पीएमइंडिया
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से अपने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अपने संबोधन में 2047 तक विकसित भारत की दिशा में भारत की यात्रा में तेजी लाने के उद्देश्य से कई आह्वान किए। प्रधानमंत्री ने देश की कार्य संस्कृति, सोच और व्यापक महत्वाकांक्षा में बदलाव का आह्वान करते हुए, नागरिकों, सरकारों, उद्योग, किसानों, युवाओं और समाज के अन्य वर्गों द्वारा सामूहिक कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री के संबोधन के प्रमुख बिंदुओं में शामिल हैं:
1. आगामी सुधार: प्रधानमंत्री ने सुधारों की गति में तेजी लाने का आह्वान करते हुए कहा कि भारत के लिए सुधार न तो कोई मजबूरी है और न ही एक प्रचलित शब्द है, बल्कि दृढ़ विश्वास का विषय है। उन्होंने कहा कि सरकार, समाज, उद्योग, उत्पादक और किसान सभी को पारंपरिक प्रणालियों, सोच और लक्ष्यों में सुधार करना होगा। प्रधानमंत्री ने केंद्र, राज्यों और उद्योग जगत से 2047 की आकांक्षाओं के अनुसार प्रणालियों, नीतियों और नियमों को आकार देते हुए एक साथ आगे बढ़ने और सुधारों को लगातार आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
2. विकसित भारत के लिए ‘सप्त धारा’: प्रधानमंत्री ने लाल किले से भारत को नई ऊंचाइयों पर ले जाने और आने वाले पांच-सात वर्षों में देश को नई गति देने के लिए शक्ति की सात धाराओं, “सप्त धारा“ का आह्वान किया। ये सात धाराएं हैं :
3. भारत की महत्वाकांक्षाओं को व्यापक बनाएं: देश को बड़ा सोचने का आह्वान करते हुए, प्रधानमंत्री ने पूछा कि आने वाले दशक में फॉर्च्यून 500 में भारत की 50 कंपनियां क्यों नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि एक भारतीय बैंक को दुनिया के शीर्ष पांच बैंकों में शामिल होना चाहिए और एक या दो भारतीय दवा कंपनियों को दुनिया की पांच सबसे बड़ी फार्मा कंपनियों में जगह मिलनी चाहिए। उन्होंने भारतीय कानून फर्मों, रेटिंग एजेंसियों, परामर्श फर्मों और लेखा फर्मों को दुनिया की अग्रणी फर्मों में उभरने का आह्वान किया, भारतीय प्रौद्योगिकी कंपनियों को वैश्विक स्तर पर अग्रणी बनने और भारतीय ब्रांडों को दुनिया को आकर्षित करने वाले देश की पहचान बनने का भी आह्वान किया।
4. भारतीय गुणवत्ता को वैश्विक पहचान बनाएं: प्रधानमंत्री ने निर्माताओं, उद्यमियों और एमएसएमई से वैश्विक बाजारों में भारतीय उत्पादों की विश्वसनीयता और गुणवत्ता की पहचान बनाने की जोरदार अपील की। उन्होंने कहा कि भारत को लागत, गुणवत्ता और पैमाने में वैश्विक मानकों को पूरा करना चाहिए और ऐसे उत्पादों की पेशकश करनी चाहिए जो विश्व बाजारों में सफलतापूर्वक प्रतिस्पर्धा कर सकें। उन्होंने एमएसएमई से भारत के व्यापार समझौतों से पैदा हुए अवसरों का लाभ उठाने और गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धात्मकता पर वैश्विक मानकों को पूरा करते हुए भारतीय उत्पादों को विश्व बाजारों में ले जाने का आग्रह किया।
5. कार्य संस्कृति में बदलाव लाएं और भारत के व्यापक लक्ष्यों का मिलान करें: प्रधानमंत्री ने कहा कि इस सदी की अगली तिमाही भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और देश न तो रुक सकता है और न ही अपनी गति को धीमा होने दे सकता है। उन्होंने देश की कार्य संस्कृति, सोच और काम की गति को बदलने का आह्वान करते हुए कहा कि जो कार्य पिछले पांच-सात दशकों में पूरे नहीं हुए थे, उन्हें आने वाले पांच-सात वर्षों में पूरा करना होगा।
6. नशा मुक्त भारत- हर परिवार को जुड़ना चाहिए: नशीली दवाओं के दुरुपयोग को भारत के युवाओं के सामने एक बड़ी चुनौती बताते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि नशा मुक्त भारत को एक सामूहिक जिम्मेदारी बनना चाहिए। माई भारत स्वयंसेवकों, गैर-सरकारी संगठनों, सामाजिक-सांस्कृतिक संगठनों और आध्यात्मिक गुरूओं को शामिल करके 100 सप्ताह के नशा मुक्त भारत अभियान की चर्चा करते हुए, उन्होंने प्रत्येक परिवार से अभियान से जुड़ने और नशा मुक्त भारत के सपने को साकार करने में योगदान देने का आह्वान किया।
7. महिला आरक्षण : प्रधानमंत्री ने महिला आरक्षण को लागू करने के लिए सभी राजनीतिक दलों से एक साथ आने की सीधी अपील की। नारी शक्ति वंदन अधिनियम की चर्चा करते हुए, उन्होंने राजनीतिक दलों से जल्द से जल्द यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि महिलाओं को लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व मिले और वे भारत की नीतियों को आकार देने में योगदान देने में सक्षम हों।
8. जनगणना में युवाओं द्वारा भागीदारी का नेतृत्व : नीतियों, योजनाओं और देश के लिए भविष्य की योजना को लेकर सटीक जानकारी की आवश्यकता पर बल देते हुए प्रधानमंत्री ने युवाओं से अपने परिवारों को मौजूदा जनगणना में सटीक रूप से भाग लेने में मदद करने का आह्वान किया। उन्होंने युवाओं से अपने परिवार के साथ बैठने, फॉर्म को समझने, सही विवरण दर्ज करने और जनगणना प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लेने का आग्रह किया।
9. स्वयं से ऊपर राष्ट्र; कर्तव्य ही पहचान : पंच प्रण को याद करते हुए, प्रधानमंत्री ने नागरिकों से गुलामी की मानसिकता को खत्म करना जारी रखने का आह्वान किया और इस संकल्प को दोहराया कि राष्ट्र का हित स्वयं से ऊपर होना चाहिए और कर्तव्य हमारी पहचान बनना चाहिए।
10. सपनों को संकल्प में और संकल्प को सफलता में बदलें: विकसित भारत की दिशा में सामूहिक राष्ट्रीय प्रयास के आह्वान के साथ समापन करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि समय, अवसर और संकल्प भारत का है। उन्होंने नागरिकों से सपनों को संकल्प में, संकल्प को शक्ति में और शक्ति को सफलता में बदलने, हर कदम को विकास की दिशा में एक कदम बनाने, एक साथ आगे बढ़ने और सामूहिक रूप से एक विकसित भारत का निर्माण करने का आह्वान किया।
****
पीके/केसी/एसकेएस/एचबी
Watch LIVE. https://t.co/TmFSTCdlYC
— PMO India (@PMOIndia) August 15, 2026
Today is a day to move forward with our dreams, resolve and strength. pic.twitter.com/kTXLdvTTJu
— PMO India (@PMOIndia) August 15, 2026
India has set a big goal... To become a developed nation by 2047. pic.twitter.com/FOQIgsK3lF
— PMO India (@PMOIndia) August 15, 2026
We must believe in ourselves and take pride in building an Aatmanirbhar Bharat. pic.twitter.com/cxR8T42Mke
— PMO India (@PMOIndia) August 15, 2026
Sectors that were once seen as 'No-Go Areas' are now 'Go-Ahead Areas.' pic.twitter.com/k94STQjwdQ
— PMO India (@PMOIndia) August 15, 2026
Every Indian is embracing the spirit of Make in India and Vocal for Local. pic.twitter.com/R84aDMZjt0
— PMO India (@PMOIndia) August 15, 2026
India has a stable political mandate, a stable government, a vibrant democracy, a strong judicial system and a Constitution that guides us all. pic.twitter.com/JYbThDEhet
— PMO India (@PMOIndia) August 15, 2026
We need to focus on three things... Cost, quality and scale. pic.twitter.com/0wZusWMS51
— PMO India (@PMOIndia) August 15, 2026
Our factories must be competitive, our products user-friendly and our packaging must be the best. pic.twitter.com/42QzQ6UrRd
— PMO India (@PMOIndia) August 15, 2026
Places once affected by Naxal violence are witnessing peace, development and new hope. pic.twitter.com/QTRhWI1dpx
— PMO India (@PMOIndia) August 15, 2026
These Saptadharas will drive India forward and take the nation to new heights. pic.twitter.com/hHukVE7FrW
— PMO India (@PMOIndia) August 15, 2026