पीएमइंडिया
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज संस्कृत सुभाषितम साझा किया, जिसमें सकारात्मक विचारों और रचनात्मक आदतों को विकसित करने के महत्व पर बल दिया गया। यह हमें याद दिलाता है कि निरंतर एकाग्रता और बार-बार अभ्यास मन की प्रवृत्तियों को आकार देते हैं और अंततः हमारे कार्यों और आचरण को प्रभावित करते हैं।
यद् यदेव प्रसक्तं हि वितर्कयति मानवः।
अभ्यासात् तेन तेनास्य नतिर्भवति चेतसः।।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया:
यद् यदेव प्रसक्तं हि वितर्कयति मानवः।
अभ्यासात् तेन तेनास्य नतिर्भवति चेतसः।।
यद् यदेव प्रसक्तं हि वितर्कयति मानवः।
अभ्यासात् तेन तेनास्य नतिर्भवति चेतसः।। pic.twitter.com/rBhf0fYls0
— Narendra Modi (@narendramodi) August 31, 2026
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पीके/केसी/एसकेजे/एमपी
यद् यदेव प्रसक्तं हि वितर्कयति मानवः।
— Narendra Modi (@narendramodi) August 31, 2026
अभ्यासात् तेन तेनास्य नतिर्भवति चेतसः।। pic.twitter.com/rBhf0fYls0