PMINDIA
नमस्कार, केमछो, सत श्री अकाल, नमस्कारम, अबारिगानी,
All my friends, Brothers and Sisters,
It is a matter of great privilege and honour for all of us. President of Kenya His Excellency Mr. Uhuru Kenyatta is also among us to grace this occasion. For me and for India and for Indians it’s a great honour. It’s a symbol of love, it’s a symbol of affection and love and affection for Indian community. I am very-very thankful to His Excellency Mr. President.
मैं पिछले चार दिन से mainland अफ्रीका की यात्रा कर रहा हूं। मोजांबिक से शुरू किया था, साउथ अफ्रीका गया, तंजानिया गया और अब आपके बीच में हूं। मैं पहले भी यहां आपके बीच आया हूं। आप में से कईयों से बड़ी निकटता रही है मेरी, पुराना परिचय रहा है। लेकिन आज जो मैं नजारा देख रहा हूं, हिंदुस्तान में भी जो लोग यह देखते होंगे, वे भी यह सोचते होंगे कि चाहे कुछ भी हो लेकिन कार्यक्रम तो हिंदुस्तान में दिख रहा है। यह दृश्य देख करके उनको लगेगा नहीं कि हम अफ्रीका की धरती पर यह नजारा पेश कर रहे हैं। और कार्यक्रम मैंने हिंदुस्तान में भी देखे हैं और कार्यक्रम मुझे दुनिया के और देशों में भी जाने का मुझे सौभाग्य मिला। लेकिन आप सबने जिस बारीकी से बहुत minute plan करके इस कार्यक्रम को बनाया है। मैं आपको सौ-सौ सलाम करता हूं।
जब मैं और राष्ट्रपति जी यहां आ रहे थे, तो सारे कलाकार दोनों तरफ खड़े थे। और मैं कलाकारों को देख करके देख रहा था कि जैसे पूरा हिन्दुस्तान उमड़ पड़ा है। भारत के हर कोने की पहचान, भारत के हर कौने की महक यहां मैं महसूस कर रहा हूं। यह बात छोटी नहीं है। सदी पहले हमारे पूर्वज यहां आए, मजदूर के रूप में आए। कोई उठा करके ले आया। मजदूरी करने के लिए ले आया। किसी की तीसरी पीढ़ी होगी, किसी की चौथी पीढ़ी होगी। बहुत लोग ऐसे होंगे यहां, जिन्होंने अब तक हिंदुस्तान की धरती पर कदम रखने का सौभाग्य नहीं पाया होगा। सुना होगा गंगा है, सुना होगा हिमालय है, सुना होगा कोई असम है, नागालैंड है, मिजोरम है, लेकिन कभी जाने का सौभाग्य नहीं मिला होगा। कुछ लोग वो भी होंगे, जिनका आज हिंदुस्तान में कोई रिश्तेदार है या नहीं, इसका भी पता नहीं होगा। किस गांव से निकले थे, किस इलाके से निकले थे यह भी कुछ पता नहीं था। लेकिन इसके बावजूद भी इतने लम्बे समय तक आपने अपने आप को जड़ों से जोड़ करके रखा है, यह असामान्य बात है। हमारे पूर्वजों की उस विरासत, हमारे पूर्वजों की पराक्रम की गाथाएं, हमारे पूर्वजों का मानवता के लिए संदेश हजारों मील दूर रह करके भी आपने जी करके दिखाया है। हर हिंदुस्तानी को आप पर नाज़ है। आपका गर्व करता हूं, आपका अभिनंदन करता हूं।
वरना आज घर में बच्चा मातृ भाषा के सिवाए कोई भाषा में पढ़ना शुरू कर दे। तो धीरे-धीरे पूरा परिवार भी मातृभाषा छोड़ने लग जाता है। लेकिन आपने न छोड़ा है, न छोड़ने दिया है। यही तो परंपरा है, भाषा का ही तो बंधन है। जो हमारे भावों को प्रकट करती है। हमारा खान-पान, हमारा रहन-सहन और हमारे पूर्वजों के प्रति पराक्रम के प्रति हमारा स्वाभिमान, यही हमें आगे जीने की प्रेरणा देता हूं। और इसलिए जब हम यहां आते हैं तो लगता है कि mini हिंदुस्तान है। और आप वो लोग है जिन संस्कारों को ले करके आपके पूर्वज यहां आए। आने का कारण कोई भी रहा हो। मजबूरियों कोई भी रही हो, गिले-शिकवे कितने भी क्यों न रहे हो। लेकिन आपने इस धरती को अपना बना लिया। और इस धरती के विकास के लिए भी जी-जान से जुट गए आप। यहां का हर मूल नागरिक आपको अपना मानता है। आपके साथ कंधे से कंधा मिला करके वो इस देश की प्रगति में आपके हिस्से को गौरव से स्वीकार करता है, अभिनंदन करता है।
पिछले दिनों भारत में India-Africa Summit, अफ्रीका के सभी देश वहां आए, स्वयं राष्ट्रपति जी भी आए थे और उन्होंने उस दिन मुझे बड़ा आग्रह किया था कि मोदी जी इस वर्ष के कैलेंडर में आपको मेरे यहां आने पड़ेगा। प्यार भी था, हक भी था और यह वो हक जता रहे थे मेरे ऊपर आप लोगों के कारण। और इसलिए आज मैं आप सबके बीच में हूं। भारत के लिए अफ्रीका के देश अत्यंत महत्वूर्ण हैं, एक प्रकार से African Countries और भारत की सुख-दुख की यात्रा साथ-साथ चली है। एक-दूसरे को जोड़ने में हमारी यह सुख-दुख की यात्रा हर बार नई ऊर्जा देती रही है, नई ताकत देती है। और भारत का भी प्रयास है, अफ्रीका के सभी देशों के साथ भारत का घनिष्ठ संबंध हो, अटूट नाता हो और भारत और African Countries एक दूसरे की शक्ति को पहचाने, एक-दूसरे की आवश्यकताओं को पहचाने, एक-दूसरे को मदद रूप होने के रास्ते खोजें और कंधे से कंधा मिला करके नई ऊंचाईयों को प्राप्त करने के लिए कोई कसर न छोड़े इस मकसद से हम आगे बढ़ रहे हैं।
लेकिन हम वहां, सिर्फ यहां पर रूकना नहीं चाहते। मेरा क्या है? मुझे क्या? इस सीमित विचार से न हिन्दुस्तान कभी चला है, न हिन्दुस्तान कभी चलने के लिए सोच सकता है। भारत सिर्फ मेरा क्या, मुझे क्या इस सीमित उपदेश को ले करके विश्व के रंगमंच पर नहीं है। भारत तो वसुदेव कुटुम्ब की भावना ले करके पला-बढ़ा है। हम वो लोग है, जिन्होंने पूरे विश्व को अपना परिवार माना है। हम वो लोग हैं जिन्होंने मानवता को अपनी रगों में जी करके देखा है और इसलिए जब इंडिया-अफ्रीका इन संबंधों को मजबूत बनाने की बात करते हैं, तब सिर्फ हमारी भलाई नहीं हम मिल-बांट करके दुनिया की भलाई के लिए भी कुछ करे यह भी इरादे ले करके चल रहे हैं।
मेरे प्यारे देशवासियों आप सब कितने ही दूर क्यों न हों, लेकिन अगर हिंदुस्तान में हैं कुछ भी बुरा हो जाए, कोई कष्ट आ जाए, तो आपको भी पीड़ा होती है कि नहीं होती है। आप भी बैचेन हो जाते हैं कि नहीं हो जाते हैं। रात-रात जाग करके खबर लेते है कि नहीं लेते हैं। यह कैसा अद्भूत नाता है कि जिस भूमि पर कभी गए नहीं, जिस इलाके को कभी देखा नहीं, जिन लोगों को कभी मिले नहीं। लेकिन उनको अगर पीड़ा होती है तो आप सो नहीं पाते हैं। यही तो मानवता की घुट्टी हमें पिलाई गई है और इसी के लिए हम जीते हैं।
और मेरे देश के गौरव, मेरे देश के आन, बान, शान यह आज मेरे सामने यह आज मेरे सामने बैठी हैं। सरकार एक विदेश विभाग चलाती है। विदेश विभाग में बड़े-बड़े अफसर होते हैं, बाबू होते हैं, भिन्न देशों में उनके missions होते हैं, उनके दफ्तर होते हैं। वे कोशिश करते हैं दुनिया को भारत के साथ जोड़ने की। वे कोशिश करते हैं दुनिया भारत को स्वीकार करे, सम्मान करे। वे कोशिश करते हैं कि दुनिया भारत के साथ जुड़े, लेकिन उनकी ताकत बहुत सीमित है। पांच, पच्चीस, पचास लोग होते हैं उस mission में। दुनिया को जोड़ने की अगर सच्ची ताकत किसी में है तो हर हिंदुस्तानी में हैं, जो मेरे सामने बैठा है। हिन्दुस्तान के सच्चे ambassador, हिन्दुस्तान के पक्के ambassador, अगर कोई है तो विश्व में फैले हुए मेरे भारतीय भाई-बहन हैं।
आज दुनिया में कहीं से भी, दुनिया के किसी भी कोने से किसी भी देश की तरफ से मैं दुनिया के कई देश के महानुभावों से मिला हूं। लेकिन अब तक दुनिया के किसी देश ने किसी देश के मुखिया ने उनके देश में जो हिन्दुस्तानी रहते हैं, उनके लिए एक शिकायत तक मुझे नहीं की। ऊपर से उनका वे हमेशा अपने देश में जो भारतीय समुदाय रहता है। उसका गौरवगान करना कभी भूलते नहीं है। प्यारे भाईयों-बहनों, आप कल्पना कर सकते हो कि हिन्दुस्तान का कोई प्रधनमंत्री जब दुनिया का कोई मुखिया उसको मिलने आया हो और उस देश में रहने वाले हिन्दुस्तानियों की जब तारीफ करता हो तो मेरा सीना कितना चौड़ा हो जाता है। मेरा माथा कितना ऊंचा हो जाता है। यह गौरव हमें आपके कारण मिलता है। आपके व्यवहार के कारण मिलता है। आपने भारत के उच्च मूल्यों को दुनिया के सामने जी करके दिखाया और इसके कारण विश्व के लोगों के मन में भारत के प्रति देखने का नजरिया, हम सबको आनंद देता है, वैसा नजरिया बनता है। भारत में कुछ अच्छा हो। आप खुशियों से भर जाते हो कि नहीं भर जाते। भर जाते हो कि नहीं भर जाते आप?
मैं गुजरात का मुख्यमंत्री था, एक बार मैं केरल गया, तो केरल में एक अच्छी परिवार के साथ मेरा भोजन था। तो बातों बातों में ऐसे उन दिनों केरल में वर्षा के दिन थे तो मैं ऐसे ही वर्षा की चर्चा कर रहा था। मैंने कहा बारिश हुई, बहुत अच्छा लग रहा है। माहौल अच्छा है, लेकिन उन्होंने मुझे कोई respond नहीं किया। वो खुशी में शरीक नहीं हुए। मुझे दो-चार दिन वहां रहना था। जिस दिन मैं निकलने वाला था। उस दिन उन्होंने विशेष खाना मंगाया, मिठाईयां मंगाई और थोड़ा खुशी का माहौल था। मैं कहा क्या बात है आज आप इतने खुश नजर आ रहे हो। उन्होंने कहा आपको मालूम नहीं है, मैंने कहा नहीं। अरे बोले अभी-अभी खबर आई है कच्छ में बारिश हो गई है। यानी वो केरल में रहते थे, भरपूर बारिश थी, लेकिन जब तक कच्छ में बारिश की खबर नहीं आई। उनके चेहरे पर खुशी नजर नहीं आई। मनुष्य का स्वभाव है। हिंदुस्तान से जब भी अच्छी खबरें आपको सुनने को मिलती होगी, आपको खुशी होती है कि नहीं होती है, आनंद होता है कि नहीं होता है? मुझे बराबर याद है भाईयों 2014 में जब भारत में लोकसभा के चुनाव चल रहे थे। नतीजे हिंदुस्तान में आ रहे थे, लेकिन टीवी, रेडियो के सामने से आप लोग हट नहीं रहे थे। चुनाव के नतीजे हिंदुस्तान में हो रहे थे। प्रधानमंत्री हिंदुस्तान का बनने वाला था, लेकिन मिठाईयां यहा पर बंट रही थी।
और मेरे प्यारे भाईयों-बहनों आज मैं बड़ी गर्व के साथ, बड़ी नम्रता के साथ सिर झुका करके आपके सामने निवेदन चाहता हूं कि दो साल में इस सरकार ने एक के बाद एक वो कदम उठाए हैं कि विश्वभर में फैला हुआ हर हिंदुस्तानी गर्व कर सकता है। दो साल में सरकार ने ऐसा कोई काम नहीं किया जिसके कारण दुनिया में किसी हिंदुस्तानी को सिर झुकाने की नौबत आए ऐसा एक काम नहीं किया। हर हिंदुस्तानी दुनिया में सिर ऊंचा करके दुनिया के सामने आंख में आंख मिला करके बात कर सके। यह ताकत आज हिंदुस्तान में पैदा हुई है।
आज पूरा विश्व आर्थिक संकट से गुजर रहा है। चारों तरफ आर्थिक मंदी की खबरे आ रही है। हर किसी को लगता है कि मामला चल नहीं रहा है। कुछ ढीला लग रहा है। मेरे प्यारे साथियों, सारा विश्व आर्थिक मंदी से गुरज रहा है। लगातार स्थिति कमजोर होती जा रही है। ऐसी स्थिति में एक अकेला हिंदुस्तान दुनिया में तेज गति से आगे बढ़ने वाली आर्थिक स्थिति को पा सका है। चाहे world band हो, IMF हो, चाहे दुनिया की credit agencies हो। एक स्वर से कह रहे हैं कि आज विश्व की अर्द्धरचना में अगर कोई bright spot तो उसका नाम है हिंदुस्तान। यह अचानक नहीं हुआ है। दुनिया में जब मंदी का दौर हो और हिंदुस्तान में भी एक एक तो नई-नई सरकार आई हो और आपको पता है। 2014 में मोदी के लिए क्या कहा जाता था कि इसको कोई अनुभव नहीं है। यह तो छोटे से गुजरात को देखता था। इसको विदेश विभाग क्या होता है? Foreign Policy क्या होती है? इसको कुछ समझ नहीं है। यह प्रधानमंत्री बन करके क्या करेगा? कैसे करेगा? कई सवाल थे। और यह सही था कि मैंने प्रधानमंत्री बनने के बाद पार्लियामेंट देखी। मेरी तो पूरी जिंदगी जनसभा में गई, लोकसभा मेरे लिए नयी थी। आशंकाएं बहुत स्वाभाविक थी। जो मेरे लिए सवाल उठाते थे, उनके प्रति भी कोई शिकायत नहीं है। क्योंकि वो स्वाभाविक था। दूसरी तरफ लगातार दो साल हिंदुस्तान आकाल से पीडि़त रहा। बारिश बहुत कम हुई। कुछ इलाके में पीने का पानी पहुंचने के लिए ट्रेन लगानी पड़ी। ईश्वर भी हर मेरी कसौटी करता ही रहता है। और उसको भी लगता होगा ठीक है यह ठीक है, जरा इसी की भी करो। दो साल लगातार अकाल हो, दुनिया में मंदी का दौर हो, मोदी का नया क्षेत्र हो, नया अनुभव हो, इसके बावजूद भी 7.6% growth rate जो अर्धलिपि को जानते हैं, वे इसका गर्व कर सकते हैं। लेकिन हम यहां रूकने वाले नहीं है। अभी और आगे बढ़ाने है। और ऊंचे देश को ले जाना है। और याद रहे 8% तक पहुंचना है। और इसके लिए सुविचारित रूप से एक के बाद एक योजनाएं बनी, कभी-कभार भारत में सरकारों की पहचान कोई एक नई चीज़ घोषित कर दे, उसके साथ जुड़ जाती है। जो घोषित किया, उसका क्या हुआ? कुछ लाभ हुआ कि नहीं हुआ? जो घोषित किया था वो लागू हुआ कि नहीं हुआ? यह देखने की किसी को फुरसत ही नहीं है। एक बार घोषित कर दिया, हो-हाहा.. हो गया, जय जयकार हो गया गाड़ी चल जाती थी, तब तक अगले चुनाव आ जाते थे। हमने बल दिया good governance पर। हमने बल दिया सामान्य मानव के जीवन में बदलाव आए। जब मैं 15 अगस्त को लाल किले पर से Toilet बनाने की बात कर रहा था। स्वच्छता की बात कर रहा था। तो शुरू में लोग मजाक उड़ाने लगे। यहां लाल किला, 15 अगस्त इस आदमी को इतना बढि़या मौका मिला है और यह देखो प्रधानमंत्री toilet की बात कर रहा है। स्वच्छता की बात कर रहा है।
मेरे प्यारे भाईयों-बहनों बड़ी-बड़ी बातें करने के लिए बहुत बार लालकिले का उपयोग हुआ। मेरी आत्मा कहती थी, हिंदुस्तान के छोटे-छोटे लोगों के सपने, चाहे वो सपने छोटे क्यों न हो, लेकिन उनके अपने सपने होते हैं, लाल किले की प्राचीर से कभी उनकी भी आवाज़ सुनाई देनी चाहिए। और मैंने रूख बदल दिया। मैंने रास्ता बदल दिया दोस्तों। बड़ी-बडी़ बातें बहुत हो चुकी। कोई तो हो जो छोटे लोगों की छोटी-छोटी बातों को भी याद करे। और मैने देखा है। सवा सौ करोड़ देशवासियों की ताकत को मैं भली-भांति अनुभव करता था। और आज देश जो बदल रहा है। आज जो देश आगे बढ़ रहा है उसका कारण सवा सौ करोड़ हिंदुस्तानी है, सवा सौ करोड़ हिंदुस्तानियों का संकल्प है और सवा सौ करोड़ हिंदुस्तानियों का आगे बढ़ने का इरादा है। यही तो ताकत है। और जनता जर्नादन तो ईश्वर का दूसरा रूप होती है और एक बार जनता जर्नादन ठान ले कि आगे बढ़ना है तो दुनिया की कोई ताकत उसे रोक नहीं सकती है। सवा सौ करोड़ हिंदुस्तानियों ने आगे बढ़ने की ठान ली है। अब हिंदुस्तानी मुसीबतों की गिनती कर करके सिर पर हाथ रख करके सोने के इरादे नहीं रखता। अब हिंदुस्तानी मुसीबतों को पार करके नई ऊंचाईयों पर पहुंचने के संकल्प ले करके आगे बढ़ने के लिए अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी निभाने का प्रयास कर रहा है। और यही मेरा सौभाग्य है। और जब देश की जनता इतना काम करती हो। तो मुझे भी तो दौड़ने का मजा आता है। मुझे भी ज्यादा काम करने का मजा आता है।
भाईयों-बहनों समय सीमा में स्कूल में toilet बनाना यानी बनाना। ऐसा नहीं चलो आप योजना बनाओ देखेंगे कब तक होगा, कैसे होगा। नहीं। अगर यह काम सौ दिन में करना है मतलब पूरा करना है। अगर यह काम हजार दिन में पूरा करना है तो करना है। होती है, चलती है, आएंगे, देखेंगे, करेंगे, सुना हैं, सुनेंगे, सुनाएंगे क्या यही चलता रहेगा। सबसे बड़ा बदलाव निर्धारित समय में काम को पूरा करने का और उसका भी जनता जर्नादन को हिसाब देना। मैं एक छोटी सी बात बताता हूं। मैं नहीं जानता हूं आप में से कितने लोग हैं, जो mobile phone में नरेंद्र मोदी एप डाउनलोड किया हुआ है, काफी लोग हैं ऐसा लग रहा है किया है। किया है? आप अगर नरेंद्र मोदी एप Download करके अपने फोन पर मोदी का हर पल का हिसाब, पल-पल का हिसाब देख सकते हो। हमारी एक दूसरी App है GARV, आपको जानकार हैरानी होगी मैं एक दिन अफसरों के साथ बैठा था तो ध्यान में आया 18 हजार गांव, 18 Thousand villages ऐसे निकले कि जहां आजादी के 70 साल होने आए, बिजली का खंभा भी नहीं पहुंचा है, बिजली का तार नही पहुंचा है, बिजली का लट्टू तो देखा ही नहीं था किसी ने, उसे मालूम नहीं बिजली क्या होती है। आप कल्पना कर सकते हैं कि 18वीं शताब्दी में जो जिंदगी जी रहा है, 21वीं शताब्दी में आज अगर कोई बिजली के बिना गुजारा करता है तो वो 18वीं शताब्दी से बुरी नहीं है तो क्या है। मैंने अफसरों को पूछा, मैंने अफसरों को कहा कि भई बताओ ये 18 हजार गांव रह गए, क्यों रह गए, किसके कारण रह गए, ये तू-तू, मैं-मैं में टाइम बर्बाद नहीं करना है, मुझे बताओ, हम कब तक करेंगे तो हमारे अफसरों ने मुझे कहा कि साहब 6-7 साल लगेगा। 6-7 सात साल मैंने कहा क्यों कम समय में हो सकता है कि नहीं हो सकता है तो वो जवाब नही दे रहे। मैंने लालकिले पर से एक दिन घोषणा कर दी कि हम 1000 दिन में 18 हजार गांव में बिजली पहुंचा देंगे। लोग मुझ पर शक करने लगे कि जो काम 70 साल में नहीं हुआ है, वो मोदी हजार दिन में कैसे कर देगा, तो बात सही है। जो काम 70 साल में बाकी रहा हो, उसको ये मोदी कहता है कि 1000 हजार दिन में करूंगा तो मतलब क्या है लेकिन आप GARV नाम के App पर जाओगे। Daily किस गांव में खंभा पहुंचा, किस गांव में तार पहुंचा, किस गांव में बिजली का करंट चालू हो गया, Daily हिसाब आपको मिलता है। अभी तो 400 दिन के आसपास टाइम हुआ है 60 प्रतिशत गांव में बिजली का काम हो गया। जब हजार दिन होंगे, उसके पहले ही ये पूरा हो जाएगा, हमारा पूरा विश्वास है।
मुझे गांव की सड़क बनानी है, हर गांव को पक्की सड़क से जोड़ना है। पहले एक दिन में जितनी सड़क बनती थी, पिछले दो साल में कोशिश के बाद आज हम उस स्थिति में पहुंचे हैं कि पहले एक दिन में जितनी सड़क बनती थी, आज एक दिन में उससे डबल से भी ज्यादा सड़क बनती है। कहने का तात्पर्य यह है कि सामान्य मानवी की सुखाकारी, सामान्य मानवी की आवश्यकताएं, quality of life, उसमें बदलाव लाने की दिशा में एक के बाद एक बारीकी से काम चल रहा है।
उसके साथ-साथ अफ्रीका के कई देश हैं जो जवान हैं, 35 साल के कम उम्र की बहुत बड़ी जनसंख्या अफ्रीका के कई देशों में है। आज विश्व में भारत सबसे सौभाग्यशाली बड़ा देश हे, बड़ा देश जहां 800 Million, 35 से कम उम्र के नौजवान हैं। भारत की 65 प्रतिशत जनसंख्या आज, 35 साल से कम उम्र की है। जिस देश के पास इतने जवान होते हैं, उस देश के सपने भी बड़े जवान होते हैं और इसलिए Skill development, इन नौजवानों के हाथ में हुनर हो। कोई न कोई चीज जानने का, सीखने का उसकी इच्छा, अकांक्षा के अनुसार अवसर मिले और मैं नहीं चाहता हूं कि मेरे देश का नौजवान रोजगार के लिए पर्चियां लेकर के इधर-उधर भटकने के लिए मजबूर हो जाए। मैं चाहता हूं कि मेरे देश का नौजवान अपने कदमों पर खड़ा रहे, अपनी मंजिल खुद तय करे और खुद मंजिल पर तेज गति से आगे बढ़े, ऐसा माहौल पैदा करूं ताकि वो स्वाभीमान से जिंदगी जी सके।
हमने एक मुद्रा योजना बनाई, मुद्रा योजना। ये मुद्रा योजना ऐसी है की जो छोटे-छोटे तबके के लोग हैं, नौजवान लोग हैं, जिसको कुछ करने का इरादा है लेकिन पैसे नहीं हैं। उसको बेचारे को चाय की दुकान खोलनी होगी, इच्छा तो होगी, पैसे नहीं होंगे और किसी साहूकार से लेने जाएगा तो ब्याज तो बहुत होगा, हम जानते हैं साहूकारों का क्या होता है। हमने मुद्रा योजना के तहत, कोई भी गांरटी के बिना, ऐसे जो साहसिक लोग थे, उनको पैसा देना का फैसला कर लिया और इस भरोसे से किया, वो समय पर पैसा लौटा देगा। मेरे प्यारे नौजवानों ये योजना अभी-अभी शुरू की है, 6 महीने हुए हैं। अब तक साढ़े तीन करोड़ लोगों को करीब-करीब सवा लाख करोड़ रुपया उनको दे दिया है, कोई गांरटी के बिना दे दिया है और मुझे विश्वास है, वो पैसे लगाएगा, मेहनत करेगा, वो खुद तो रोजगारी कमाएगा लेकिन एक और नौजवान को रोजगार देने की ताकत वाला बन जाएगा, ऐसा एक बदलाव मैं देख रहा हूं।
भारत का नौजवान बुद्धिमान है, है न? तभी तो इतने लोग यहां बैठे हैं। दुनिया की अनजानी भूमि पर जाकर भी मिट्टी का सोना बनाने की ताकत आप लोगों में है। पता तक नहीं था वहां क्या होगा, चल दिए और आकर के अपनी दुनिया बसा ली, ये है ताकत हिंदुस्तानी मन में। भारत के नौजवान भी Innovative हैं, Intelligent हैं, साहसिक हैं। अगर एक बार चीज दिल में बस गई तो जिंदगी खपा देने वाले लोग हैं और इसलिए हमने Start Up movement शुरु किया, Start Up movement और आज दुनिया में भारत Start Up की दुनिया में चौथे नंबर पर खड़ा है और मैं तेज गति से उसको नंबर दो पर लाने की कोशिश में लगा हूआ हूं। हमारे नौजवान, उनके पास ideas हैं, कल्पनाशक्ति है, Technology है, Innovation है, कोई हाथ पकड़ने वाला चाहिए, ये दिल्ली में ऐसी सरकार बैठी है, जिन्होंने नौजवानों का हाथ पकड़ा है और Start Up को बल दिया है, ये Start Up की नई दुनिया खड़ी हो रही है और Start Up सिर्फ किसी इंसान का जेब भरता है, ऐसा नहीं है। Start Up की ताकत एक नया विश्व खड़ा करने की ताकत होती है, एक विषयों में नया बदलाव लाने की ताकत होती है।
एक Start Up अगर ऐसा Spark कर जाए तो जगत के तौर-तरीके बदल जाते हैं और आज हम देखते हैं कि पिछले 30 साल में Technology में जो Innovation हुए, जो Sparking point आए सारे जगत की दिशाएं बदल दी हैं। भारत के लोग ये कर सकते हैं….. और इसलिए देशवासियों की जो सामर्थ्य है, शक्ति है, उसे बल देना, देशवासियों की शक्ति के आधार पर देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाना, गरीबी से मुक्ति पाने के लिए भी, गरीबी के खिलाफ लड़ने के लिए, गरीबों को ताकत देना ताकि गरीब, गरीबी को परास्त करे, उस राह पर हम चल पड़े हैं और साथ-साथ दुनिया आधुनिक भी तो होनी चाहिए। अभी भारत ने एक साथ 20 सेटेलाइट आसमान में छोड़े, 20 सेटेलाइट एक साथ और 2 सेटेलाइट तो, दो कॉलेज के Students ने बनाए थे, वो already आज operational हैं, उनको जो काम दिया था भारत में वो आज सिग्नल दे रहे हैं और बाकी जो सेटेलाइट छोड़े, कुछ अमेरिका के थे, कुछ सिंगापुर के थे।
दुनिया के समृद्ध देश भी अपने सेटेलाइट लॉंचिंग के लिए भारत के वैज्ञानिकों की ताकत को, उसका लोहा मानने लगे हैं, तो हम उपनिषद से लेकर के उपग्रह तक भारत की जो विशाल शक्ति संपुट है। इस पूरे शक्ति-संपुटको लेकर के विश्व की नई ऊंचाइयों पर भारत का भी सितारा चमकता हो, उस दिशा में प्रयासरत हैं।
भाइयों-बहनों मैं आपको विश्वास दिलाता हूं आप जैसा हिंदुस्तान चाहते हो, वैसा ही हिंदुस्तान, हिंदुस्तान के सवा सौ करोड़ देशवासी बनाकर के रहेंगे, ये मैं आपको विश्वास दिलाता हूं। देश जग चुका है, देश चल पड़ा है, देश पहुंचने की कगार पर है, देश ने सपने संजो लिए हैं, उन सपनों को पूरा करने के लिए, देश संकल्पवान बन चुका है और देश पूरा परिश्रम करने के लिए सवा सौ करोड़ देशवासी पूरी ताकत से जुट चुके हैं और वही भव्य भारत के सपनों को साकार करने के लिए, दिव्य़ भारत के सपनों को साकार करने के लिए ये शक्ति हमारे साथ जुटी है और वही शक्ति है जो विश्व की आशा, आकांक्षाओं को पूर्ण करेगी भाइयों-बहनों।
दुनिया दो संकटों से गुजर रही है। एक तरफ Terrorism, आतंकवाद और दूसरी तरफ Global Warming, पूरा मानव जात के सामने चुनौतियां हैं, मानवता को चुनौतियां हैं और इसलिए भूतकाल में कभी भी मानवतावादी शक्तियों को एक आने की जरूरत जितनी पड़ी थी उससे आज करोड़ों-करोड़ों गुना मानवतावादी शक्तियों को एकसाथ आने की जरूरत पैदा हुई है। हम सभी भारतीयों ने विश्वभर में पूरे विश्वास के साथ, बड़ी श्रद्धा के साथ दुनिया के गले इस बात पहुंचाने की है कि अगर आप मानवता में विश्वास करते हो आइए एक हो जाइए। मानवतावादी शक्तियां जितनी जल्दी एकसाथ आएंगी, मानवतावादी शक्तियां जितनी जल्दी एकजुट होंगी उतना ही जल्दी अमानवीय ताकतों का खात्मा हो जाएगा।
अमानवीय शक्तियों का मुकाबला मानवीय शक्तियों से ही होने वाला है और इसलिए मानवतावादी शक्तियों का एक हो जाना और भारत का पूरा विश्व को एक ही संदेश है, मानवतवादी ताकतें एक आएं, मानवतावादी शक्तियां एक आएं, मानवतवादी शक्तियां एक होकर के, मानवतवाद के दुश्मन, उन शक्तियों को हम परास्त करें, ये मानवता के लिए आवश्यक है, किसी देश विशेष के लिए नहीं और उस संकल्प को हमें आगे बढ़ाना है।
उसी प्रकार से Global Warming, Global Warming के जनक ऐसा नहीं है, हजार साल पहले सूरज कम तपता था अब ज्यादा तपता है, उसने अपने में कोई बदल नहीं किया है। अगर बर्बादी की है तो हम मनुष्य जाति ने की है। Global Warming का कारण हमने जिस प्रकार से प्रकृति को exploit किया, शोषण किया, उसी का नतीजा है कि आज मानव संकट में आया है, प्रकृति संकट में आई है।
भारत का मूल विचार दुनिया को इस संकट से बचाने का रास्ता दिखा सकता है। हमारे पूर्वजों ने हमेशा कहा कि परमात्मा ने हमारी need पूरा करने के लिए sufficient सब कुछ दिया है लेकिन हमारी greed पूरी करने के लिए ये दूनिया भी कम पड़ जाएगी और इसलिए हमारे संकट के मूल में हमारी greed है, need के कारण संकट पैदा नहीं हुए हैं। प्रकृति की रक्षा करना, प्रकृति को प्रेम करना, प्रकृति से संघर्ष का रास्ता छोड़ देना, ये Global Warming से आने वाली पीढ़ियों को बचाने के लिए हम लोगों की जिम्मवारी है।
अगर आज हम पानी पी सकते हैं, अगर आज हम शुद्ध हवा ले सकते हैं, अगर आज हम हरियाली देख सकते हैं तो उसका कारण हमारे पूर्वजों ने हमारे लिए कुछ छोड़ा है, जो हमें मिला है। अगर हम भी हमारी आने वाली पीढ़ी के लिए कुछ छोड़कर नहीं जाएंगे तो उनके लिए कुछ नहीं बचेगा। अगर हमारे पूर्वजों ने हमारे लिए छोड़ा तो हमारा दायित्व है कि प्रकृति हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए हम भी बचाकर के रखें। इन दो वैश्विक बातों को लेकर के हम आगे बढ़ें।
इसी एक अपेक्षा के साथ, इस विशाल जनसागर को मैं नमन करता हूं। आपने जो प्यार दिया, जो स्वागत किया, सम्मान किया और बारीकी से इस अवसर को आपने अनेक रंगों से रंग दिया। आप बहुत-बहुत अभिनंदन के अधिकारी हैं। मैं आपका बहुत-बहुत आभार व्यक्त करता हूं, बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूं फिर एक बार आप सबको धन्यवाद। नमस्कार, वणक्कम, आवजो।
Surprise guest for the community programme in Nairobi...President @UKenyatta joins the programme, meets PM. pic.twitter.com/sSrMqpufRB
— PMO India (@PMOIndia) 10 July 2016
Kasarani Stadium is all set for community programme. President @UKenyatta begun his speech. https://t.co/Iy8hu3Nre5 pic.twitter.com/2yPJKA2rIr
— PMO India (@PMOIndia) 10 July 2016
You have made this land your own and are contributing to this nation's progress: PM @narendramodi to the Indian community in Kenya
— PMO India (@PMOIndia) 10 July 2016
We hosted the India-Africa Summit where heads of state of African nations came to India: PM @narendramodi in Nairobi https://t.co/Iy8hu3Nre5
— PMO India (@PMOIndia) 10 July 2016
Africa is very vital for India. Our journeys have been shared: PM @narendramodi at the community programme in Nairobi
— PMO India (@PMOIndia) 10 July 2016
India is not a selfish nation, only bothered about ourselves. We believe in Vasudhaiva Kutumbakam: PM @narendramodi in Nairobi
— PMO India (@PMOIndia) 10 July 2016
It is because of you all that the world's way of looking at India has changed and they look at India in a way that makes us all happy: PM
— PMO India (@PMOIndia) 10 July 2016
The world is facing an economic crisis but India is growing at a quick pace: PM @narendramodi in Nairobi
— PMO India (@PMOIndia) 10 July 2016
We gave an impetus to good governance and to bring a positive difference in the lives of our citizens: PM @narendramodi in Nairobi
— PMO India (@PMOIndia) 10 July 2016
Through the 'Narendra Modi App' you will get all details about what I am doing and you will also know about the Government: PM @narendramodi
— PMO India (@PMOIndia) 10 July 2016
There is a Garv App. This App will tell you about electrification of villages, a task we have been doing very diligently: PM in Nairobi
— PMO India (@PMOIndia) 10 July 2016
PM @narendramodi talks about rural electrification in India & how the Garv App gives timely information on this. @PiyushGoyal
— PMO India (@PMOIndia) 10 July 2016
India can show the way when it comes to mitigating the menace of climate change: PM @narendramodi in Nairobi
— PMO India (@PMOIndia) 10 July 2016
Glad that President @UKenyatta has joined us for the community programme in Nairobi. pic.twitter.com/n8AhoMdvkz
— Narendra Modi (@narendramodi) 10 July 2016
Thank you for the warm welcome, President Kenyatta and thank you for joining the programme. https://t.co/nR7XYwEieb
— Narendra Modi (@narendramodi) 10 July 2016
Pictures from the community programme this evening. The atmosphere was full of vibrancy. pic.twitter.com/RxudRsokEm
— Narendra Modi (@narendramodi) 10 July 2016
Here is my speech at the programme. https://t.co/MvRVp4Ka0t
— Narendra Modi (@narendramodi) 10 July 2016
Terrorism & global warming are challenges that must be urgently mitigated. We all need to unite to do so.https://t.co/bsPxvJpwD0
— Narendra Modi (@narendramodi) 10 July 2016
While talking of good governance, spoke of Garv App & how it combines technology & transparency to deliver results.https://t.co/ks6mIcgX7x
— Narendra Modi (@narendramodi) 10 July 2016
अभी और आगे बढ़ना है, देश को और नयी ऊँचाइयों पर ले जाना है!https://t.co/ZEKLGYkj5L
— Narendra Modi (@narendramodi) 10 July 2016