पीएमइंडिया
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आय पर करों के संबंध में दोहरे कराधान के परिहार तथा राजकोषीय अपवंचन को रोकने के लिए भारत गणराज्य की सरकार तथा किरगिज़ गणराज्य की सरकार के बीच करार के संशोधनकारी प्रोटोकॉल को अपनी मंजूरी प्रदान कर दी है।
भारत और किरगिज़ गणराज्य के बीच डीटीएए के संशोधनकारी प्रोटोकॉल का लक्ष्य अनुच्छेद 26 (सूचनाओं के आदान-प्रदान) को अंतर्राष्ट्रीय मानकों तक अद्यतन करना है। अद्यतित अनुच्छेद, सूचनाओं के अधिकतम संभव सीमा तक आदान-प्रदान का प्रावधान करता है।इस डीटीएए के अनुच्छेद 26 में नए जोड़े जा रहे पैराग्राफ 4 और 5 यह प्रावधान करते हैं कि वह राज्य जिससे इस अनुच्छेद के तहत सूचना का अनुरोध किया जाता है, इस आधार पर सूचना से मना नहीं कर सकता कि उसका उस सूचना में कोई घरेलू कर हित नहीं है या अनुरोधित सूचना किसी बैंक अथवा किसी वित्तीय संस्थान, इत्यादि द्वारा धारित है। यह प्रोटोकॉल भारत को इस बारे में और शक्ति देता है कि वह आपूर्तिकर्ता राज्य द्वारा प्राधिकृत किए जाने के बाद डीटीएए के तहत प्राप्त सूचनाओं को दूसरे विधि प्रवर्तन उद्देश्यों के लिए प्रयोग कर सके।
पृष्ठभूमि
भारत और किरगिज़ गणराज्य के बीच मौजूदा दोहरे कराधान परिहार करार को 7/02/2001 को अधिसूचित किया गया था और वह 10/01/2001 से लागू था। आय पर करों के संबंध में दोहरे कराधान परिहार करने और वित्तीय अपवंचन रोकने के लिए भारत और किरगिज़ गणराज्य के बीच डीटीएए के संशोधनकारी प्रोटोकॉल पर दोनों देशों द्वारा हस्ताक्षर किए जाने की सहमति बनी है।