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मेरे लिए यह बड़े सौभाग्य की बात है कि आज महाबोधक सोसायटी के इस पवित्र स्थल पर आ करके सभी पूज्यों संतों के आशीर्वाद लेने का अवसर मिला और मैं इसके लिए विशेष रूप से महाबोधि सोसायटी के अध्यक्ष जी का हृदय से धन्यवाद देता हूं। मैं आपका विशेष रूप से आभारी हूं कि आपने मुझे सांची relics के दर्शन करने का और पुण्य पाने का अवसर दिया।
बुद्धभिक्षुओं के आर्शीवाद मिले। उन्होंने मेरे लिए, भारत और श्रीलंका के लिए, हमारी एकता के लिए, हमारी प्रगति के लिए प्रार्थना की – यह बात अपने आप में हृदय को छूने वाली है और मैं फिर एक बार सबको प्रणाम करता हूं।
श्रीलंका में सांस्कृतिक और राजनैतिक पुनर्जागरण में श्रीमद Anagarika Dharmapala का की अहम भूमिका रही है। बौद्ध धर्म के पुनरूथान के लिए महाबोधि के सोसायटी के गठन में उनकी अहम भूमिका रही है। इस सोसायटी ने बौद्धगया में स्थित महादेवी वर्मा के प्राचीन मंदिर की महिमा को बहाल करने में भी अहम योगदान दिया है।
कहा जाता है कि विश्व में सबसे पुराना बौद्ध धर्म पर चलने वाला कोई अगर देश है तो वो देश श्रीलंका है।
आज विश्व के कई देशों में हम अगर जाएंगे तो हमें श्रीलंका के बोधभिक्षु वहां पर इस पवित्र काम को करते हुए नजर आते हैं।
बुद्ध हम सबको जोड़ते हैं, और मेरा तो यह सौभाग्य रहा जैसे स्वामी जी ने बताया कि जब मैं गुजरात का मुख्यमंत्री था तो मैंने एक अंतर्राष्ट्रीय बुद्ध सभा का आयोजन किया था। दुनिया के 20 अधिक देशों से अधिक देशों से सभी महानुभव आये थे, आप भी पधारे थे, क्योंकि सामान्य ऐसी छवि है कि बुद्ध भारत के पूर्वी हिस्से में ही प्रभावित थे लेकिन मैं तो गुजरात से, भारत के पश्चिमी छोर से आता हूं, लेकिन वहां पर भी बुद्ध का उतना ही प्रभाव था।
मेरा यह सौभाग्य रहा है कि मेरा जन्म जिस गांव में हुआ वर्णगढ़ Chinese Philosopher Hiuen Tsang करीब आठ सौ साल पहले हिंदुस्तान आए थे और उन्होंने आठ सौ साल पहले भारत का जो वर्णन लिखा है, उसमें वो लम्बे अरसे तक मेरे गांव में रहे थे। और उन्होंने लिखा है कि मेरे गांव में जहां मैं पैदा हुआ, वहां पर बुद्ध भिक्षुओं की Training का एक बहुत बड़ा Centre था। 10 हजार से ज्यादा बुद्धभिक्षु वहां रह सके, इतना बड़ा Hostel था।
तो Hiuen Tsang की इस बात को लेकर के जब मैं मुख्यमंत्री बना, तो मैंने मेरे गांव में excavation करवाया। और आप सबको जानकार के खुशी होगी कि जब excavation किया तो सारी चीजें मिल आई – वो बड़ी-बड़ी Hostel, वो बुद्ध भिक्षुओं का Training का Centre. और इतना ही नहीं, हमारे यहां एक जगह है गुजरात में देव की मोरी, उस जगह पर excavation किया तो भगवान बुद्ध के relics हमें एक Golden Box में मिले।
और मैं थेरो जी को ले गया था, वो सारी चीजें दिखाने के लिए, उनको दर्शन कराने के लिए ले गया था।
और मेरा एक मन का Dream रहा, जब मैं मुख्यमंत्री था कि जहां से हमें भगवान बुद्ध के relics मिले हैं, वहां पर मेरा सपना है एक भव्य भगवान बुद्ध का मंदिर बनाना। मैं हमेशा अनुभव करता हूं कि आज विश्व जिस संकटों से गुजर रहा है। जो आतंकवाद के साए में दुनिया भयभीत होकर के जी रही है, बुद्ध का रास्ता यही है जो युद्ध से मुक्ति दिलाता है।
और मैं फिर एक बार इस पवित्र स्थल पर सब संतों का आशीर्वाद लेने का मुझे सौभाग्य भी मिला… मैं फिर एक बार सबको प्रणाम करता हूं। स्वागत सम्मान के लिए प्रणाम करता हूं, और आप सबका धन्यवाद करता हूं।
PM @narendramodi at the Maha Bodhi society. pic.twitter.com/2p0ayQVbjs
— PMO India (@PMOIndia) March 13, 2015
Another picture of PM @narendramodi at the Maha Bodhi society. pic.twitter.com/ompbf1Tiy6 — PMO India (@PMOIndia) March 13, 2015