पीएमइंडिया
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया को श्रीलंका के केंद्रीय बैंक के साथ 1.1 बिलियन अमरीकी डॉलर प्रदान करने को पूर्वव्यापी मंजूरी प्रदान की। सार्क सदस्य देशों के बीच मुद्रा विनिमय समझौते के ढांचे के बाहर यह राशि विशेष/तदर्थ रूप में प्रदान की जाएगी।
भारत वर्ष 2012 से सार्क सदस्य देशों के बीच मुद्रा विनिमय समझौते के ढांचे के तहत कार्य कर रहा है। यह सुविधा सभी सार्क सदस्य देशों को 100 मिलियन अमरीकी डॉलर की शुरूआती राशि और 400 मिलियन अमरीकी डॉलर की उच्चतम सीमा और कुल मिलाकर 2 बिलियन अमरीकी डॉलर की सीमा के अंतर्गत है। यह 14 नवम्बर 2015 तक लागू रहेगी। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने 18 फरवरी 2015 को लिखे पत्र में इस ढांचे के तहत श्रीलंका को 400 मिलियन अमरीकी डॉलर उपलब्ध कराने और शेष 1.1 बिलियन अमरीकी डॉलर इस ढांचे के बाहर लेकिन समान नियमों और शर्तों के तहत श्रीलंका के केंद्रीय बैंक के अनुरोध पर विशेष/तदर्थ विनिमय सुविधा देने का प्रस्ताव रखा था।
समझौते से श्रीलंका को अपनी मुद्रा में संभावित उतार-चढ़ाव के प्रति एक सुरक्षा और लघु अवधि में तरलता प्राप्त होगी जिससे श्रीलंका की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। इसके साथ ही इससे भारत के श्रीलंका के साथ द्विपक्षीय और आर्थिक संबंधों में मजबूती आयेगी।