टोबी वॉल्श, चीफ साइंटिस्ट, यूनिवर्सिटी ऑफ़ न्यू साउथ वेल्स
मैं यह जरूर कहूँगा कि वे बातचीत के विषयों पर जरूरी जानकारी से परिपूर्ण थे।हमने दुनिया भर के देशों को प्रभावित करने वाले तमाम महत्वपूर्ण मुद्दों, उनसे हेल्थकेयर और जॉब्स पर पड़ने वाले असर तथा भारत जैसे देश के लिए बनने वाले अवसरों पर बातचीत की।यूपीआई एक अद्भुत उदाहरण है कि भारत कैसे खुद से चीजें कर सकता है और वास्तव में एक वर्ल्ड लीडिंग प्रोडक्ट बना सकता है और शायद यह करेंसी का फ्यूचर हैऔर इसलिए ये एक बहुत बड़ी शुरुआत है और बहुत बड़ा उदाहरण भी कि भारत का इनोवेशनकैसे बहुत बड़ी मात्रा में बिजनेस को आगे बढ़ा सकता है।