पीएमइंडिया
भारत के प्रधानमंत्री तथा ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री ने दोहराया है कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच रणनीतिक साझेदारी का आधार राजनीतिक, आर्थिक तथा रणनीतिक हितों का मेल, क्षेत्रीय तथा वैश्विक शांति, सुरक्षा एवं समृद्धि बढ़ाने की समान इच्छा तथा लोकतंत्र, स्वतंत्रता, मानवाधिकार तथा कानून का शासन है।
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सुरक्षा एवं रक्षा संबंधों की गहराई और विस्तार को दिखाने के लिए दोनों देशों ने सुरक्षा सहयोग का एक ढांचा बनाने तथा पारस्परिक हित के क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग और परामर्श बढ़ाने का फैसला किया है। यह ढांचा निम्नलिखित योजना के अनुरूप लागू किया जाएगा –
कार्य योजना –
1. वार्षिक शिखर बैठक तथा विदेश नीति आदान-प्रदान और समन्वय
क. दोनों प्रधानमंत्रियों की बहुपक्षीय बैठकों के दौरान उपलब्ध समय में वार्ता सहित वार्षिक मुलाकात।
ख. विदेश मंत्रियों की संरचना वार्ता।
ग. विदेश मंत्रालय में भारत के सचिव (पूर्व) तथा ऑस्ट्रेलिया के विदेश मामले और व्यापार विभाग के सचिव के नेतृत्व में वरिष्ठ अधिकारियों की वार्ता।
घ. विदेश/विदेशी मामलों के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच पूर्व एशिया वार्ता।
ड. 1.5 ट्रैक ऑस्टेलिया-भारत वार्ता।
2. रक्षा नीति नियोजन एवं समन्वय
क. रक्षा मंत्रियों की नियमित बैठक।
ख. वार्षिक रक्षा नीति वार्ता।
ग. वार्षिक 1.5 ट्रैक रक्षा रणनीति वार्ता।
घ. नियमित उच्च स्तरीय यात्राओं, वार्षिक कर्मचारी वार्ता, संयुक्त प्रशिक्षण और सहमति आधारित नियमित अभ्यासों सहित सर्विस टू सर्विस सक्रियता।
ड. नियमित द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास।
च. ऑस्टेलिया तथा भारत के रक्षा सामग्री शिष्टमंडलों की यात्रा तथा संयुक्त उद्योग संपर्क बढ़ाने के प्रयासों सहित रक्षा अनुसंधान और विकास सहयोग का पता लगाना।
3. आतंकवाद विरोधी तथा पार-देशी अपराध
क. आतंक विरोधी तथा अन्य पार-देशी अपराधों पर वार्षिक संयुक्त कार्य समूह।
ख. सीटी प्रशिक्षण में सहयोग तथा नवीन विस्फोटक उपकरणों, बम की घटनाओं तथा टेक्नोलॉजी पर विशेषज्ञों के बीच आदान-प्रदान।
ग. चरमपंथ विरोधी आदान-प्रदान।
घ. पार-देशी अपराधों की जांच में पुलिस के बीच सहयोग।
ड. प्रत्यर्पण पर सहयोग तथा पारस्परिक कानूनी सहायता अनुरोध।
च. एयूएसटीआरएसी (आर-ट्रैक) तथा वित्तीय खुफिया इकाई-भारत के बीच सहयोग।
छ. साइबर नीति पर आदान-प्रदान तथा सीईआरटी इंडिया और सीईआरटी ऑट्रेलिया के बीच सहयेाग।
ज. गैर-कानूनी प्रवास से निपटने पर सहयोग।
4. सीमा सुरक्षा, कोस्ट कार्ड और कस्टम
क. वीजा, पासपोर्ट तथा काउन्सुलर विषयों पर संयुक्त कार्य समूह की वार्षिक बैठकें।
ख. भारतीय कोस्ट गार्ड तथा आस्ट्रेलियाई सीमा सुरक्षा अधिकारियों के बीच आदान-प्रदान और सहयोग।
ग. प्रशिक्षण सहित कस्टम अधिकारियों के बीच सहयोग।
5. निरस्त्रीकरण, अ-प्रसार, नागरिक परमाणु ऊर्जा तथा समुद्री सुरक्षा
क. निरस्त्रीकरण, अ-प्रसार तथा समुद्री सुरक्षा सहित अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा पर वार्षिक द्वीपक्षीय वार्ता।
ख. निर्यात नियंत्रण व्यवस्था की भारतीय सदस्यता के लिए ऑस्टेलिया का समर्थन।
ग. नागरिक परमाणु ऊर्जा सहयोग के शीघ्र संचालन तथा भारत के सुरक्षित परमाणु रियक्टरों के लिए यूरेनियम की सप्लाई के जरिए भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत बनाने में ऑस्ट्रेलिया का समर्थन।
घ. सूचना आदान-प्रदान और क्षेत्रीय वार्ता सहित अंतर्राष्ट्रीय तलाशी और बचाव में शामिल एजेंसियों के बीच सहयोग।
ड. विस्तारित आसियान मैरी टाइम फोरम सहित प्रासंगिक अंतर्राष्ट्रीय मंचों में इन विषयों पर सहयेाग।
6. आपदा प्रबंधन एवं शांति कार्य
क. मानवीय सहायता एवं आपदा राहत के दृष्टिकोणों का आदान-प्रदान।
ख. आपदा प्रबंधन पर पूर्व एशिया शिखर बैठक में साझेदारी।
ग. शांति कार्य में लगे संस्थानों के बीच सहयेाग सहित शांति कार्य के विषयों पर सहयोग और आदान-प्रदान।
7. क्षेत्रीय एवं बहुपक्षीय मंचों में सहयोग
क. पूर्व एशिया शिखर बैठक, आसियान क्षेत्रीय फोरम, आसियान रक्षा मंत्री बैठक प्लस, हिन्द महासागर रीम एसोसिएशन, हिंद महासागर नौसेना सिम्पोजियम, संयुक्त राष्ट्र और इसकी विशेषज्ञ एजेंसियां तथा जी-20 सहित क्षेत्रीय और बहुपक्षीय मंचों में घनिष्ठ सहयोग।
ख. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता के लिए भारत के प्रयास को समर्थन।
क्रियान्वयन
विदेश मंत्रियों की संरचनात्मक वार्ता तथा रक्षा मंत्रियों की बैठक सहित स्थापित संस्थागत व्यवस्थाओं के जरिए कार्य योजना की प्रगति की समीक्षा की जाएगी।