भारत के पास सप्लाई चेन के उस हिस्से को ऐब्सॉर्ब करने की क्षमता है, जिसे दुनिया भर की कई कंपनियां शिफ्ट करना चाह रही हैं। भारत अगले साल एशिया-पैसेफिक रीजन में जेपी मॉर्गन के लिए तीन सबसे तेजी से बढ़ते बाजारों में से एक हो सकता है।