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राजकोट, गुजरात में ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे के शिलान्यास समारोह में प्रधानमंत्री का संबोधन

राजकोट, गुजरात में ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे के शिलान्यास समारोह में प्रधानमंत्री का संबोधन

राजकोट, गुजरात में ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे के शिलान्यास समारोह में प्रधानमंत्री का संबोधन

राजकोट, गुजरात में ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे के शिलान्यास समारोह में प्रधानमंत्री का संबोधन


विशाल संख्‍या में पधारे हुए सुरेद्र नगर जिले के मेरे प्‍यारे भाईयो और बहनों। आप गरीब से गरीब व्‍यक्ति को पूछो, जिसके पास घर नहीं है उससे पूछो, घर चाहिए वो कहेगा हां चाहिए। और उसको घर देना है, गरीब को रहने के लिए व्‍यवस्‍था देनी है तो विकास किए बिना ये संभव नहीं है। विकास पहले भी होता था लेकिन तब किसी गांव में किसी मोहल्‍ले में एक हैंडपंप लगा दिया तो नेता तीन-तीन चुनाव में कहता रहता था कि देखिए मैंने आपके यहां हैंडपंप लगा दिया है। मुझे चुनाव जीता दीजिए मैंने आपका विकास का काम किया है। यानि हैंडपंप लगाना, पानी के लिए हैंडपंप लगाना यही विकास की परिभाषा थी।

आज एक ऐसी सरकार है। जो इतनी बड़ी पाइप लाइन लगाकर के मां नर्मदा का पानी गांव-गांव, घर-घर पहुंचा रही है। और पूरे गुजरात में नर्मदा योजना के कारण सबसे अधिक लाभ अगर किसी को होने वाला है। उस जिले का नाम है। क्‍या नाम है उस जिले का? क्‍या नाम है? उस जिले का नाम है सुरेंद्र नगर। नर्मदा का पानी ये सूखी धरती को नंदनवन बनाने के लिए मां नर्मदा आपके घर तक आई है। और सिर्फ ग्रामीण और कृषि जीवन में ही ये नर्मदा का प्रभाव पैदा होगा ऐसा नहीं है। ये पानी एक ऐसी ताकत है कि सुरेंद्र नगर जिला नर्मदा के पानी के कारण आने वाले दिनों में औद्योगिक विकास का भी एक बहुत बड़ा का केंद्र बनेगा। रोजगार की सर्वाधिक संभावनाएं सुरेंद्र नगर जिले में पैदा होंगी। शिक्षा का ये बहुत बड़ा धाम बनेगा। क्‍योंकि जब पानी होता है तो व्‍यवस्‍थाएं विकसित करने की सरकार की हिम्‍मत और बढ़ जाती है। और ये airport बन रहा है उसका नतीजा भी यही है। कि सुरेंद्र नगर जिला और राजकोट जिला ये एक-दूसरे से आने वाले दिनों में सर्पदा करने वाले हैं। थान आगे निकल जाएगी। मोर भी आगे निकल जाएगा। और ये तंदोरस्‍त सर्पदा होने वाली है, विकास की तंदोरस्‍त सर्पदा होने वाली है। और इसलिए जो तेज गति से आगे बढ़ने की संभावना वाले सुरेंद्र नगर जिला और राजकोट जिला उसके मध्‍य में भारत सरकार सैंकड़ों करोड़ों रूपए खर्च करके ये भव्‍य airport बनाने की दिशा में आज महत्‍वपूर्ण शिलान्‍यास करके कदम रख रही है। कुछ लोग होते हैं जिनको इसमें भी बुरा लगेगा। लेकिन उनको कहो बस में जाओ यहां विमान में क्‍यों जाते हो। नहीं नहीं बोले जल्‍दी जाना है। तो तुझे तो जाना है लोगों को नहीं जाने देना है क्‍या?

सामान्‍य मानवी को और आज हवाई यात्रा वो पुराने जमाने में राजा महाराजा जो हुआ करते थे न, वो नहीं रहा। और इसलिए मैंने था कहा मैं देश के aviation sector का विकास ऐसा करना चाहता हूं। कि हवाई चप्‍पल पहना हुआ व्‍यक्ति भी हवाई जहाज में यात्रा करने लगेगा और उसी के तहत आप हैरान होंगे। आज पूरे विश्‍व में aviation sector का महात्‍मय है। लेकिन भारत में आजादी के बाद कभी aviation की policy ही नहीं बनी। कभी ऐसा सोचा है क्‍या आपने। हिन्‍दुस्‍तान सरकार हिन्‍दुस्‍तान के पास aviation की policy ही नहीं थी । हमनें आकर के aviation की policy बनाई और बड़े-बड़े अहमदाबाद, मुंबई, चेन्‍नई यहां सीमित नहीं छोटे-छोटे स्‍थान पर हवाई यात्रा उपलब्‍ध कैसे हो उसका बीड़ा उठाया है। जहां दूर-दूर connectivity नहीं है। वहां एक घंटे से ज्‍यादा सफर हो, एक घंटे तक की सफर हो ढाई हजार की टिकट फिक्‍स करके aviation को बल दिया है अब तब आठ रूट काम करने लग गए हैं। गुजरात में भी कंडला का लाभ मिल रहा है। मीठापुर को लाभ मिल रहा है। छोटे-छोटे स्‍थानों को और इसके कारण भविष्‍य में आज हिन्‍दुस्‍तान में राज्‍य ऐसे है कि दो या तीन एयर पोर्ट, हवाई पट्टिया पड़ी हुई हैं। एक स्थिति ऐसी आएगी एक-एक राज्‍य में दस-दस, पंद्रह-पंद्रह, बीस-बीस हवाई अड्डे काम करते होंगे। और जिस प्रकार से देश में इन दिनों आप जानकर के खुश होंगे अभी ताजा मैंने खबर ली 14 प्रतिशत हवाई यात्रियों की संख्‍या में वृद्धि हुई है 14 प्रतिशत। और इसलिए राजकोट के अंदर ये जो ग्रीनफील्‍ड प्रोजेक्‍ट हो रहा है।

मैं गुजरात को इस क्षेत्र के नागरिकों को बधाई देता हूं। और मुझे खुशी है कि इतना बड़ा हवाई अड्डे का प्रोजेक्‍ट सिर्फ 4 प्रतिशत जमीन किसानों से लेनी पड़ी है। 4 प्रतिशत, 96 प्रतिशत जमीन जो बंजर थी, वीरान थी। उस जमीन पर एयर पोर्ट बनाने का निर्णय हुआ है। ताकि अब सुरेंद्र नगर की जमीन कृषि के लिए महत्‍वपूर्ण है और इसलिए बंजर भूमि को पसंद किया है। और उसको हमने एयर पोर्ट के लिए आगे लाए हैं। अभी विजय भाई वर्णन कर रहे थे राजकोट के एयर पोर्ट का उसकी इतनी सीमाएं हैं। बस स्‍टेशन से भी उसकी सीमा ज्‍यादा दिखती है। और इसलिए राजकोट और ये पूरा क्षेत्र जब विकसित हो रहा है। तो यहां पर भविष्‍य को ध्‍यान में रखते हुए और वो दिन भी दूर नहीं होगा। जब यहां से international services भी शुरू होगी। दुनिया के किसी भी कोने में जाना हो तो ये राजकोट चौटीला के बीच का ये हवाई अड्डा काम आने वाला है। ये बहुत महत्‍वपूर्ण काम आज हो रहा है।