पीएमइंडिया

मंच पर विराजमान महाराष्ट्र के राज्यपाल श्रीमान विद्यासागर राव जी, महाराष्ट्र मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र जी, विधानसभा के स्पीकर हरिबाबू जी, मंत्रिपरिषद के मेरे सहयोगी श्री सुभाष धामरे जी, साईबाबा संस्थान ट्रस्ट के चेयरमैन श्रीमान सुरेश हावरे जी, महाराष्ट्र के तमाम मंत्रीगण, सांसद के मेरे साथी, महाराष्ट्र के विधायकगण और यहां विशाल संख्या में पधारे हुए मेरे प्यारे भाईयो और बहनों आप सभी को पूरे महाराष्ट्र को, पूरे भारत वर्ष को, देश के जन-जन को दशहरे की विजयादशमी की बहुत-बहुत बधाई।
हम सभी का ये प्रयास रहता है। कि हर वर्ष पर्व को अपनों के साथ मनाएं। मेरी भी ये कोशिश रहती है कि हर त्यौहार देशवासियों के बीच जाकर के मनाऊं। इसी भावना के साथ आज आप सभी के बीच उपस्थित होने का मुझे सौभाग्य मिला है। जिस प्रकार आप सभी दशहरे के पावन अवसर पर भारी संख्या में यहां मुझे आशीर्वाद देने आए हैं। और मैं देख रहा हूं कहीं जगह ही नहीं बची, आधे लोग तो धूप में खड़े हैं। मैं आप सबका और आपका यही अपनत्व, यही मेरी सामर्थ्य है कि आपके इस प्यार के लिए, आपका ये प्यार निरंतर नई ऊर्जा का संचार करता है। मुझे शक्ति देता है।
साथियों, दशहरे के साथ-साथ हम आज शिरडी की इस पावन भूमि पर एक और पवित्र अवसर के साक्षी बन रहे हैं। साईंबाबा की समाधि के शताब्दी समारोह को भी आज संपन्न होने का, पूर्ण होने का, समापन का ये अवसर था। थोड़ी देर पहले ही मुझे साईंबाबा के दर्शन में, उनके आर्शीवाद प्राप्त करने का अवसर मिला। मैं जब भी पूज्य साईंबाबा का दर्शन करता हूं, उनका स्मरण करता हूं तो करोड़ों श्रद्धालुओं की तरह जैसे आप लोगों के दिल में भावना जगती है वैसी ही जनसेवा की भावना, और जनसेवा के लिए खुद को समर्पित करने का एक नया उत्साह इस भूमि पर से मिलता है।
भाईयो और बहनों शिरडी के कण-कण में साईं के मंत्र उनकी सीख है। जनसेवा, त्याग और तपस्या की जब बात आती है तो शिरडी का उदाहरण हर कोई प्रस्तुत करता है। ये हमारा शिरडी तात्या पाटिल जी की नगरी है, ये दादा कोते पाटिल जी की नगरी है। ये माधवराव देशपांडे, माल्सापति जैसे महापुरुष इसी धरती ने दिए हैं। काशीराम शिपि और अप्पा जागले साईंबाबा के अंतिम समय तक सेवा करते रहे। कोंडा जी, गवा जी और तुका राम को कौन भूल सकता है। इस पावन धरा के महान सपूतों को मैं नमन करता हूं।
भाईयो और बहनों साईं का मंत्र है सबका मालिक एक है। सार्इं के चार शब्द जैसे समाज को एक करने का सूत्र वाक्य बन गए हैं। साईं समाज के थे और समाज साईं का था। साईं ने समाज की सेवा के कुछ रास्ते बताए थे और मुझे प्रसन्नता है कि साईंबाबा के दिखाए रास्ते पर श्री साईंबाबा संस्थान, ट्रस्ट निरंतर समाज की सेवा कर रहा है।
शिक्षा के माध्यम से समाज को सशक्त करना हो अध्यात्म के जरिए सोच में परिवर्तन करना हो। समाज में समरसता और सहभाव का संचार करना हो इसके लिए आपका प्रयास बहुत ही वंदनीय है।
आज भी इस धरती पर आस्था, अध्यात्म और विकास से जुड़े अनेक प्रोजेक्ट की शुरुआत हुई है। और मैं महाराष्ट्र सरकार को बधाई देता हूं। कि गरीबों के कल्याण की इतनी बड़ी योजना के लिए इससे बढ़कर के कोई जगह नहीं हो सकती। साईं के चरणों में बैठकर के गरीबों के लिए काम करना इससे बड़ी धन्यता क्या हो सकती है। और इसलिए महाराष्ट्र सरकार बधाई के पात्र हैं। दर्शनार्थियों के लिए बनने वाले नए परिसर के भूमिपूजन के मौके पर मौजूद होने पर मुझे प्रसन्नता हो रही है। आज ही के दिन साईंबाबा इंगलिश मीडियम स्कूल कन्या विद्यालय और कॉलेज की नींव रखी जा रही है। मुझे पूरा विश्वास है कि साईं के जीवन और दर्शन को लेकर शुरु होने वाले साईं नॉलेज पार्क से लोगों को साईं की सीख समझने में और आसानी होगी।
साथियों आज यहां दस मेगावॉट की एक सोलर यूनिट का भी काम शुरु हुआ है। इससे संस्थान के संसाधन बढ़ेंगे। और clean एनर्जी में संस्थान की बहुत भागीदारी होगी। एक प्रकार से साईं ट्रस्ट की तरफ से करोड़ो श्रद्धालुओं के लिए इस दशहरा को विजयादशमी का एक बहुत बड़ा तोहफा है।
साथियो, नवरात्र से लेकर दीपावली तक साल का ये वो समय होता है जब देशवासी घर, गाडी, गहनें जैसे अनेक सामान की खरीद करते हैं। जिसका जितना सामर्थ्य होता है वो उस हिसाब से पैसे बचाता है और अपने परिवार को उपहार देता है। मुझे खुशी है कि दशहरे के इस पावन अवसर पर मुझे महाराष्ट्र के ढाई लाख भाईयो और बहनों को अपना घर सौंपने का अवसर मिला है।
मेरे वो भाई-बहन जिनके लिए खुद का घर हमेशा ही सपना रहा है। अपने इस विशाल परिवार के सदस्यों को एक साथ गृह प्रवास कराने से इससे बड़ी अपने गरीब भाईयो और बहनों की सेवा मैं समझता हूं, दशहरे की पूजा भला मेरे लिए इस सेवा से बड़ी क्या हो सकती है। आप सभी जनों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने इस नये घरों की, आपके जीवन में आए इस शुभ अवसर की, आप सभी को बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं। ये नए घर आपके अपने सपनों के प्रतीक तो है ही। आपकी आकांक्षाओं को नया आयाम देने वाले भी हैं। अब आपका जीवन, आपके बच्चों का जीवन सार्थक बदलाव के पथ पर आगे बढ़ चुका है। ये गरीबी पर जीत की तरफ का एक बहुत बड़ा पहला अहम कदम है।
साथियों, अपना घर जीवन को आसान बना देता है। और गरीबी से लड़ने का नया उत्साह पैदा करता है। एक सम्मान का भाव पैदा होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए हमने सोचा है कि 2022, भारत की आजादी के 75 साल होंगे। देश के हर बेघर गरीब परिवार को उसका खुद का घर देने का लक्ष्य रखकर के हम काम कर रहे हैं।
मुझे खुशी है कि करीब-करीब आधा रास्ता हम इतने कम समय में पार कर चुके हैं। भाईयो और बहनों गरीब हो या मध्यम वर्ग का परिवार बीते चार वर्षों में उसे झुग्गी से, किराए के मकान से निकाल कर अपना घर देने की तरफ सरकार ने गंभीर प्रयास किए हैं। कोशिशें पहले भी हूईं है लेकिन दुर्भाग्य से उनका लक्ष्य गरीबों को घर देकर गरीबों को सशक्त करने की बजाय एक विशेष परिवार के नाम का प्रचार करना यही उनका मकसद था। वोट बैंक तैयार करना यही उनका मकसद था। घर अच्छा हो, उसमें शौचालय हो, बिजली हो, पानी हो, गैस का कनेक्शन हो। इस पर पहले कभी सोचा ही नहीं गया। जब किसी योजना के मूल में राजनीतिक स्वार्थ वो केंद्र में नहीं होता है। राजनीतिक स्वार्थ के बजाय सिर्फ और सिर्फ गरीब का कल्याण होता है तो उसके जीवन को आसान बनाने की प्रेरणा मिलती है। तब काम की गति कैसे बढ़ती है। ये आज देश के सामने जीता-जागता उदाहरण है।
साथियों, पहले जो सरकार थी, उस पिछली सरकार ने अपने आखिरी चार साल के वर्षों में पूरे देश में सिर्फ 25 लाख घर बनाए थे। चार साल में 25 लाख……, कितने ….. जरा बोलिए न क्या हुआ….. चार साल में कितने घर बनाए थे? चार साल में कितने घर बनाए थे? 25 लाख, जबकि बीते चार वर्षों में हमारी सरकार बनने के बाद भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार के केंद्र में आने के बाद 1 करोड़ 25 लाख घर बनाए हैं। उनके चार साल के 25 लाख और हमारे चार साल के 1 करोड़़ 25 लाख।
अगर वही सरकार होती तो इतने घर बनाने के लिए 20 साल लग जाते…20 साल और आपको भी 20 साल तक इस घर के लिए इंतजार करना पड़ता। तेज गति से काम करने वाली सरकार गरीबों को तेज गति से कैसे काम देती है इसका ये उदाहरण है। और आप देखिए सब कुछ तो वही है। वहीं साधन, वही संसाधन, वही लोग लेकिन साफ नीयत से, गरीब की सेवा के भाव से जब काम होता है तो ऐसे ही तेज गति से नतीजे भी मिलते हैं।
भाईयो और बहनों पहले की सरकार ने एक मकान बनाने में करीब-करीब 18 महीने लगते थे, डेढ़ साल लगता था इस सरकार में एक साल के अंदर-अंदर 12 महीने से भी कम समय में घर तैयार हो जाता है। समय तो कम हुआ ही है हमनें घर का आकार भी बढ़ाया है। इसके साथ-साथ घर बनाने के लिए सरकारी मदद को भी 70 हजार रुपये से बढ़ाकर के 1 लाख 20 हजार रुपये कर दिया गया है। सबसे अहम बात ये कि पैसे सीधे बैंक खाते में जमा हो रहे हैं। और लाभार्थियों का चयन वैज्ञानिक और पारदर्शी तरीके से हो रहा है। इतना ही नहीं ये घर टिकाऊ हो, उनमें शौचालय समेत सारी मूलभूत सुविधाएं हों। इसका भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
मैं एक बार फिर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आज अपना घर प्राप्त करने वाले लोगों को ह्दय से बहुत-बहुत बधाई देता हूं। और मुझे जब आज कुछ परिवारों से अलग-अलग जिलों में बात करने का मौका मिला। उन बहनों का आत्मविश्वास इनके चेहरे की खुशी मुझे कितना आनंद देती थी आप कल्पना नहीं कर सकते। जब मेरा कोई गरीब परिवार उसके चेहरे पर खुशी दिखाई देती है तो जीवन काम करने का जैसे धन्य हो जाता है। नया काम करने की ऊर्जा मिल जाती है। आज इन सभी बहनों ने जो आर्शीवाद दिए मैं फिर एक बार उस संकल्प को दोहराता हूं कि आपकी सेवा के लिए हम पल-पल अपना जीवन आपके लिए खपाते रहेंगे।
भाईयो और बहनों देश के हर घर को शौचालय की सुविधा से जोड़ने का अभियान अब अंतिम पड़ाव पर है। महाराष्ट्र ने तो इस मामले में प्रशंसनीय कार्य किया है। आप सभी ने पूरे महाराष्ट्र ने खुद को खुले में शौच से मुक्त घोषित कर लिया है। इसके लिए राज्य के 11 करोड़ नागरिकों को भी मैं बहुत-बहुत बधाई देता हूं। इससे महाराष्ट्र के गांव और गलियां साफ-सुथरी तो रहेंगी ही साथ में डायरिया जैसी अनेक बीमारियों से गरीब किसान परिवारों के बच्चों का जीवन सुरक्षित रहेगा।
साथियों, जब गरीबों के जीवन और स्वास्थ्य की बात आती है। जो आजकल पूरी दुनियां में आयुषमान भारत यानी PMJAY प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की बड़ी चर्चा हो रही है इसके तहत हर वर्ष देश के करीब 50 करोड़ नागरिकों को गंभीर बीमारी के स्थिति में मुफ्त इलाज सुनिश्चित किया गया है।
महाराष्ट्र के भी लाखों परिवारों तक इस योजना का लाभ पहुंच रहा है। अभी तो इसको शुरु हुए महीना भी नहीं हुआ है। लेकिन देश भर के अस्पतालों में करीब-करीब 1 लाख मरीज इसका लाभ ले चुके हैं। इस योजना की वजह से किसी गरीब की पथरी का मुफ्त इलाज हुआ है। तो किसी गरीब के ट्यूमर को हटाया गया है। किसी का 50 हजार का मेडिकल का बिल भरा गया तो किसी का तीन लाख का।
साथियों, इस योजना के तहत अब तक जो क्लेम दिया गया है वो औसतन प्रति व्यक्ति लगभग 20 हजार रुपये दिया गया है। अब आप सोचिए। हजारों की ये राशि उस गरीब को अपनी जेब से खर्च करनी पड़ रही थी। वो कर भी नहीं पाता था। इसी वजह से वो अस्पताल जाने से बचता था। अब सरकार उस गरीब के साथ खड़ी है। कि पैसे कि चिंता मत करिए। पहले अपना इलाज करवाइए।
साथियों, आयुषमान भारत योजना की वजह से देश में आधुनिक मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर का नया ढांचा तैयार हो रहा है। विशेषकर tier II, tier III शहरों में हजारों नए अस्पताल खुलने की संभावना बनी है। ये अस्पताल देश के नौजवानों के लिए रोजगार के लाखों नए अवसर भी लेकर कर आएंगे।
भाईयो और बहनों समाज का हर वर्ग, हर जन सुखी हों, सबका जीवन सरल और सुलभ हो इसी लक्ष्य के साथ सरकार काम कर रही हैं। मेरी जानकारी है कि राज्य के हिस्से हमारे महाराष्ट्र में वरुण देव की कृपा कुछ कम हुई है, बारिश कम हुई है। मैं आपको आशवस्त करता हूं कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत उसके माध्यम से आपको जल्द से जल्द राहत मिलेगी ही। इसके अतिरिक्त महाराष्ट्र सरकार जो कदम उठाएगी उसमें केंद्र भी कंधे से कंधा मिलाकर के पूरा सहयोग करेगी।
भाईयो और बहनों पानी के इसी संकट से देश के किसानों को निकालने के लिए सरकार प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत बरसों से अटकी हुई परियोजनाओं को पूरा करने का काम कर रही है। इसके तहत महाराष्ट्र में भी अनेक बड़े प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। महाराष्ट्र सरकार ने भी अपने जलयुक्त शिविर अभियान के माध्यम से जलसंकट से निपटने का एक अभुतपूर्व प्रयास किया है। ये बहुत संतोष की बात है कि इस अभियान की वजह से राज्य के 16 हजार गांव सूखा मुक्त हो चुके हैं और करीब 9 हजार गांव को सूखा मुक्त करने का काम तेजी से चल रहा है।
मैं महाराष्ट्र के लोगों की इस बात के लिए भी प्रशंसा करुंगा कि उन्होंने सिंचाई टैंकों की सफाई Desiltation के अभियान को बहुत सफलता पूर्वक चलाया है। Irrigation टैंकों से 9 करोड़ क्यूबिक मीटर की silt निकालने का काम आसान नहीं है। लेकिन आप लोगों ने जन-भागीदारी से एक अभुतपूर्व काम करके पूरे देश को रास्ता दिखाया है। मुझे बताया गया है कि यही काम अगर किसी contractor को दे देते तो छ: सौ करोड़ से भी ज्यादा खर्च होता। लेकिन यही काम आपने अपने परिश्रम से कर दिखाया है।
साथियों अगर फसल अधिक भी हो और उसका उचित दाम भी मिले इसके लिए भी निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। ये हमारी सरकार है जिसने एमएसपी को लेकर किसानों की बरसों पुरानी मांग को पूरा किया है। सरकार ने गन्ने समेत खरीफ और रबी की 21 फसलों को समर्थन मूल्य में लागत के ऊपर 50 प्रतिशत का लाभ तय किया है। इस ऐतिहासिक फैसले से इस साल देश के किसानों को हजारों करोड़ रुपयों के अतिरिक्त आय सुनिश्चित होगी।
साथियों, खेती के साथ-साथ सरकार टूरिज्म को भी बढ़ावा दे रही है। महाराष्ट्र में तो शिरडी जैसे आस्था से जुड़े बड़े स्थान भी, तो दूसरी तरफ अजंता एलोरा जैसे आर्कषक स्थान भी हैं। जहां दुनिया भर के टूरिस्ट खींचे चले आते हैं। आस्था, अध्यात्म और इतिहास को युवाओं के रोजगार से जोड़ने को एक बहुत बड़ा अभियान हमनें शुरु किया है।
देश के टूरिस्ट सर्किट को आपस में जोड़ा जा रहा है। वहां सुविधाओं का निर्माण किया जा रहा है। यहां शिरडी में ही पिछली बार जब ये शताब्दी समारोह की शुरुआत करने हमारे मान्य राष्ट्रपति जी आए थे उन्होंने एयरपोर्ट का उपहार दिया था। मुझे कहा गया है कि यहां से अब जो फ्लाइट चल रही है उनमें आने वाले समय में और बढ़ोतरी की जाएगी। ताकि देश और दुनिया का हर साईं भक्त आसानी से यहां आकर के दर्शन कर सके।
भाईयो और बहनों महाराष्ट्र की धरती ने हमेशा सामाजिक समरसता का पाठ देश को पढ़ाया है। वीर शिवाजी हो, बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर हो या फिर पूज्य महात्मा ज्योतिबा फूले हो सबने उन मूल्यों की स्थापना की जो समता और एकता को सामाजिक शक्ति मानते हैं। आपने इन महान संत पुरुषों का सबक हमेशा याद रखना और स्वार्थ के लिए समाज में भेद करने वाली हर शक्ति, हर बुराई को हमनें पराजित करना है। तोड़ना आसान होता है जोड़ना बहुत मुश्किल होता है। हमें जोड़ने वाली शक्ति को सशक्त करना है तोड़ने वाली ताकतों को परास्त करना है। सबका साथ, सबका विकास और एक भारत श्रेष्ठ भारत का यही संकल्प इसी विजयदशमी को हमें लेना है। और इसलिए मैं आप सभी से आग्रह करुंगा कि हम सब इस संदेश को लेकर के आगे बढ़ें और इसी संदेश के रास्ते हमें आगे चलना है। साईंबाबा ने जो मार्ग दिखाया है उसी मार्ग पर हमें आगे चलना है। मुझे बहुत खुशी हूई।
साथियों, आज मैं इस पवित्र स्थान पर हूं शताब्दी समारोह का समापन कर रहा हूं। इस 31 अक्टूबर को राज्य में आप सभी की सरकार चार वर्ष पूरे करने वाली है। मैं देवेंद्र फडणवीस जी और उनकी पूरी टीम को अग्रिम बधाई देता हूं। आप यूं ही पूरी शक्ति से महाराष्ट्र वासियों की सेवा करते रहें। और आपको यहां के जन-जन का आशीर्वाद मिलता रहे। मेरी यही कामना है।
इसी विश्वास के साथ एक बार फिर उन सभी परिवारों को बहुत-बहुत बधाई जिनको आज दशहरे के दिन खुद का अपने मन का अपने सपनों का आज घर मिला है। ये नए घर आपके सपनों को पूरा करने का माध्यम बने, इन घरों में रहते हुए आप और आपका परिवार जीवन में और आगे बढ़़ें, तरक्की करे, आपके बच्चे सफलता की नई ऊंचाइयों पर पहुंचें। इसी कामना के साथ मैं अपनी बात समाप्त करता हूं और आप सबको इस पावन अवसर पर यहां बुलाने के लिए, इस सेवा का अवसर देने के लिए मैं श्री साईं ट्रस्ट का भी आभार व्यक्त करता हूं। आने वाला हर त्यौहार आप सभी के जीवन में खुशियां लेकर के आए। इसी शुभकामना के साथ आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद।
धन्यवाद
आप सभी को, पूरे महाराष्ट्र को, पूरे भारत वर्ष को, देश के जन-जन को दशहरे की, विजय दशमी की बहुत-बहुत बधाई: PM @narendramodi in Shirdi https://t.co/q0dUCCXyzq
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हम सभी का ये प्रयास रहता है कि हर पर्व को अपनों के साथ मनाएं। मेरी भी ये कोशिश रहती है कि हर त्योहार देशवासियों के साथ मनाऊं और इसी भावना के साथ आज आप सभी के बीच उपस्थित हुआ हूं: PM @narendramodi
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जिस प्रकार आप सभी दशहरे के पावन अवसर पर भारी संख्या में यहां मुझे आशीर्वाद देने आए हैं, वो अभिभूत करने वाला है। आपका यही अपनत्व, यही प्यार मुझमें निरंतर नई ऊर्जा का संचार करता है, मुझे शक्ति देता है: PM @narendramodi
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दशहरे के साथ-साथ हम आज शिरडी की इस पावन भूमि पर, एक और पवित्र अवसर के साक्षी बन रहे हैं। साई बाबा की समाधि के शताब्दी समारोह का भी आज समापन हुआ है। थोड़ी देर पहले ही मैंने साई दरबार के दर्शन किए हैं: PM @narendramodi
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मैं जब भी श्री साई बाबा के दर्शन करता हूं, तो करोड़ों श्रद्धालुओं की तरह मुझे भी जनसेवा के लिए खुद को समर्पित करने का नया उत्साह मिलता है: PM @narendramodi
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शिरडी के कण-कण में साई के मंत्र, उनकी सीख है। जनसेवा, त्याग और तपस्या की जब बात आती है तो शिरडी का उदाहरण दिया जाता है। शिरडी तात्या पाटील की नगरी है। दादा कोते पाटील ,माधवराव देशपांडे, म्हाळसापती जैसे महापुरुष इसी धरती ने दिए हैं: PM @narendramodi
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काशीराम शिंपी, आप्पा जागले और साईबाबा की अंतिम समय तक सेवा करते रहे, कोंडाजी, गबाजी और तुकाराम को कौन भुला सकता है? इस पावन धरा के इन महान सपूतों को मैं नमन करता हूं: PM @narendramodi
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शिक्षा के माध्यम से समाज को सशक्त करना हो, आध्यात्म के जरिए सोच में परिवर्तन करना हो, समाज में समरसता और सहभाग का संचार करना हो, इसके लिए आपके प्रयास सराहनीय हैं।
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आज भी यहां आस्था, आध्यात्म और विकास से जुड़े अनेक प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और उद्घाटन हुआ है: PM @narendramodi
साई का मंत्र है-सबका मालिक एक है। साईँ के ये चार शब्द समाज को एक करने का सूत्रवाक्य बन गये। साई समाज के थे और समाज साई का था। साई ने समाज की सेवा के कुछ रास्ते बताए थे। मुझे प्रसन्नता है साई बाबा के दिखाए रास्ते पर श्री साई बाबा संस्थान ट्रस्ट, निरंतर समाज की सेवा कर रहा है: PM
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आज यहां 10 मेगावाट की एक सोलर यूनिट की भी शुरुआत की गई है। इससे संस्थान के संसाधन बढेंगे और क्लीन एनर्जी में भागीदारी भी। ये एक ऐसा मॉडल है जिससे देश भर में कई संस्थान लागू कर सकते हैं। यानी सेवा के साथ ही राष्ट्र सेवा भी की जा सकती है: PM @narendramodi
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मुझे खुशी है कि दशहरे के इस पावन अवसर पर मुझे महाराष्ट्र के ढाई लाख बहनों-भाइयों को अपना घर सौंपने का अवसर मिला है। मेरे वो भाई बहन जिनके लिए अपना घर, हमेशा सपना ही रहा है: PM @narendramodi
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अपने इस विशाल परिवार के सदस्यों को एक साथ गृह प्रवेश कराने से बड़ी, अपने गरीब भाई-बहनों की सेवा से बड़ी, दशहरे की पूजा भला मेरे लिए क्या हो सकती थी: PM @narendramodi
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आप सभी जनों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने इन नए घरों की, आपके जीवन में आए इस शुभ अवसर की, आप सभी को बहुत-बहुत शुभकामनाएं: PM @narendramodi
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ये नए घर आपके सपनों के प्रतीक तो है हीं, आपकी आकांक्षाओं को नए आयाम देने वाले भी हैं। अब आपका जीवन, आपके बच्चों का जीवन, सार्थक बदलाव के पथ पर चल पड़ा है। ये गरीबी पर जीत की तरफ बहुत बड़ा कदम है: PM @narendramodi
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अपना घर जीवन को आसान बना देता है और गरीबी से लड़ने का नया उत्साह पैदा करता है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने 2022 तक देश के हर बेघर-गरीब परिवार को अपना घर देने का लक्ष्य रखा है। मुझे खुशी है कि करीब-करीब आधा रास्ता हम तय कर चुके है: PM @narendramodi
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गरीब हो या मध्यम वर्ग का परिवार, बीते चार वर्षों से उसे झुग्गी से, किराए के मकान से निकालकर, अपना घर देने की तरफ सरकार ने गंभीर प्रयास किए हैं: PM @narendramodi
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कोशिशें पहले भी हुई हैं, लेकिन दुर्भाग्य से उनका लक्ष्य गरीबों को घर देकर सशक्त करने के बजाय, एक विशेष परिवार के नाम का प्रचार करना अधिक रहा है। घर अच्छा हो, उसमें शौचालय हो, बिजली हो, पानी हो, गैस का कनेक्शन हो, इस पर पहले कम ही ध्यान दिया गया: PM @narendramodi
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जब किसी योजना के मूल में राजनीतिक स्वार्थ के बजाय गरीब का कल्याण हो, उसके जीवन को आसान बनाने की प्रेरणा हो, तब काम की गति कैसे बढ़ती है, ये आज देश के सामने है: PM @narendramodi
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पिछली सरकार ने अपने आखिरी चार वर्षों में सिर्फ 25 लाख घर बनाए थे, जबकी बीते चार वर्षों में भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने एक करोड़ 25 लाख घर बनाए हैं। सोचिए, एक करोड़ ज्यादा मकान: PM @narendramodi
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सब कुछ तो वही है, वही साधन, वही संसाधन, वही लोग, लेकिन साफ नीयत से, गरीब की सेवा के भाव से जब काम होता है, तो ऐसे ही नतीजे मिलते हैं: PM @narendramodi
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पहले की सरकार औसतन 18 महीने में एक मकान बनाती थी और आज 12 महीने से भी कम समय में घर बन रहे हैं। समय तो कम हुआ ही है, घर का आकार भी हमने बढ़ाया है। इसके साथ-साथ घर बनाने के लिए सरकारी मदद को 70 हजार रुपये से बढ़ाकर 1 लाख 20 हजार कर दिया गया है: PM @narendramodi
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सबसे अहम बात ये कि पैसे सीधे बैंक खाते में जमा हो रहे हैं और लाभार्थियों का चयन वैज्ञानिक और पारदर्शी तरीके से हो रहा है। इतना ही नहीं ये घर टिकाऊ हों और इनमें शौचालय समेत सारी मूलभूत सुविधाएं हों इसका भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है: PM @narendramodi
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देश के हर घर को शौचालय की सुविधा से जोड़ने का अभियान अब अंतिम पड़ाव पर है। महाराष्ट्र ने तो इस मामले में प्रशंसनीय कार्य किया है। आप सभी ने, पूरे महाराष्ट्र ने खुद को खुले में शौच से मुक्त घोषित कर लिया है, इसके लिए राज्य के 11 करोड़ जनों को बहुत-बहुत बधाई: PM @narendramodi
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इससे महाराष्ट्र के गांव और गलियां साफ-सुथरी तो रहेंगी ही, साथ में डायरिया जैसी अनेक बीमारियों से गरीब, किसान परिवारों के बच्चों का जीवन सुरक्षित रहेगा: PM @narendramodi
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जब गरीबों के जीवन और स्वास्थ्य की बात आती है, तो आजकल पूरी दुनिया में आयुष्मान भारत यानि PM JAY – प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की बड़ी चर्चा हो रही है। इसके तहत हर वर्ष देश के करीब 50 करोड़ नागरिकों को गंभीर बीमारी की स्थिति में मुफ्त इलाज सुनिश्चित किया गया है: PM
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महाराष्ट्र के भी लाखों परिवारों तक इस योजना का लाभ पहुंच रहा है। अभी तो इसको शुरु हुए महीना भी नहीं हुआ है, लेकिन देशभर के अस्पतालों में करीब-करीब एक लाख मरीज़ इसका लाभ ले चुके हैं। इस संख्या में लगातार वृद्धि भी हो रही है: PM @narendramodi
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आयुष्मान भारत योजना की वजह से देश में आधुनिक मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर का नया ढांचा तैयार हो रहा है। विशेषकर टायर टू-टायर थ्री शहरों में हजारों नए अस्पताल खुलने की संभावना बनी है। ये अस्पताल, देश के नौजवानों के लिए रोजगार के लाखों नए अवसर भी लेकर आएंगे: PM @narendramodi
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साथियों, समाज का हर वर्ग, हर जन सुखी हो, सबका जीवन सरल और सुगम हो, इसी लक्ष्य के साथ सरकार काम कर रही है। मेरी जानकारी में है कि राज्य के एक हिस्से पर वरुण देव की कृपा कुछ कम हुई है: PM @narendramodi
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मैं आपको आश्वस्त करता हूं कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के माध्यम से तो आपको जल्द से जल्द राहत मिलेगी ही, इसके अतिरिक्त भी महाराष्ट्र सरकार जो कदम उठाएगी उसमें केंद्र पूरा सहयोग करेगा: PM @narendramodi
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पानी के इसी संकट से देश के किसानों को निकालने के लिए, सरकार प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत बरसों से अटकी हुई परियोजनाओं को पूरा करने का काम कर रही है। इसके तहत महाराष्ट्र में भी अनेक बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है: PM @narendramodi
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फसल अधिक भी हो और उसका उचित दाम भी मिले, इसके लिए भी निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। ये हमारी ही सरकार है जिसने MSP को लेकर किसानों की बरसों पुरानी मांग को पूरा किया है। सरकार ने गन्ने समेत खरीफ और रबी की 21 फसलों के समर्थन मूल्य में लागत के ऊपर 50 प्रतिशत का लाभ तय किया है: PM
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खेती के साथ-साथ सरकार टूरिज्म को भी बढ़ावा दे रही है। महाराष्ट्र में तो शिरडी जैसे आस्था से जुड़े बड़े स्थान भी हैं तो अजंता-अलोरा जैसे स्थल भी हैं जहां दुनिया भर के श्रद्धालु खिंचे चले आते हैं: PM @narendramodi
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आस्था, आध्यात्म और इतिहास को युवाओं के रोज़गार से जोड़ने का एक बहुत बड़ा अभियान हमने शुरू किया है। देश के टूरिस्ट सर्किट को आपस में जोड़ा जा रहा है, वहां पर सुविधाओं का निर्माण किया जा रहा है: PM @narendramodi
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यहां शिरडी में ही पिछली बार जब इस शताब्दी समारोह की शुरुआत करने माननीय राष्ट्रपति जी आए थे, तो उन्होंने एयरपोर्ट का उपहार दिया था: PM @narendramodi
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मुझे कहा गया है कि अब यहां से जो फ्लाइट्स चल रही हैं, उनमें आने वाले समय में और बढ़ोतरी की जाएगी, ताकि देश और दुनिया का हर साई भक्त आसानी से यहां आकर दर्शन कर सके: PM @narendramodi
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महाराष्ट्र की धरती ने हमेशा सामाजिक समरसता का पाठ देश को पढ़ाया है। वीर शिवाजी रहे हों, बाबा साहब भीमराव आंबेडकर हों या फिर महात्मा फूले, सबने उन मूल्यों की स्थापना की है जो समता और एकता को समाज की शक्ति मानते हैं: PM @narendramodi
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अपने इन महान संत पुरुषों का सबक हमें हमेशा याद रखना है और स्वार्थ के लिए समाज में भेद पैदा करने वाली हर शक्ति, हर बुराई को पराजित करना है: PM @narendramodi
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सबका साथ, सबका विकास और एक भारत, श्रेष्ठ भारत का यही संकल्प इस विजय दशमी को हमें लेना है: PM @narendramodi
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