यह बजट अर्थ से सामर्थ्य तक, अंत्योदय से अभ्युदय तक और साधन से समाधान तक की एक स्वर्णिम यात्रा है। इससे खेतों में हरियाली, खलिहानों में खुशहाली और हर चेहरे पर लाली आएगी।