भारत जैसे देश में अब 'होता है, चलता है, देखेंगे' जैसे कथनों का जमाना बीत चुका है। विश्व भारत के पास से अपेक्षाएं रख रहा है। भारत की जो अपार क्षमताएं हैं उनके प्रति विश्व आकर्षित हुआ है तब सवा सौ करोड़ देशवासियों को भी यह मौका हाथ में ले लेने की तैयारी करनी चाहिये | अवसर चूकना नहीं चाहिये। –सामाजिक अधिकारिता शिविर, नवसारी, गुजरात में प्रधानमंत्री मोदी