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रांची में प्रधानमंत्री


विकसित सभी दिशाओं में विकास को संतुलित होना होगा।

राष्ट्रीय डिजिटल साक्षरता मिशन की शुरूआत की।

क्षेत्रीय पारेषण लाइन राष्ट्र को समर्पित की।

मेगावाट उत्तर कर्णपुरा सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट पर काम का शुभारंभ।

सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया सेंटर में नई इनक्यूबेशन सुविधा केन्द्र का शिलान्यास किया।

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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज जोर देकर कहा कि अगर भारत को एक विकसित राष्ट्र के रुप में उभरना है तो देश का कोई हिस्सा कमजोर और अर्द्ध-विकसित नहीं बना रह सकता। प्रधानमंत्री ने कहा कि पूर्वी भारत अर्द्ध-विकसित बना हुआ है। उन्होंने कहा कि विकास को उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम चारों दिशाओं में संतुलित होना चाहिए, जिससे कि पूरे देश के आम लोग समान रूप से विकास के फल का आनंद उठा सकें।

प्रधानमंत्री, रांची में राष्ट्रीय डिजिटल साक्षरता मिशन का शुभारंभ करने के बाद एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे।

प्रधानमंत्री ने जसीडीह में आईओसी ऑयल टर्मिनल और 765 केवी रांची-धर्मजयगढ़-सिपत अंतर-क्षेत्रीय पारेषण लाइन को भी राष्ट्र को समर्पित किया। प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि जल्द ही जगदीशपुर-फूलपुर-हल्दिया गैस पाइपलाइन पर काम शुरू हो जाएगा। यह पूर्वी भारत के लिए ऊर्जा का एक बड़ा स्रोत बन जाएगा।

प्रधानमंत्री ने उत्तर कर्णपुरा सुपर थर्मल पावर संयंत्र पर भी काम का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि यह बिजली संयंत्र झारखंड से अंधकार मिटा देगा।

प्रधानमंत्री ने दो सूचना प्रौद्योगिकी संबंधित परियोजनाओं का भी शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि झारखंड के पास विकास की असीम संभावना है और वह विकास के जरिए झारखंड के लोगों के प्रेम और स्नेह का ऋण अदा करेंगे।

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प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि अगर भारत को अगर विकसित राष्ट्र बनना है तो इसके राज्यों को भी विकसित होना होगा। उन्होंने खनिज पदार्थों पर रॉयलटी दरों को बढ़ाने के कल के मंत्रिमंडल के फैसले का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह फैसला झारखंड को बहुत ज्यादा लाभान्वित करेगा।

इस अवसर पर झारखंड के राज्यपाल श्री सैयद अहमद, झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन, केन्द्रीय संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी और कानून एवं न्याय मंत्री श्री रवि शंकर प्रसाद, बिजली, कोयला और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री पीयूष गोयल और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र प्रधान उपस्थित थे।