हमने स्वतंत्रता संग्राम को, आजादी के जंग को इतना सीमित कर दिया है कि हम आजादी की लड़ाई लड़ने वाले आदिवासी भाईयों-बहनों को भूल गये| दोस्तों, इस देश के हर गांव ने, लाखों लोगो ने, सौ-सौ साल तक आजादी के लिये अविरत त्याग और बलिदान की मशाल को प्रज्जवलित रखा| हिंदुस्तान का एक भी आदिवासी क्षेत्र ऐसा नहीं कि जिसने अंग्रेजो के ईंट का जवाब पत्थर से न दिया हो| –गुजरात के लिमखेड़ा में प्रधानमंत्री मोदी