पहले कहा जाता था कि इस देश के किसानों की, गरीबों की तीन आधारभूत आवश्यकताएं हैं – बीजली, पानी और सड़क| हमने उसमें और दो चीजों को जोड़ दिया – शिक्षा और स्वास्थ्य| अगर इस पांच चीजों को प्राथमिकता दी जाये और उसे सर्वसुलभ किया जाये, तो रोजगार अपने आप पैदा होगा और भावी पी़ढ़ियों के कल्याण के लिये मजबूत आधार का निर्माण होगा| इसलिए आज हिंदुस्तान के कोने कोने में एक ही मंत्र गूंज रहा है – सबका साथ, सबका विकास| हम उस मंत्र को लेकर विकास को नयी ऊंचाई पर पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं| –सामाजिक अधिकारिता शिविर, नवसारी, गुजरात में प्रधानमंत्री मोदी