पीएमइंडिया
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में आज दूरसंचार विभाग (डीओटी) और अन्य मंत्रालयों के दूरसंचार और सूचना प्रौद्योगिकी पृष्ठभूमि वाले समूह ‘’क’’ अधिकारियों की टेलीकम्युनिकेशंस कन्सल्टेंट इण्डिया लिमिटेड (टीसीआईएल) में प्रतिनियुक्ति करने के संबंध में दूरसंचार विभाग के निम्नलिखित प्रस्ताव को अनुमोदित कर दिया गया:
‘टेलीकम्युनिकेशंस कन्सल्टेंट इण्डिया लिमिटेड (टीसीआईएल) को दूरसंसचार विभाग (डीओटी) और अन्य मंत्रालयों के दूरसंचार और सूचना प्रौद्योगिकी पृष्ठभूमि वाले समूह ‘क’ अधिकारियों को प्रतिनियुक्ति द्वारा उस संख्या तक मध्यवर्ती अवधि अर्थात् दिनांक 01.01.2016 से इस प्रस्ताव को अनुमोदन मिलने तक (मंत्रिमंडल का पहले प्रदान किया अनुमोदन दिनांक 30.09.2016 तक वैध था। तथा लोक उद्यम विभाग (डीपीई) के दिशा निर्देशों के अनुसार टेलीकम्युनिकेशंस कन्सल्टेंट इण्डिया लिमिटेड (टीसीआईएल) में टीसीआइएल के बोर्ड स्तरीय पदों से निचले स्तर पर पदों की कुल संख्या अधिकतम 10 प्रतिशत के अध्यधीन एवं तत्काल आमेलन के नियम से छूट के साथ अनुमोदन की तारीख से और तीन वर्ष की अवधि के लिए प्रतिनियुक्ति पर भरने की अनुमति प्रदान करना।’’ और
भविष्य में टेलीकम्युनिकेशंस कन्सल्टेंट इण्डिया लिमिटेड (टीसीआईएल) में टीएसआईएल के बोर्ड स्तरीय पदों से निचले स्तर के पदों संबंधी छूट के मुद्दे को डीपीई के कार्यालय ज्ञापन सं. 18(6)2001-जीएम-जीएल-77 दिनांक 28.12.2005 के अनुसार सुलझाने की अनुमति प्रदान करना ताकि इस प्रकार के प्रस्ताव को मंत्रिमंडल को प्रस्तुत करना अपेक्षित न हो।
पृष्ठभूमि:
टेलीकम्युनिकेशंस कन्सल्टेंट इण्डिया लिमिटेड (टीसीआईएल) एक अग्रणी आईएसओ-9001:2008 ओर आईएसओ 14001:2004 प्रमाणित लघु रत्न श्रेणी-1 सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम (पीएसयू) है। टीसीआईएल, जो दूरसंचार और सूचना प्रौद्योगिकी में सुदृढ़ आधार वाली प्रमुख दूरसंचार परामर्शदात्री एवं इंजीनियरिंग कंपनी है, को भारत सरकार द्वारा वर्ष 1978 में निम्नलिखित उद्देश्यों के लिए निगमित किया गया था:-
दूरसंचार के सभी क्षेत्रों में विश्वस्तरीय प्रौद्योगिकी और वैश्विक तौर पर भारतीय विशेषज्ञता उपलब्ध कराना।
समुचित विपणन कार्यनीतियां तैयार करके विदेशी और भारतीय बाजारों में अपने प्रचालन को बनाए रखना, उसका विस्तार करना और तत्संबंधी उत्कृष्टता प्राप्त करना।
सतत आधार पर अद्यतन विशेषज्ञता आधारित प्रौद्योगिकी प्राप्त करना।
टेलीकम्युनिकेशंस कन्सल्टेंट इण्डिया लिमिटेड (टीसीआईएल) जो भारत सरकार का 100 प्रतिशत स्वामित्व वाला उपक्रम है, ने संचार और सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में 70 से भी अधिक देशों में परियोजनाओं का कार्य-निष्पादन किया है। यह दूरसंचार, सूचना प्रौद्योगिकी और सिविल अवसंरचना के क्षेत्र में संकल्पना से लेकर कार्य के पूर्ण होने तक परामर्शी और टर्न की परियोजना निष्पादन सेवा प्रदान करता है। दिनांक 31 मार्च, 2017 की स्थिति के अनुसार कंपनी की प्राधिकृत पूंजी 60 करोड़ रुपये है, जबकि इसकी प्रदत्त पूंजी 59.20 करोड़ रुपये है।
टीसीआईएल वर्ष 2009 में 48 देशों में अति प्रतिष्ठित अखिल-अफ्रीकी ई-नेटवर्क को कार्यान्वित कर रहा है, जो ऑप्टिकल फाइबर एवं सेटलाइट लिंक के माध्यम से अफ्रीकी संघ सदस्य देशों के मुख्य रूप से टेली-शिक्षा, टेली मेडिकल और अति विशिष्ट व्यक्ति कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। यह एक ऐसी समयबद्ध योजना है जिसका जुलाई 2021 तक व्यापक प्रचालन और रख-रखाव भी किया जाना है। विदेशी परियोजनाओं के अतिरिक्त टीसीआईएल भारत के विभिन्न स्थलों में सूचना प्रौद्योगिकी एवं दूरसंचार से संबंधित अनेक परियोजनाएं कार्यान्वित कर रहा है। कार्यान्वयन के अधीन प्रमुख परियोजनाएं हैं – रक्षा के लिए अनन्य ऑप्टिकल एनएलडी बैकबोन नेटवर्क और टर्न की आधार पर भारतीय नौ सेना के लिए एनएफएन नेटवर्क सुकर बनाने के लिए प्रापण, आपूर्ति, ट्रेंचिंग संस्थापना, परीक्षण और रख-रखाव जम्मू कश्मीर में ओपीजीडब्ल्यू परियोजना डीओपी ग्रामीण आईसीटी सलुशन (आरएच) परियाजना, ओडिशा के 500 स्कूलों और उत्तर प्रदेश के 1500 स्कूलों में ओडिशा (आईसीटी) परियोजना, भारत के विभिन्न राज्यों में वेब आधारित सेवा, एनओएफएन परियोजना के परियोजना प्रबंधन कार्यों के लिए बीबीएनएल को हार्डवेयर एवं सॉफ्टवेयर की आपूर्ति, इत्यादि।
प्रस्तावित निर्माणाधीन परियोजनाओं के अतिरिक्त निर्माणाधीन विदेशी/अन्तर्देशीय परियोजनाओं के कार्यान्वयन के लिए टीसीआईएल को समय समय पर इसके द्वारा संचालित परियोजनाओं की जरूरत के अनुसार दूरसंचार और सूचना प्रौद्योगिकी पृष्ठभूमि वाले अनुभवी एवं प्रतिभावान वरिष्ठ अधिकारियों की आवश्यकता होती है। टीसीआईएल प्रतिनियुक्ति के आधार पर विशेषज्ञों की नियुक्ति करके राष्ट्रीय और अतर्राष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धी बना रह सकता है क्योंकि टीसीआईएल के लिए प्रतिनियुक्ति पर नियुक्त किए गए व्यक्तियों की तुलना में और इतने कम समय में किफायती दरों पर बाहर से ऐसे विशेषज्ञों कीसेवाएं लेता है तो ऐसा करना टीसीआईएल के लिए एक स्थायी देयता बन जाती है जबकि प्रतिनियुक्ति के आधार पर नियुक्त किए गए व्यक्तियों के मामले में ऐसी नहीं होता है जो केवल उस परियोजना अवधि के लिए टीसीआईएल में नियुक्त किए जाते हैं जिसके लिए उनकी सेवाओं की जरूरत होती है।
तदनुसार, मंत्रिमंडल ने टीसीआईएल को मध्यवर्ती अवधि अर्थात दिनांक 01.10.2016 से इस प्रस्ताव के अनुमोदित होने तक (पूर्व में मंत्रिमंडल का अनुमोदन दिनांक 30.09.2016 तक वैध था) के लिए और टीसीआईएल में बोर्ड स्तर के नीचे के पदों की कुल संख्या के अधिकतम 10 प्रतिशत के अध्यधीन डीपीई के दिशा निर्देशों के अनुसार अनुमोदन की तारीख से आगे के तीन वर्षों की अवधि के लिए दूरसंचार और सूचना प्रौद्योगिकी पृष्ठभूमि वाले दूरसंचार विभाग एंव अन्य मंत्रालयों के समूह ‘क’ अधिकारियों से प्रतिनियुक्ति आधार पर पदों को भरने की अनुमति दी है। मंत्रिमंडल ने यह भी अनुमति दी है कि भविष्य में टेलीकम्युनिकेशंस कन्सल्टेंट इण्डिया लिमिटेड (टीसीआईएल) में बोर्ड स्तर से नीचे के पदों की छूट के मुद्दे पर डीपीई के का.ज्ञा. संख्या 18(6)2001-जीएम-जीएल-77 दिनांक 28.12.2005 के अनुसार विचार किया जाए।