पीएमइंडिया
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल ने ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के बीच सामाजिक और श्रम क्षेत्र में सहयोग के करार को पूर्व प्रभाव से मंजूरी दे दी है। इन देशों के बीच 3 अगस्त, 2018 को ब्रिक्स देशों के श्रम और रोजगार मंत्रियों की बैठक के दौरान एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए थे।
विवरण :
समझौता ज्ञापन के जरिए भारत सहित सभी प्रतिभागी देशों ने श्रम कानून बनाने और उन्हें लागू करने तथा असुरक्षित श्रमिक वर्ग का खास ध्यान रखते हुए सभी श्रमिकों के अधिकारों का संरक्षण करने, रोजगार और श्रम बाजार नीतियों, रोजगारोन्मुख शिक्षा, कौशल विकास और प्रशिक्षण तथा सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में आपसी सहयोग पर सहमति जताई है। सदस्य देश सामाजिक सुरक्षा और श्रमिकों से जुड़े अन्य मुद्दों पर सहयोग के लिए ब्रिक्स देशों के श्रम अनुसंधान संस्थानों और सामाजिक सुरक्षा सहयोग फ्रेमवर्क का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह समझौता ज्ञापन अंतर्राष्ट्रीय संधि नहीं है, इसलिए इससे जुड़े पक्षों पर अंतर्राष्ट्रीय कानूनों को मानने की बाध्यता नहीं है।
प्रमुख प्रभाव :
नई औद्योगिक क्रांति के दौर में यह करार ब्रिक्स के सदस्य देशों को समग्र विकास तथा साझा समृद्धि के समान उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए सहयोग, साझेदारी और बेहतर तालमेल की सक्षम कार्य प्रणाली उपलब्ध कराएगा। यह सदस्य देशों को श्रम और रोजगार तथा सामाजिक सुरक्षा और सामाजिक सरोकारों से संबंधित कार्यक्रमों को लागू करने और इनसे जुड़ी जानकारियों को साझा करने में मददगार भी होगा। इसके माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन के अंतर्राष्ट्रीय प्रशिक्षण केन्द्र ब्रिक्स देशों के श्रम संस्थानों के नेटवर्क से जुड़ सकेंगे। इनमें भारत का वी.वी. गिरि राष्ट्रीय श्रम संस्थान भी शामिल है। इस नेटवर्क के जरिए युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने और रोजगार के नये प्रकार का पता लगाने के लिए अनुसंधान कार्यों पर विशेष जोर दिया जाएगा। इसके माध्यम से क्षमता विकास, सूचनाओं के आदान-प्रदान, वर्चुअल नेटवर्क और सीखने की नई तकनीकों का पता लगाने में सहयोग को और मजबूत किया जा सकेगा। ब्रिक्स का सामाजिक सुरक्षा सहयोग फ्रेमवर्क सदस्य देशों के बीच सामाजिक सुरक्षा सहयोग को बढ़ाएगा और सामाजिक सुरक्षा प्रणालियों तथा सामाजिक सुरक्षा से जुड़े करारों को और बेहतर बनाने में सहयोग को मजबूती देगा।
पृष्ठभूमि :
ब्रिक्स देशों के रोजगार कार्य समूह की दूसरी बैठक 30 जुलाई से 1 अगस्त 2018 तक और ब्रिक्स के श्रम और रोजगार मंत्रियों की बैठक 2 से 3 अगस्त, 2018 को दक्षिण अफ्रीका के डरबन में आयोजित की गई थी। इन बैठकों में ब्रिक्स देशों के बीच सामाजिक और श्रम क्षेत्र में सहयोग से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया था और समझौता ज्ञापन के मसौदे पर चर्चा की गई थी। इसके बाद ब्रिक्स देशों के पर्यावरण कार्य समूह की 30 जुलाई से 1 अगस्त 2018 तक हुई बैठक में इसे अंतिम रूप दिया गया था। ब्रिक्स देशों के श्रम मंत्रियों ने 3 अगस्त, 2018 को इस पर हस्ताक्षर किए थे। समझौता ज्ञापन की व्यवस्थाओं में सामाजिक और श्रम क्षेत्र से जुड़ी नीतियों, कार्यक्रमों और आपसी विचार-विमर्श के साथ ही इस क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर विशेषज्ञों की बैठकों और सम्मेलनों के आयोजनों में सहयोग के उद्देश्यों की स्पष्ट व्याख्या की गई है।