भारत मैक्रो-आर्थिक परिप्रेक्ष्य से देखा जाए तो आज की तुलना में इससे मजबूत स्थिति में कभी नहीं रहा। मजबूत नेतृत्व और प्रमुख नीति परिवर्तनों के बल पर भारत विकास की क्षमता का प्रदर्शन कर रहा है। हमे भारत की विकास की क्षमता और तेजी से उभरती हुई अर्थव्यवस्था का लाभ मिलता है। अक्सर जब इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं कार्य प्रगति पर होती हैं तो ऐसा लगता है कि जमीनी स्तर पर कुछ काम नही हो रहा है। लेकिन भारत में ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। एक तरफ, धीमी गति से हो रही वृद्धि, यूरोपीय बैंकों के साथ निरंतर समस्याएं, चीन के पास भारी मात्रा में क्षमताएं हैं और प्रमुख वैश्विक शेयर बाजारों ने सभी समय के उच्च स्तर को छुआ है या उसके निकट आ गए हैं।