पीएमइंडिया
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मेड-अप्स यानी निर्मित वस्तुओं के क्षेत्र में रोजगार सृजन और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए सुधारों को अपनी मंजूरी दे दी है।
मेड-अप्स क्षेत्र में अगले तीन वर्षों के दौरान बड़े पैमाने पर 11 लाख लोगों के लिए प्रत्यक्ष या परोक्ष रोजगार पैदा करने के उद्देश्य के साथ, परिधान पैकेज के लिए 6,006 करोड़ रुपए के स्वीकृत बजट के भीतर समयबद्ध तरीके से निम्नलिखित चीजों को अनुमोदित किया गया है:-
1. मेड-अप्स के लिए प्रौद्योगिकी उन्नयन कोष योजना (टीयूएफएस) सब्सिडी 10 प्रतिशत अतिरिक्त बढ़ाकर उत्पादन प्रोत्साहन मुहैया कराना, ठीक वैसे ही जैसे तीन वर्षों की अवधि के बाद रोजगार और अतिरिक्त उत्पादन के आधार पर गारमेंट्स को करवाई जाती है।
2. प्रधानमंत्री परिधान रोजगार प्रोत्साहन योजना का मेड-अप्स सेक्टर के लिए विस्तार ताकि ईपीएफओ में दाखिला लेने वाले सभी नए कर्मचारियों को काम के पहले तीन वर्ष नियोक्ता के योगदान का 3.67 प्रतिशत हिस्सा अतिरिक्त मुहैया करवाया जा सके जो कि प्रधानमंत्री रोजगार प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत दिए जाने वाले 8.33 प्रतिशत के अलावा है।
3. मेड-अप्स के निर्यात पर बढ़े हुए ड्यूटी ड्रॉबैक के लिए, मेड-अप्स क्षेत्र को रीबेट ऑफ स्टेट लेवीज़ (आरओएसएल) योजना (परिधानों के लिए) का विस्तार।
4. श्रम कानूनों का सरलीकरण:
(क) मेड-अप्स विनिर्माण क्षेत्र में प्रति तिमाही के ओवरटाइम को बढ़ाकर 100 घंटे तक किया गया है ।
(ख) प्रति माह 15,000 रुपए से कम कमाने वाले कर्मचारियों के लिए ईपीएफ में उनका योगदान वैकल्पिक किया।
इन कदमों से अनुमान है कि कपड़ा क्षेत्र में रोजगार को बढ़ावा मिलेगा और 11 लाख व्यक्तियों तक रोजगार पैदा होगा जिससे निर्यात में वृद्धि होगी और कपड़ा व परिधान क्षेत्र में कर्मचारियों के लाभ बढ़ेंगे।