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मंत्रिमंडल ने भोपाल मेट्रो रेल परियोजना को मंजूरी दी


इस परियोजना में करोंद सर्कल से एम्स तक और भदभदा चौराहे से रत्नागिरि तिराहा तक दो रेल गलियारे बनाए जायेंगे 

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भोपाल मेट्रो रेल परियोजना को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना के तहत करोंद सर्कल से एम्स तक और भदभदा चौराहे से रत्नागिरि तिराहा तक दो रेल गलियारे बनाए जायेंगे, जिनकी कुल लम्बाई 27.87 किलोमीटर होगी। इनमें से करोंद सर्कल से एम्स गलियारा 14.99 किलोमीटर और भदभदा चौराहे से रत्नागिरि तिराहा गलियारा 12.88 किलोमीटर का होगा। ये गलियारे भोपाल के प्रमुख इलाकों को जोड़ेगें।

विवरण :

1. करोंद सर्कल से एम्स के बीच बनने वाली मेट्रो रेल लाइन ज्यादातर हिस्सों में जमीन से ऊपर (एलिवेटेड) होगी।

2. केवल भोपाल रेलवे स्टेशन और बस स्टेशन के पास का इसका हिस्सा भूमिगत रहेगा। इस रेल मार्ग पर 16 स्टेशन होंगे। जिनमें से 14 जमीन से ऊपर और 2 भूमिगत होंगे।

3. भदभदा चौराहे से रत्नागिरि तिराहे के बीच की मेट्रो लाइन पर 14 स्टेशन होंगे जो सभी जमीन से ऊपर बने होंगे

4. शहर की आबादी वाले इलाकों में यह रेल परियोजना वहनीय, भरोसेमंद, सुरक्षित और निर्बाध परिवहन सेवा उपलब्ध कराएगी। जिससे दुर्घटनाओं में कमी आएगी, यात्रा समय में बचत होगी, ऊर्जा की खपत और प्रदूषण घटेगा तथा टिकाऊ विकास के लिए शहरी विस्तार और भूमि के इस्तेमाल को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया जा सकेगा।

5. इस परियोजना पर अनुमानित 6941.40 करोड़ रुपये का खर्च आयेगा। यह परियोजना 4 वर्ष में पूरी होगी।

लाभ :

भोपाल मेट्रो रेल परियोजना से भोपाल की 23 लाख की घनी आबादी वाले क्षेत्र प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से लाभान्वित होंगे। परियोजना के तहत बनाए जाने वाले दोनों रेल गलियारे बहु-मॉडल वाले होंगे जो रेलवे स्टेशनों से जुड़े होंगे। इन मेट्रो रेल स्टेशनों के लिए फीडर बस सेवा नेटवर्क उपलब्ध होगी। यह मेट्रो रेल परियोजना यात्री भाड़े के अलावा किराये और विज्ञापनों तथा वीसीएफ के जरिये भी राजस्व जुटाएगी।

मेट्रो रेल गलियारे के आस-पास के इलाकों को इस परियोजना से काफी फायदा मिलेगा। इन इलाकों के लोग शहर के विभिन्न हिस्सों तक आने-जाने के लिए मेट्रो रेल सेवा का लाभ ले सकेंगे।

करोंद से एम्स के बीच की मेट्रो रेल लाइन शहर के मध्य भाग से गुजरते हुए घनी आबादी वाले इलाकों को बस अड्डे, रेलवे स्टेशनों और एम्स से जोड़ेगी। भदभदा से रत्नागिरि के बीच बनने वाली रेल लाइन भोपाल के पास निर्माणाधीन स्मार्ट शहर के इलाकों को बीएफआईईएल और उसके आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों से जोड़ेगी। यह मेट्रो रेल परियोजना पर्यावरण अनुकूल और टिकाउ सार्वजनिक परिवहन सेवा उपलब्ध कराएगी।

परियोजना प्रगति :

परियोजना को लागू करने के लिए मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कंपनी लिमिटेड के नाम से एक अलग कंपनी का गठन किया गया है।

परियोजना के लिए वित्त पोषण केंद्र और मध्य प्रदेश सरकार की ओर से समान आधार पर किया जाएगा। कुछ हिस्सा यूरोपीय निवेश बैंक की ओर से भी दिया जाएगा।

परियोजना के लिए मैसर्स डी बी इंजीनियरिंग एडं कन्सलटिंग जीएनबीएच और मैसर्स लुइस बरजर एसएएस मैसर्स जियो डेटा इंजीनियरिंग कंपनियों के समूह को सलाहकार कंपनी बनाया गया है। परियोजना के पहले सिविल कार्यों के लिए निविदाएं आमंत्रित की जा चुकी हैं। काम जल्द ही शुरू हो जाएगा।