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भारतीय उर्वरक निगम लिमिटेड के सिंद्री संयंत्र को दोबारा शुरू करने को मंजूरी


प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में सम्पन्न केन्द्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में भारतीय उर्वरक निगम लिमिटेड के बंद पड़े सिंद्री (झारखण्ड) संयंत्र को दोबारा शुरू करने को मंजूरी दी गई। इसके लिए 6000 करोड़ रुपए का निवेश रखा गया है।

यह संयंत्र बंद पड़ा था और वर्ष 2002 से यहां कोई काम नहीं हो रहा था। इसके कारण संयंत्र और अन्य संबधित सुविधाओं का इस्तेमाल नहीं हो पा रहा था। यह उल्लेख महत्वपूर्ण है कि देश के पूर्वी भाग में नामरुप (असम) के दो छोटे संयंत्रों के अलावा कोई भी चालू यूरिया संयंत्र मौजूद नहीं था।

देश में यूरिया की वार्षिक खपत लगभग 310 लाख मीट्रिक टन है। इसमें से 230 लाख मीट्रिक टन देश में उत्पादित किया जाता है और शेष आयात किया जाता है। घरेलू यूरिया उत्पादन बढ़ाने के लिए सरकार ने इसके पहले भारतीय उर्वरक निगम लिमिटेड के तलचर (ओडिशा) और रामागुण्डम (तेलंगाना) संयंत्रों को दोबारा शुरू करने की मंजूरी दी थी। सिंद्री संयंत्र को बोली आधारित प्रक्रिया द्वारा दोबारा शुरू किया जाएगा।

सिंद्री में नया संयंत्र बनाए जाने से बिहार, पश्चिम बंगाल और झारखण्ड में यूरिया की बढ़ती मांग को पूरा करने में सहायता मिलेगी। इस कदम से पश्चिमी और मध्य क्षेत्रों से लंबे यातायात के जरिए यूरिया की आपूर्ति का दबाव कम होगा और सरकार द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी की बचत होगी। इसके अलावा क्षेत्र के आर्थिक विकास में तेजी आएगी। क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था के विकास के अलावा इस संयंत्र से 500 प्रत्यक्ष और 3000 अप्रत्यक्ष रोजगार अवसर पैदा होंगे।

इसके पहले आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति (सीसीईए) ने यूरिया क्षेत्र के लिए संयोजन आधार पर गैस आपूर्ति को मंजूरी दी थी। इससे संयंत्र को गैस संयोजित मूल्य पर प्राप्त होगी और यूरिया संयंत्र विश्व पैमाने पर प्रतिस्पर्धा करने के योग्य होंगे।