प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया जिसमें यह बताया गया है कि वास्तविक स्वतंत्रता का महत्व इसी में है कि व्यक्ति भय और पराधीनता से मुक्त होकर आत्मविश्वास के साथ जीवन जी सके।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा:
“यावदस्यास्वतन्त्रत्वं तावदीश्वरतो भयम्।
य एतत्समुपासीरंस्ते मुह्यन्ति शुचार्पिताः॥”
जब तक मनुष्य स्वयं को स्वतंत्र नहीं समझता, तब तक वह अपने से अधिक प्रभुत्वशाली शक्ति के भय में जीता रहता है। इस विचार को स्वीकार करने वाले लोग भय और दुख से घिरे रहते हैं तथा भ्रमित हो जाते हैं। वास्तव में, स्वतंत्रता का महत्व इसी में है कि मनुष्य भय और पराधीनता से मुक्त होकर आत्मविश्वास के साथ जीवन जी सके।
यावदस्यास्वतन्त्रत्वं तावदीश्वरतो भयम्।
य एतत्समुपासीरंस्ते मुह्यन्ति शुचार्पिताः॥ https://t.co/R3XXBeM2Cc
— Narendra Modi (@narendramodi) October 23, 2026
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पीके/केसी/आरटी/बीयू/केके
यावदस्यास्वतन्त्रत्वं तावदीश्वरतो भयम्। य एतत्समुपासीरंस्ते मुह्यन्ति शुचार्पिताः॥ https://t.co/R3XXBeM2Cc
— Narendra Modi (@narendramodi) October 23, 2026