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मंत्रिमंडल ने रेल क्षेत्र में तकनीकी सहयोग के लिए इटली की फेरोवी डेलो स्टैटो इटैलियन एस.पी.ए. के साथ एमओयू की जानकारी दी


प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने रेल क्षेत्र में तकनीकी सहयोग के लिए रिपब्लिक ऑफ इटली की फेरोवी डेलो स्टैटो इटैलियन एस.पी.ए. के साथ 31 जनवरी 2017 को हस्‍ताक्षरित समझौता ज्ञापन (एमओयू) की जानकारी दी

यह एमओयू भारतीय रेल को सुरक्षा, दक्षता एवं स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए रेलवे क्षेत्र में नवीनतम विकास एवं ज्ञान को साझा करने और बातचीत के लिए एक मंच प्रदान करेगा। यह समझौता ज्ञापन सूचनाओं के आदान-प्रदान, विशेषज्ञों की बैठकों, सेमिनारों, तकनीकी दौरों और संयुक्त सहमति वाली सहयोग परियोजनाओं के कार्यान्वयन को भी सुगम बनाएगा।

इस समझौता ज्ञापन का उद्देश्य आपसी लाभ के लिए सुरक्षा, दक्षता एवं स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए रेलवे क्षेत्र में तकनीकी सहयोग गतिविधियों का विकास करना है। यह निम्‍नलिखित क्षेत्रों में तकनीकी सहयोग प्रदान करेगा:-

क. भारतीय रेल की सुरक्षा जांच और रेल परिचालन में सुरक्षा बढ़ाने के लिए जरूरी उपाय,

ख. सेफ्टी इंटेग्रिटी लेबल 4 (एसआईएल4) के लिए उन्‍नत प्रौद्योगिकी आधारित सुरक्षा उत्‍पादों एवं प्रणालियों का मूल्‍यांकन एवं प्रमाणीकरण,

ग. उन्नत सिग्नलिंग एवं ट्रेन नियंत्रण प्रणाली के क्षेत्र में सुरक्षा पर ध्यान देने के साथ ही प्रशिक्षण और सामर्थ्‍य विकास,

घ. रखरखाव और निदान में आधुनिक रुझान,

ड. प्रतिभागियों द्वारा संयुक्त रूप से पहचाना जाने वाला कोई अन्य क्षेत्र।

पृष्‍ठभूमि:

फेरोवी डेलो स्टैटो इटैलियन ग्रुप (एफएस ग्रुप) अपनी कंपनियों के माध्‍यम से रेलवे से जुड़े कारोबार पर केंद्रित इटली के रेलवे क्षेत्र का प्रबंधन करने वाला एक प्रमुख्‍ा समूह है। इसकी प्रमुख कंपनियां इस प्रकार हैं: ट्रेनिटैलिया- रेल परिवहन, रेटे फेरोवियारिया इटैलियाना- रेलवे इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर का प्रबंधन, इटैल्‍फेर- इंजीनियरिंग कंपनी, इटैल्‍सेरिफर- रेलवे प्रणालियों एवं उपकरणों के प्रामाणीकरण के लिए अधिसूचित कंपनी। एफएस ग्रुप सरकार की पूर्ण स्‍वामत्वि वाली कंपनी है और वह इटली के मिनिस्‍ट्री ऑफ ट्रेजरी के अधीन है।

रेल मंत्रालय ने रेलवे क्षेत्र में तकनीकी सहयोग के लिए विभिन्‍न विदेशी सरकारों और राष्‍ट्रीय रेलवे के साथ एमओयू पर हस्‍ताक्षर किए हैं। सहयोग के लिए पहचान किए गए क्षेत्रों में हाई स्‍पीड कॉरिडोर, मौजूदा मार्गों पर गति बढ़ाने, विश्वस्‍तरीय स्‍टेशनों का विकास, बड़े आकार के डिब्‍बों का परिचालन और रेल बुनियादी ढांचे का आधुनिकीकरण आदि शामिल हैं। रेलवे, प्रौद्योगिकी एवं परिचालन, ज्ञान की साझेदारी, तकनीकी दौरे, प्रशिक्षण एवं सेमिनार और आपसी हित के क्षेत्रों में कार्यशालाओं के आयोजन से विकास संबंधी सूचनाओं के आदान-प्रदान के जरिये सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा।

यह एमओयू रेलवे क्षेत्र में नवीनतम विकास एवं ज्ञान को साझा करने और बातचीत के लिए भारतीय रेलवे को एक मंच प्रदान करता है। यह समझौता ज्ञापन ज्ञान की साझेदारी के लिए विशिष्‍ट प्रौद्योगिकी क्षेत्र एवं अन्‍य बातचीत पर केंद्रित तकनीकी विशेषज्ञों, रिपोर्टों एवं तकनीकी दस्‍तावेजों, प्रशिक्षण और सेमिनारों/कार्यशालाओं के आदान-प्रदान को सुगम बनाएगा।