विकसित भारतके लक्ष्यों की दिशा में तेजी से प्रगति पर ध्यान केंद्रित किया गया।

बैठक में कैबिनेट सचिव, प्रमुख मंत्रालयों के सचिव और प्रधानमंत्री कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

****

पीके/केसी/एमपी/एसएस