यह बजट प्रैक्टिकल है, जिसमें इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज़ पर लगातार फोकस किया गया है, जो जॉब क्रिएशन, इनकम जेनरेशन और कंजम्प्शन-लेड डिमांड के लिए सरकार के कमिटमेंट को साफ तौर पर दिखाता है। MSMEs और एक मजबूत बैंकिंग सेक्टर पर जोर मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को मजबूत करता है। खास बात यह है कि हेल्थकेयर और AYUSH इकोसिस्टम पर फिर से फोकस, प्रिवेंटिव, वेलनेस-लेड सॉल्यूशंस के लिए कंज्यूमर की बढ़ती पसंद के साथ मेल खाता है, जिससे FMCG और हेल्थकेयर सेक्टर के लिए अच्छे मौके बनते हैं।