यह एक बेहतरीन मुलाकात थी। हमने खेलों पर चर्चा की। प्रधानमंत्री से यह सुनकर अच्छा लगा कि स्कूल से ही खेल को एक पाठ्यक्रम के रूप में रखना जरूरी है, जहाँ यह एक विषय होगा और हर कोई खेल को अपनाएगा। इस तरह के शब्द प्रेरणादायक हैं....हम भारत में पहले से ही खेलों में विकास देख रहे हैं। उनके पास भारतीय खेलों के प्रति एक समर्पित सोच है और उन्हें इस बात की गहन समझ भी है कि इसे अगले स्तर तक ले जाने के लिए क्या किया जाना चाहिए।