मैं भारत की इस विकास यात्रा में अमेरिका को हमारे सबसे घनिष्ठ भागीदार के रूप में देखता हूं। आप में से अधिकांश लोगों का भी यही मानना होगा कि एक मज़बूत और संपन्न भारत, अमेरिकी हितों के अनुकूल ही होगा। आइए हम मिल कर आपसी आदर्शों को एक व्यावहारिक सहयोग में तबदील कर दें। इस विषय को लेकर कोई संदेह नहीं होना चाहिए कि इन संबधों को बढ़ावा देने में दोनों देशों का बहुत अधिक लाभ है।