1857 के स्वतंत्रता संग्राम में संपूर्ण दाहोद क्षेत्र में, उसके आदिवासी भाई बहन, अंग्रेजों के लिये सबसे बड़ी चुनौती बन गये थे| जब आज हम आजादी के 70वीं वर्षगांठ का जश्न मना रहे हैं, तब आजादी के जंग में शामिल हुए आदिवासी योद्धाओं को, स्वतंत्रता सेनानियों को, मैं आदिवासियों की इस पवित्र, पावन भूमि पर से शत शत नमन करता हूं| –गुजरात के लिमखेड़ा में प्रधानमंत्री मोदी