पीएमइंडिया
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने संस्कृत का एक नैतिक, व्यावहारिक और प्रेरक श्लोक- सुभाषितम साझा किया है, जिसमें प्रत्येक लक्ष्य की प्राप्ति में समर्पण और दृढ़ प्रयास के महत्व पर जोर दिया गया है।
“प्रभूतं कार्यमल्पं वा यन्नरः कर्तुमिच्छति।
सर्वारम्भेण तत् कार्यं सिंहादेकं प्रचक्षते।।”
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारत को अपनी पहली हाइड्रोजन ट्रेन मिलने का स्वप्न साकार हो गया है, जो स्वच्छ, हरित और भविष्य उपयोगी परिवहन प्रणाली निर्मित करने के राष्ट्र के प्रयासों में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। प्रधानमंत्री ने इस उल्लेखनीय उपलब्धि से जुड़े सभी लोगों को बधाई दी।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किया:
आज भारत को पहली हाइड्रोजन ट्रेन मिलने का सपना साकार होने जा रहा है। यह आत्मनिर्भर भारत और सतत विकास की दिशा में एक बहुत बड़ा दिन है। मैं इससे जुड़े सभी लोगों को बहुत बधाई देता हूं।
“प्रभूतं कार्यमल्पं वा यन्नरः कर्तुमिच्छति।
सर्वारम्भेण तत् कार्यं सिंहादेकं प्रचक्षते।।”
आज भारत को पहली हाइड्रोजन ट्रेन मिलने का सपना साकार होने जा रहा है। यह आत्मनिर्भर भारत और सतत विकास की दिशा में एक बहुत बड़ा दिन है। मैं इससे जुड़े सभी लोगों को बहुत बधाई देता हूं।
प्रभूतं कार्यमल्पं वा यन्नरः कर्तुमिच्छति।
सर्वारम्भेण तत् कार्यं सिंहादेकं प्रचक्षते।। pic.twitter.com/aAbVNt9GCb
— Narendra Modi (@narendramodi) July 17, 2026
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पीके/केसी/एकेवी/एसके
आज भारत को पहली हाइड्रोजन ट्रेन मिलने का सपना साकार होने जा रहा है। यह आत्मनिर्भर भारत और सतत विकास की दिशा में एक बहुत बड़ा दिन है। मैं इससे जुड़े सभी लोगों को बहुत बधाई देता हूं।
— Narendra Modi (@narendramodi) July 17, 2026
प्रभूतं कार्यमल्पं वा यन्नरः कर्तुमिच्छति।
सर्वारम्भेण तत् कार्यं सिंहादेकं प्रचक्षते।। pic.twitter.com/aAbVNt9GCb