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मंत्रिमंडल ने मानव संसाधन विकास के क्षेत्र में भारत और अफगानिस्तान के बीच सहमति पत्र को मंजूरी दी


प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने मानव संसाधन विकास के क्षेत्र में भारत और अफगानिस्तान के बीच सहयोग के लिए सहमति पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर के लिए मंजूरी दी।

सहमति पत्र से अफगानिस्तान के छात्रों तथा शैक्षणिक संस्थानों को ‘स्वयं’ पाठ्यक्रमों में पंजीकरण तथा उपयोग की सुविधा मिलेगी। इस सहमति पत्र से अफगानिस्तान में विकसित पाठ्यक्रमों को ‘स्वयं’ वेबसाइट पर अपलोड करने की भी सुविधा प्राप्त होगी। अफगानिस्तान के छात्रों और अध्यापकों को मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान करेगा।

इस सहमति पत्र के माध्यम से भारत सरकार, शिक्षा से जुड़े अन्य पहलों जैसे भारतीय राष्ट्रीय डिजिटल लाइब्रेरी (एनडीएलआई), वर्चुअल प्रयोगशाला, अध्ययन सामग्री आदि की तकनीक साझा करने की सुविधा प्रदान करेगी। भारत और अफगानिस्तान के विश्वविद्यालयों/संस्थानों के बीच संयुक्त स्नातकोत्तर कार्यक्रमों के निर्माण का भी प्रस्ताव दिया गया है। पाठ्यक्रमों को विकसित करने तथा अध्यापन कर्मियों की क्षमता निर्माण के क्षेत्र में भी मानव संसाधन विकास मंत्रालय, अफगानिस्तान के उच्च शिक्षा मंत्रालय को सहायता प्रदान करेगा।

इस सहमति पत्र के माध्यम से दोनों देशों ने शैक्षणिक योग्यताओं को परस्पर मान्यता प्रदान करने पर भी सहमति जताई है। इससे ‘भारत में अध्ययन’ कार्यक्रम के तहत छात्रों को आकर्षित करने और अफगान संस्थाओं में अध्ययन को प्रोत्साहन मिलेगा।

यह सहमति पत्र दोनों देशों के बीच शिक्षा के क्षेत्र में परस्पर सहयोग के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा।

पृष्ठभूमि

भारत और अफगानिस्तान के बीच शिक्षा समेत अन्य क्षेत्रों में मजबूत राजनयिक संबंध रहे हैं। इसे और सशक्त बनाने के लिए दोनों देशों ने मानव संसाधन विकास के क्षेत्र में सहयोग के लिए सहमति पत्र पर हस्ताक्षर करने का निर्णय लिया है।

मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार ने राष्ट्रीय आईसीटी शिक्षा मिशन (एनएमईआईसीटी) के अंतर्गत प्रोद्योगिकी आधारित शिक्षा के विभिन्न पहलों की शुरूआत की है। स्वयं एक ऐसा ही कार्यक्रम है। इस कार्यक्रम के तहत विभिन्न ऑनलाइन पाठ्यक्रम हैं जिन्हें देश के सर्वश्रेष्ठ शिक्षाविदों ने तैयार किया है। नवीनतम जानकारी के अनुसार स्वयं के तहत 2000 पाठ्यक्रमों के लिए 35 लाख छात्रों ने नामांकन कराया है। इसके अंतर्गत 9वीं कक्षा से लेकर स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम तक शामिल हैं। स्वयं के तहत पाठ्यक्रम पूरा करने के लिए छात्रों को 20 प्रतिशत तक क्रेडिट स्थांतरण की सुविधा दी गयी है। इसके अतिरिक्त स्वयं में उच्च शिक्षा के लिए वार्षिक रिफ्रेशर पाठ्यक्रमों की भी सुविधा है।