पीएमइंडिया
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ‘दि रिपब्लिक ऑफ कोलंबिया और भारत गणराज्य के बीच निवेश के संवर्द्धन और संरक्षण के लिए मौजूदा करार (बीपा), 10 नवंबर, 2009 को हस्ताक्षरित, के संबंध में भारत और कोलंबिया के बीच संयुक्त निर्वचनात्मक घोषणा (जेआईडी) पर हस्ताक्षर करने के लिए अपनी मंजूरी प्रदान कर दी है।
यह संयुक्त निर्वचनात्मक घोषणा और भारत और कोलंबिया के बीच निवेशों के संवर्धन और संरक्षण संबंधी मौजूदा करार (बीपा) के निर्वचन में स्पष्टता प्रदान करेगी। इस संयुक्त निर्वचनात्मक घोषणा में निवेशक की परिभाषा, निवेश की परिभाषा, उचित और साम्यतापूर्ण व्यवहार (एफईटी), राष्ट्रीय व्यवहार (एनटी), और सर्वाधिक अनुकूल राष्ट्र (एमएफएन) के व्यवहार, स्वामित्वहरण, निवेशक-राज्य विवाद समाधान प्रावधान और लाभों से इंकार किए जाने सहित अनेक खंडों के लिए संयुक्त रूप से अंगीकृत किए जाने वाले निर्वचनात्मक टिप्पण शामिल हैं।
संयुक्त निर्वचनात्मक घोषणा/विवरण सामान्यतया निवेश संधि व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण में एक महत्वपूर्ण अनुपूरक भूमिका अदा करते हैं। बढ़ रहे द्विपक्षीय निवेश संधि (बीआईटी) विवादों, ऐसे विवरणों के जारी करने से माध्यस्थम अधिकरणों के समक्ष इनका प्रेरक महत्व और भी अधिक बढ़ने की संभावना है। राज्यों द्वारा ऐसे सकारात्मक दृष्टिकोण से माध्यस्थम अधिकरणों द्वारा संधि की शर्तों के और अधिक संभावित तथा संगत पठन को बढ़ावा मिल सकता है।