पीएमइंडिया
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज संस्कृत में एक सुभाषितम् साझा किया, जिसमें समाज के कल्याण के लिए समर्पित एक सच्चे बुद्धिमान व्यक्ति के गुणों पर प्रकाश डाला गया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भावना से प्रेरित निरंतर प्रयासों के माध्यम से, हम आज एक मजबूत और आत्मनिर्भर भारत की ओर आगे बढ़ रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने X पर लिखा:
“राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पण और सेवा भाव हमारी अमूल्य पूंजी रही है। बीते 12 वर्षों में ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भावना से प्रेरित निरंतर प्रयासों से ही आज हम एक सशक्त और आत्मनिर्भर भारत की ओर से अग्रसर हैं।
#सेवाके12साल
आर्यकर्माणि रज्यन्ते भूतिकर्माणि कुर्वते।
हितं च नाभ्यसुयन्ति स वै पण्डित उच्यते॥”
जो व्यक्ति सदा नेक और सदाचारी कार्यों में लगा रहता है, समाज की प्रगति और कल्याण के लिए समर्पित रहता है, दूसरों के लाभकारी वचनों और कार्यों का सम्मान करता है और उनके प्रति कोई दुर्भावना नहीं रखता, वही वास्तव में बुद्धिमान कहलाता है।
राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पण और सेवाभाव हमारी अमूल्य पूंजी रही है। बीते 12 वर्षों में ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भावना से प्रेरित निरंतर प्रयासों से ही आज हम एक सशक्त और आत्मनिर्भर भारत की ओर अग्रसर हैं। #12YearsOfSeva
आर्यकर्मणि रज्यन्ते भूतिकर्माणि कुर्वते।
हितं च… pic.twitter.com/wDM9MC4n2Y
— Narendra Modi (@narendramodi) June 9, 2026
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पीके/केसी/एके/पीके
राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पण और सेवाभाव हमारी अमूल्य पूंजी रही है। बीते 12 वर्षों में 'सबका साथ, सबका विकास' की भावना से प्रेरित निरंतर प्रयासों से ही आज हम एक सशक्त और आत्मनिर्भर भारत की ओर अग्रसर हैं। #12YearsOfSeva
— Narendra Modi (@narendramodi) June 9, 2026
आर्यकर्मणि रज्यन्ते भूतिकर्माणि कुर्वते।
हितं च… pic.twitter.com/wDM9MC4n2Y