पीएमइंडिया
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने खाद्य तेल एवं खाद्य तिलहन के संदर्भ में 28.09.2015 को जारी केंद्रीय आदेश और दालों के संदर्भ में 18.10.2015 को जारी केंद्रीय आदेश सं. एस. ओ. सं. 2857 (ई) की वैधता में 01.10.2016 से 30.09.2017 तक अगले एक साल की अवधि के लिए विस्तार देने को मंजूरी दी है।
इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य केंद्र सरकार की पूर्व सहमति के साथ राज्य सरकारों को जरूरत महसूस होने पर दलहन, तिलहन एवं खाद्य तेलों के संदर्भ में स्टॉक सीमा/लाइसेंस आवश्यकताओं को तय करने के लिए नियंत्रण आदेश जारी करने में समर्थ बनाना है। इससे आम लोगों विशेषकर कमजोर वर्गों के लिए इन वस्तुओं की उपलब्धता में सुधार लाने और जमाखोरी एवं मुनाफाखोरी की प्रवृत्तियों को नियंत्रित करने के प्रयासों में मदद मिलने की उम्मीद है।
पृष्ठभूमिः
केंद सरकार की ओर से 15.02.2002 को जारी आदेश के तहत खाद्य पदार्थों की कुछ श्रेणियों को लाइसेसिंग, स्टॉक सीमा और आवाजाही पर प्रतिबंध के दायरे से बाहर कर दिया गया था। उसके बाद निर्दिष्ट खाद्य वस्तुओं में असामान्य मूल्य वृद्धि होने पर सरकार समय-समय पर मंत्रिमंडल की मंजूरी के साथ अधिसूचना जारी कर एक निश्चित अवधि के लिए 2002 के आदेश में संशोधन/संचालन पर रोक लगाती रही है। दलहन पर सबसे पहले अगस्त 2006 में प्रतिबंध लगाया गया था और समय-समय पर उसमें विस्तार किया जाता रहा है। बाद में अप्रैल 2008 में उसमें तेल एवं तिलहन को भी शामिल कर लिया गया जिसमें समय-समय पर विस्तार दिया गया। वर्तमान आदेश की वैधता 30.09.2016 को समाप्त हो रही है और वर्तमान परिस्थितियों के मद्देनजर उसमें विस्तार की जरूरत है।