पीएमइंडिया
आत्मनिर्भर भारत : पीएलआई योजना से भारत की विनिर्माण क्षमताओं और निर्यात में वृद्धि होगी
केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने आज विनिर्माण और निर्यात को एक बड़ी गति प्रदान करते हुए निम्नलिखित 10 प्रमुख क्षेत्रों (अनुलग्नक में दिए गए विशिष्ट उत्पाद लाइनों के लिए) में उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना शुरू करने के नीति आयोग के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है :
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1 |
एडवांस केमिस्ट्री सेल (एसीसी) बैटरी |
नीति आयोग एवं भारी उद्योग विभाग |
18100 |
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2 |
इलेक्ट्रॉनिक/प्रौद्योगिकी उत्पाद |
इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय |
5000 |
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3 |
ऑटोमोबाइल एवं ऑटो घटक |
भारी उद्योग विभाग |
57042 |
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4 |
फार्मास्यूटिकल्स ड्रग्स |
फार्मास्यूटिकल्स विभाग |
15000 |
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5 |
दूरसंचार एवं नेटवर्किंग उत्पाद |
दूरसंचार विभाग |
12195 |
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6 |
वस्त्र उत्पाद : एमएमएफ विभाग और टेक्निकल टेक्सटाइल |
वस्त्र मंत्रालय |
10683 |
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7 |
खाद्य उत्पाद |
खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय |
10900 |
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8 |
उच्च दक्षता सौर पीवी मॉड्यूल |
नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय |
4500 |
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9 |
व्हाइट गुड्स (एसी और एलईडी) |
उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग |
6238 |
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10 |
विशिष्ट स्टील |
इस्पात मंत्रालय |
6322 |
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कुल |
145980 |
प्राथमिकता | क्षेत्र | कार्यान्वयन मंत्रालय/ विभाग | पांच वर्ष की अवधि के लिए स्वीकृत वित्तीय परिव्यय रुपये करोड़ में |
|---|---|---|---|
पीएलआई योजना संबंधित मंत्रालयों/विभागों द्वारा लागू की जाएगी और यह निर्धारित समग्र वित्तीय सीमाओं के दायरे में होगी। विभिन्न क्षेत्रों के लिए पीएलआई के अंतिम प्रस्तावों का मूल्यांकन व्यय वित्त समिति (ईएफसी) द्वारा किया जाएगा और इसे मंत्रिमंडल द्वारा अनुमोदित किया जाएगा। किसी अनुमोदित क्षेत्र की एक पीएलआई योजना से बचत, यदि कोई हो, का उपयोग अधिकार प्राप्त सचिवों के समूह द्वारा दूसरे अनुमोदित क्षेत्र के वित्तपोषण के लिए किया जा सकता है। पीएलआई के लिए किसी भी नए क्षेत्र को मंत्रिमण्डल की नए सिरे से मंजूरी लेने की आवश्यकता होगी।
इन 10 प्रमुख विशिष्ट क्षेत्रों में पीएलआई योजना भारतीय निर्माताओं को विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाएगी, महत्वपूर्ण प्रतिस्पर्धी और अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करेगी; क्षमता सुनिश्चित करेगी; बड़े पैमाने की अर्थव्यवस्थाओं का निर्माण करेगी; निर्यात बढ़ाएगी और भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का अभिन्न अंग बनाएगी।
उपर्युक्त निम्नलिखित क्षेत्रों में पहले से अधिसूचित पीएलआई योजनाओं के अतिरिक्त होगा :
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क्रम सं. |
क्षेत्र |
कार्यान्वयन मंत्रालय/विभाग |
वित्तीय परिव्यय रुपये करोड़ में |
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1 |
मोबाइल विनिर्माण और निर्दिष्ट इलेक्ट्रॉनिक घटक |
इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय |
40951
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2 |
मुख्य शुरुआती सामग्री/ ड्रग इंटरमीडियरी और सक्रिय दवा सामग्री |
फार्मास्यूटिकल्स विभाग |
6940
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3 |
चिकित्सा उपकरणों का विनिर्माण |
3420
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कुल |
51311 |
प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत के आह्वान पर देश में कुशल, न्यायसंगत और लचीला विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए नीतियों की परिकल्पना की गई है। औद्योगिक वस्तुओं के उत्पादन और निर्यात में वृद्धि से भारतीय उद्योग को विदेशी प्रतिस्पर्धा और विचारों को जानने का काफी अवसर मिलेगा, जिससे आगे कुछ नया करने की अपनी क्षमताओं में सुधार करने में मदद मिलेगी। विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देने और एक अनुकूल विनिर्माण इकोसिस्टम के निर्माण से न केवल वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं के साथ एकीकरण हो सकेगा बल्कि देश में एमएसएमई क्षेत्र के साथ बैकवर्ड लिंकेज भी स्थापित होंगे। इससे अर्थव्यवस्था में समग्र विकास होगा और रोजगार के अत्यधिक अवसर पैदा होंगे।
अनुलग्नक
क्षेत्रवार उत्पाद श्रेणी
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क्षेत्र |
उत्पाद श्रेणी |
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एडवांस केमिस्ट्री सेल (एसीसी) बैटरी विनिर्माण |
एसीसी बैटरी |
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इलेक्ट्रॉनिक/प्रौद्योगकी उत्पाद |
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ऑटोमोबाइल और ऑटो घटक
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ऑटोमोबाइल एवं ऑटो घटक |
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फार्मास्यूटिकल्स |
श्रेणी 1
श्रेणी 2
श्रेणी 3 i. रीपर्पस्ड ड्रग्स ii. ऑटोड्रग्स इम्यून-, एंटीड्रग्स कैंसर-, एंटी डायबिटिकड्रग्स, एंटी इंफेक्टिव ड्रग्स, कार्डियोवस्कुलर ड्रग्स, साइकोट्रोपिक ड्रग्स और एंटी रेट्रोवायरल ड्रग्स iii. इन-विट्रो डायग्रोस्टिक उपकरण (आईवीडी) iv. फाइटोफार्मास्यूटिकल्स V. अन्य दवाएं जिनका निर्माण भारत में नहीं किया जाता है। vi. अनुमोदित अन्य दवाएं |
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दूरसंचार उत्पाद |
i. कोर ट्रांसमिशन उपकरण ii. 4जी/5 जी, नेक्स्ट जेनरेशन रेडियो एक्सेस नेटवर्क और वायरलेस उपकरण iii एक्सेस एंड कस्टमर प्रेमिसेज उपकरण (सीपीई), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी एक्सेस डिवाइस और अन्य वायरलेस उपकरण iv. एंटरप्राइज़ उपकरण : स्विच, राउट |
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वस्त्र |
i. मानव निर्मित फाइबर श्रेणी ii. तकनीकी वस्त्र |
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खाद्य प्रसंस्करण |
i. रेडी टू ईट / रेडी टू कुक (आरटीई /आरटीसी), ii. समुद्री उत्पाद, iii. फल एवं सब्जियां iv. शहद, v. देसी घी, vi. मोत्ज़ारेला चीज vii. ऑर्गेनिक अंडे और पोल्ट्री मांस |
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सौर पीवी विनिर्माण |
सौर पीवी |
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व्हाइट गुड्स |
i. एयर कंडीशनर ii. एलईडी |
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स्टील उत्पाद |
i. कोटेड स्टील ii. हाई स्ट्रेंथ स्टील iii. स्टील रेल iv. एलॉए स्टील बार एवं रॉड |
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डीएस/एमजी/एएम/एसके/डीए
Cabinet decision of PLI scheme for 10 sectors will boost manufacturing, give opportunities to youth while making India a preferred investment destination. This is an important step towards improving our competitiveness & realising an Aatmanirbhar Bharat. https://t.co/KDQvMEBubJ
— Narendra Modi (@narendramodi) November 11, 2020