पहले की सरकार में एक प्रकार का निगेटिव माहौल था और उसका इको-इफेक्ट भी काफी ज्यादा था। देश के व्यापारी उद्योगकार सब एक पैर बाहर रख चुके थे। सरकार में एक प्रकार के पैरालिसिस की अवस्था थी। जब हम आए तो लगातार हमें 2 साल अकाल फेस करना पड़ा, वॉटर स्कॉरसिटी थी, दुनिया में मंदी का दौर एकदम से उभरकर के आ गया। तो आने के बाद एक के बाद एक चैलेंजेज आते गए। लेकिन हमारा इरादा नेक था। नीतियां स्पष्ट थीं। नीयत साफ थी। निर्णय करने का हौसला था, क्योंकि कोई वेस्टेड इंटरेस्ट नहीं था। इसका परिणाम ये आया कि सकारात्मक वातावरण बहुत तेजी से बढ़ने लगा। - नेटवर्क 18 के साथ प्रधानमंत्री मोदी का साक्षात्कार