पीएमइंडिया
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने संस्कृत में एक सुभाषितम साझा करते हुए इस बात पर जोर दिया कि ज्ञान जीवन की ऐसी पूंजी है, जिससे बड़े से बड़े लक्ष्य भी प्राप्त किए जा सकते हैं। श्री मोदी ने कहा कि ज्ञान हमें अज्ञानता के अंधकार से निकालकर सफलता और आत्मविश्वास की ओर ले जाता है।
प्रधानमंत्री ने संस्कृत में एक सुभाषितम साझा किया-
“विद्वान प्रशस्यते लोके
विद्वान् सर्वत्र गौरवम्।”
विद्या लभते सर्वं
विद्या सर्वत्र पूज्यते॥”
प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया:
“विद्या जीवन की ऐसी पूंजी है, जिससे बड़े से बड़े लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। विद्या हमें अज्ञानता के अंधकार से निकालकर सफलता और आत्मविश्वास की ओर ले जाती है।
विद्वान् प्रशस्त्यते लोके
विद्वान् सर्वत्र गौरवम्।
विद्यया लभते सर्वं
विद्या सर्वत्र पूज्यते॥”
विद्या जीवन की ऐसी पूंजी है, जिससे बड़े से बड़े लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। विद्या हमें अज्ञानता के अंधकार से निकालकर सफलता और आत्मविश्वास की ओर ले जाती है।
विद्वान् प्रशस्यते लोके
विद्वान् सर्वत्र गौरवम्।विद्यया लभते सर्वं
विद्या सर्वत्र पूज्यते॥ pic.twitter.com/Tlwaynzy7r— Narendra Modi (@narendramodi) May 14, 2026
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पीके/केसी/एसकेएस/ओपी
विद्या जीवन की ऐसी पूंजी है, जिससे बड़े से बड़े लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। विद्या हमें अज्ञानता के अंधकार से निकालकर सफलता और आत्मविश्वास की ओर ले जाती है।
— Narendra Modi (@narendramodi) May 14, 2026
विद्वान् प्रशस्यते लोके
विद्वान् सर्वत्र गौरवम्।
विद्यया लभते सर्वं
विद्या सर्वत्र पूज्यते॥ pic.twitter.com/Tlwaynzy7r