पीएमइंडिया
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अहमदाबाद मेट्रो रेल परियोजना के चरण 2(ए) को स्वीकृति दे दी है। इस गलियारे की लंबाई 6.032 किलोमीटर है और इसमें 5 स्टेशन (4 एलिवेटेड और 1 अंडरग्राउंड) शामिल हैं। चरण 2(ए) के कार्यान्वित होने पर अहमदाबाद-गांधीनगर गलियारे में 77.63 किलोमीटर का सक्रिय मेट्रो रेल नेटवर्क हो जाएगा। चरण 2(ए) कॉरिडोर में स्थित स्टेशनों के नाम हैं- आश्रम रोड, कोटेश्वर प्राचीन मंदिर, साबरमती नदी, सरदार नगर और एयरपोर्ट।
इस परियोजना की कुल लागत, जिसमें निर्माण के दौरान ब्याज (आईडीसी) भी शामिल है, 2,169.04 करोड़ रुपये होगी।
लाभ और विकास को बढ़ावा देना:
अहमदाबाद मेट्रो रेल परियोजना का चरण 2(ए) शहर के बुनियादी ढांचे के विकास में एक महत्वपूर्ण प्रगति का प्रतिनिधित्व करता है। चरण 2(ए) शहर में मेट्रो रेल नेटवर्क का एक बड़ा विस्तार है।
बेहतर सम्पर्क:
अहमदाबाद मेट्रो परियोजना के चरण 2(ए) में लगभग 6.032 किलोमीटर के नए मेट्रो कॉरिडोर के विकास की परिकल्पना की गई है, जिसका उद्देश्य हवाई अड्डे से निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान करके और उन प्रमुख आवासीय और वाणिज्यिक क्षेत्रों को जोड़कर सार्वजनिक परिवहन को काफी हद तक बढ़ाना है, जिनमें वर्तमान में कुशल ट्रांजिट पहुंच का अभाव है।
इस चरण का उद्देश्य आवासीय और वाणिज्यिक केंद्रों सहित प्रमुख क्षेत्रों को अहमदाबाद-गांधीनगर गलियारे के साथ सुचारू रूप से एकीकृत करना है। इसके अलावा, 2029 के विश्व पुलिस खेलों और 2030 के राष्ट्रमंडल खेलों के लिए आसपास के क्षेत्र में खेल सुविधाओं को बढ़ाने की भी संभावना है।
इन महत्वपूर्ण क्षेत्रों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़कर, चरण 2(ए) न केवल कनेक्टिविटी को बढ़ाएगा बल्कि आर्थिक गतिविधि, पर्यटन को भी बढ़ावा देगा और निवासियों और आगंतुकों दोनों के लिए शहरी आवागमन को आसान बनाएगा।
अहमदाबाद मेट्रो रेल परियोजना का चरण 2(ए) शहर के लिए एक क्रांतिकारी विकास सिद्ध होगा। यह बेहतर सम्पर्क, यातायात जाम में कमी, पर्यावरणीय लाभ, आर्थिक विकास और जीवन की बेहतर गुणवत्ता प्रदान करने का आश्वासन देता है। प्रमुख शहरी चुनौतियों का समाधान करते हुए और भविष्य के विस्तार के लिए आधार प्रदान करते हुए, चरण 2(ए) शहर के विकास पथ और स्थिरता को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
अहमदाबाद मेट्रो के चरण 2ए से निर्माण कार्य के चरम समय के दौरान लगभग 2,000 लोगों को रोजगार मिलेगा और सिस्टम के संचालन एवं रखरखाव के दौरान 500 लोगों के काम करने की संभावना है।
मार्ग मानचित्र :

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पीके/केसी/एसएस/जीआरएस