Search

पीएमइंडियापीएमइंडिया

न्यूज अपडेट्स

मंत्रिमंडल ने अन्य पिछड़ा वर्गों के उप-वर्गीकरण संबंधी मुद्दे की जांच के लिए गठित आयोग की समयावधि को बढ़ाए जाने की मंजूरी दी


प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने अन्य पिछड़ा वर्गों के उप-वर्गीकरण संबंधी मुद्दे की जांच के लिए गठित आयोग की समयावधि को बढ़ाए जाने को मंजूरी दी है। आयोग की समयावधि 12 सप्ताह, यानी 02 अप्रैल, 2018 तक बढ़ा दी गई है। समयावधि बढ़ाए जाने से आयोग विभिन्न हितधारकों से बातचीत करने के बाद अन्य पिछड़ा वर्गो के उप-वर्गीकरण के मुद्दे पर एक सम्पूर्ण रिपोर्ट सौंपने में सक्षम होगा।

आयोग को संविधान के अनुच्छेद 340 के तहत राष्ट्रपति के अनुमोदन से 02 अक्टूबर, 2017 गठित किया गया था। उस समय तय किया गया था कि आयोग अध्यक्ष द्वारा कार्यभार संभालने के 12 सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट पेश कर देगा।

पृष्ठभूमि

न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) श्रीमती जी. रोहिणी की अध्यक्षता में आयोग ने 11 अक्टूबर, 2017 को अपना काम शुरू कर दिया था। उस समय से अब तक आयोग ने आरक्षण वाले सभी राज्यों/केन्द्रशासित प्रदेशों तथा राज्य पिछड़ा वर्ग आयोगों के साथ बातचीत की है। आयोग ने पिछले तीन वर्षों के दौरान उच्च शिक्षा पाठ्यक्रमों में अन्य पिछड़ा वर्गों के प्रवेश के संदर्भ में 197 उच्च शिक्षा संस्थानों से आंकड़े तलब किए हैं। आयोग ने सरकारी विभागों, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, वित्तीय संस्थानों और केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों की सरकारी नौकरियों में अन्य पिछड़ा वर्ग सदस्यों के रोजगार संबंधी आंकड़े भी मांगवाए है, ताकि इनके आरक्षण की असमानता का आकलन किया जा सके। इस आकलन के तहत अन्य पिछड़ा वर्गों की केन्द्रीय सूची में शामिल जातियां/समुदाय शामिल हैं।

व्यापक रिपोर्ट तैयार करने के लिए इस कार्य में शामिल आंकड़ों की बहुतयात और उनके विश्लेषण में लगने वाले समय को देखते हुए आयोग ने अपनी समयावधि को 12 सप्ताह के लिए बढ़ाने का अनुरोध किया था।