PMINDIA
Prime Minister’s reply to question on Climate Change:
मैं समझता हूँ, चीन और अमेरिका (में) जो जलवायु परिवर्तन के सम्बन्ध में जो समझौता हुआ है , उसका भारत पर कोई Pressure है क्या? भारत एक स्वतंत्र देश है उस पर न किसी देश का, न किसी व्यक्ति का Pressure काम आता है। लेकिन Pressure है। Pressure इस बात का है, कि हम भावी पीढ़ी को कैसी पृथ्वी देना चाहते हैं। Climate Change itself एक बहुत बड़ा Pressureहै। Global Warming itself एक बहुत बड़ा Pressure है। और जिसके भी दिल में भावी पीढ़ी के लिए चिंता है, आने वाली पीढ़ियों के लिए चिंता है, उनका ये दायित्व बनता है कि वे आज इस Climate Change के सम्बन्ध में conscious बने। उन रीतियों-नीतियों को अपनाये ताकि हम भावी पीढ़ी को एक अच्छी जिंदगी दे सकें , अच्छा Environment दे सकें , और मैं मानता हूँ ये Pressure हर देश मैं होना चाहिए, हर सरकार पर होना चाहिए, हर व्यक्ति पर होना चाहिए। और उसी Pressure को हम समझ पाते हैं और उसी को हम respond कर रहे हैं।
Prime Minister’s reply to the question on personal friendship with US President Barack Obama:
जहाँ तक बातों का सवाल है, परदे में रहने दें। और हम बार बार इस प्रकार से क्यों मिलते हैं? ये सवाल बड़ा महत्वपूर्ण है, मैं इस क्षेत्र मैं नया हूँ। लेकिन अल्प समय के अनुभव से मैं कह सकता हूँ कि दो देशो के साथ रिश्ते कागज पर कहाँ फुल स्टॉप है, कहाँ comma है, उसके आधार पर निर्धारित कम होते हैं। लीडरों के बीच खुलापन कितना है, एक दूसरे को जानने के अवसर कितने हैं, Chemistry कैसे match करती है, वो बहुत ज्यादा निर्भर करता है। और कैमरे से दूर अकेले मैं गप्प मारते हैं , तो हम एक दूसरे को बड़ी निकटता से जान सकते हैं। मेरे और बराक के बीच में वो दोस्ती बन गयी है , उस खुलेपन के कारण हम आराम से फोन पर बात कर लेते हैं, हम आराम से गप्प मार लेते हैं, हंसी मजाक कर लेते हैं। इस chemistry ने मुझे और बराक को तो निकट लाया ही है, वाशिंगटन और दिल्ली को भी निकट लाया है , लेकिन अमेरिका की जनता और हिंदुस्तान की जनता को भी निकट लाया है और ये Personal Chemistry है। मैं समझता हूँ कि यह बहुत matter करती है। और यह पनपनी चाहिए, ऐसे ही अवसर पर पनपती है।
Answered questions on climate change & the friendship with President Obama at the Joint Press Briefing. http://t.co/mryxZglTxj
— Narendra Modi (@narendramodi) January 25, 2015