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‘मन की बात 2.0’ की 10वीं कड़ी में प्रधानमंत्री का संबोधन
‘मन की बात 2.0’ की 10वीं कड़ी के अपने संबोधन में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कड़े फैसले लेने के लिए माफी मांगी और कहा कि कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में कड़े फैसले लेने की आवश्यकता थी।
उन्होंने कहा कि भारत के लोगों को सुरक्षित रखना महत्वपूर्ण है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि साथ मिलकर भारत कोविड-19 को हरा देगा।
लॉकडाउन लोगों और उनके परिवार को सुरक्षित रखेगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जो लोग ‘अलग-अलग रहने’ का पालन नहीं कर रहे हैं उन्हें मुसीबतें झेलनी पड़ सकती हैं।
आज “मन की बात” कार्यक्रम में अपने विचारों को साझा करते हुए कहा कि उन्हें इस बात का खेद है कि लॉकडाउन के कारण लोगों विशेषकर गरीबों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने लोगों के लिए सहानुभूति व्यक्त की और कहा कि 130 करोड़ की आबादी वाले भारत जैसे देश में कोई अन्य विकल्प नहीं था। उन्होंने आगे कहा कि कड़े फैसले लेने पड़े क्योंकि यह जीवन या मृत्यु का प्रश्न था और यह देखते हुए कि पूरी दुनिया किस दौर से गुजर रही है।
उन्होंने एक सूक्ति का उद्धरण दिया, “एवं एवं विकार अपि, तरुन्हा साध्यते सुखम।” इसका अर्थ है बीमारी और इसकी विपत्ति को शुरूआत में ही खत्म कर देना चाहिए। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि जब बीमारी असाध्य हो जाती है तो इसका इलाज मुश्किल हो जाता है। कोरोनावायरस ने दुनिया को बांध दिया है। प्रधानमंत्री ने कहा, “यह ज्ञान, विज्ञान, अमीर, गरीब, सामर्थवान, कमजोर- सभी को चुनौती दे रहा है। यह किसी एक देश की सीमा तक सीमित नहीं है और यह किसी क्षेत्र या मौसम का भी विभेद नहीं कर रहा है।”
प्रधानमंत्री ने इसे खत्म करने के संकल्प के साथ एकजुट होने के लिए पूरी मानवता का आह्वान किया क्योंकि इस वायरस से पूरी मानव जाति के विनाश का खतरा बन गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लॉकडाउन का पालन करना दूसरों की मदद करना नहीं बल्कि स्वयं को सुरक्षित रखना है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे अगले कुछ दिनों तक अपने व अपने परिवार की सुरक्षा करें और लक्ष्मण रेखा का पालन करें।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ लोग लॉकडॉउन का उल्लंघन कर रहे हैं क्योंकि वे मामले की गंभीरता को समझने की कोशिश नहीं कर रहे हैं। उन्होंने लोगों से लॉकडाउन का पालन करने की अपील की और कहा कि ऐसा नहीं होने पर हमें कोरोनावायरस की विपत्ति से अपने आप को बचाना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने एक उक्ति का जिक्र किया, “आरोग्यम परम भाग्यम्, स्वास्थम् सर्वार्थ साधनम्।” इसका अर्थ है अच्छा स्वास्थ्य सबसे बड़ा सौभाग्य है। उन्होंने बल देते हुए कहा कि दुनिया में खुशी का एक मात्र रास्ता अच्छा स्वास्थ्य है।
#MannKiBaat begins with an important message by PM @narendramodi. pic.twitter.com/ZmrgbPpNN6
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Together, India will defeat COVID-19.
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The Lockdown will keep you as well as your families safe. #MannKiBaat pic.twitter.com/OoSIRtz05r
In times such as these, precautions are most important. #MannKiBaat pic.twitter.com/KWsp6JU47Z
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Hearing of some things that are making me sad.
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Social distance does not mean emotional distance. #MannKiBaat pic.twitter.com/Apmo70g14u
Together, India will defeat COVID-19. #MannKiBaat pic.twitter.com/hJUppMJvT0
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